Friday, July 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

ऑनलाइन जुआ देश के भविष्य को बर्बाद कर देगा

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
July 30, 2021
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

ऑनलाइन जुआ देश के भविष्य को बर्बाद कर देगा

गिरीश मालवीय

बहुत शातिराना तरीके से पहले ऑनलाइन गेमिंग की लत लगाई गई और अब अपना असली उद्देश्य यह गेमिंग इंडस्ट्री सामने लाई है, यह है – ऑनलाइन जुआ. आज भास्कर के इंदौर संस्करण में फ्रंट पेज पर फुल पेज विज्ञापन छपा है कि ‘स्पिनर घुमाओ और विनर बनो.’ कल तक यह कम्पनियां ढंके छुपे ढंग से भारत में ऑनलाइन रम्मी और आईपीएल क्रिकेट टीम बनाने के खेल खिला रही थी लेकिन आज तो पानी सर से गुजर गया है. आज तो साफ साफ कैसिनो की स्पिनर मशीन का ही फोटो लगा कर कहा जा रहा है कि इसे घुमा कर दांव लगाइये और जीत लीजिए आईफोन 12 जैसे प्राइज !

You might also like

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

गेमिंग का शौक अधिकतर बच्चों और युवाओं को होता है और वह गेम खेलने वक्त अपना भला-बुरा नहीं समझ पाते. भारत में 53 करोड़ स्मार्टफोन यूजर हैं. अधिकतर स्मार्टफोन इन्हीं के पास है. यही इन ऑनलाइन गेमिंग कम्पनियों के टारगेट हैं. आपने देखा ही होगा कि आईपीएल के साथ जमकर ऑनलाइन जूए से सम्बंधित गेम्स को प्रमोट किया गया था.

मैं स्वयं ऐसे लोगों को जानता हूं जिन्हें पिछले लॉकडाउन में ऑनलाइन गेम खेलने का नशा चढ़ गया. उन्हें लगा कि गेम खेलकर बहुत सारा पैसा आसानी से कमाया जा सकता है और इसी कोशिश में वो बहुत सारा पैसा गवां बैठे. आज वह आर्थिक मुश्किलों में घिरे हुए हैं.

जिस कम्पनी का यह विज्ञापन है, उसके पास अभी 50 लाख रजिस्टर्ड यूजर हैं और ‘2022 के अंत तक 2 करोड़ 50 लाख यूजर तक पहुंचने का लक्ष्य बनाए हुए है.’ इस तरह के विज्ञापन के जरिए वह अपने ब्रांड की आक्रामक ब्रांडिंग कर रहे हैं. तीन हफ्ते पहले ही उसे अमेरिकी कम्पनी ग्रिफिन गेमिंग पार्टनर्स से 65 मिलियन डॉलर का निवेश मिला है.

साफ दिख रहा है कि खुलेआम ऐसे विज्ञापनों के जरिए ऑनलाइन जुए का जहर युवाओं में इंजेक्ट किया जा रहा रहा है. एक पूरी पीढ़ी को बर्बाद किया जा रहा और तमाम सरकारे चाहे वह केंद्र की सरकार हो या राज्य सरकार सब कुछ देखते हुए भी चुप होकर बैठी हुई है.

आज सुबह ही देश भर के कई अखबारों के फ्रंट पेज पर ऑनलाइन जुए के प्रमोशन का फुल पेज एड छपा है और आज ही बीजेपी नेता बीजेपी नेता राम कदम ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑनलाइन गेम गैम्बलिंग में राज कुंद्रा और शिल्पा शेट्टी का नाम लिया है. राम कदम ने कहा, ‘राजकुंद्रा ने ऑनलाइन गेम GOD के जरिए धोखाधड़ी की है.’

राम कदम ने इस गेम के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा, ‘राज कुंद्रा की विआन इंडस्ट्री के नाम पर कंपनी है, जिसमें वह डायरेक्टर है. विआन कंपनी का एक ऑनलाइन गेम है, जिसका नाम है GOD (Game of Dots). इस गेम को वैध खेल बताया गया है. इस खेल का प्रमोशन करते हुए पहले बताया गया था कि यह गेम सरकार की तरफ से मान्यता प्राप्त है. इस खेल में प्राइज मनी देने की बात भी की गई थी. गेम का नाम पर लोगों से पैसे ठगे गए. 2500 से 3000 करोड़ का घोटाला विआन इंडस्ट्री ने किया है.

दरअसल G.O.D ऑनलाइन गेम है जो पारंपरिक ‘स्पॉट-द-बॉल’ गेम से प्रेरित है. इसमें एक चित्र में क्रिकेट गेंद की स्थिति निर्धारित कर उसका स्पॉट ढूंढना होता है. दो दिन पहले अहमदाबाद गुजरात के रहने वाले व्यापारी हीरेन परमार ने राज कुंद्रा पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया था. हिरेन को राज कुंद्रा की कम्पनी के इस गेम का डिस्ट्रीब्यूटर बनने को कहा गया था और इसके लिए उनसे तकरीबन 3 लाख रुपए भी लिए गए थे लेकिन उन्हें डिस्ट्रीब्यूटरशिप आज तक नहीं दी गयी.

यह चित्र 2019 का है जब राज कुंद्रा को साल भर में 480 पेड़ लगाने के लिए चैम्पियंस ऑफ चेंज अवॉर्ड से नवाजा गया था, उन्हें मोदी सरकार की ओर से पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ये अवॉर्ड दिया था, जो स्वच्छ भारत मिशन उनके योगदान के लिये था. वाकई राज कुंद्रा ‘चैम्पियंस ऑफ चेंज’ अवार्ड के हकदार है.

Read Also –

राज कुंद्रा-शिल्पा शेट्टी को बड़े मामलों से बचाने के लिए पोर्नोग्राफी जैसे छोटे मामलों में फंसाया गया ?

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

हिसाब तो तुझे देना ही होगा सरकार !

Next Post

टूटे जूते

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

लोकतंत्र के अंतिम किले का पतन : भाजपा की ढाल बना चुनाव आयोग

by ROHIT SHARMA
June 16, 2026
Next Post

टूटे जूते

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

रंगदारी और रंगदारी टैक्स…बिहार की पहचान है !

July 29, 2024

दलित चेतना एक प्रति–सांस्कृतिक चेतना है

July 28, 2024

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

July 20, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.