धर्मों के झूठ और बच्चों वाली बातों से बाहर निकलो यार !
धर्मों के झूठ से बाहर निकलो यार ! हिमांशु कुमार सभी धर्मों की शुरुआत 3500 साल के अंदर-अंदर हुई है....
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Read moreDetailsदलित चेतना एक प्रति–सांस्कृतिक चेतना है यदि हरबर्ट मार्खेज के शब्दों में कहें, तो दलित चेतना एक प्रति–सांस्कृतिक चेतना है...
Read moreDetailsअंग्रेजों के औपनिवेशिक काल के कानूनों की जगह लेने वाले तीन नए कानून एक जुलाई से लागू हो गया. पुराने...
Read moreDetailsअभी क्यों आया चीनी निवेश को अपग्रेड करने का सुझाव चन्द्रभूषण भारत-चीन आर्थिक संबंध किसी निश्चित रास्ते पर चलने का...
Read moreDetailsलकड़बग्घा हंस रहा है... फिर से तपते हुए दिनों की शुरूआत हवा में अजीब सी गन्ध है और डोमों की...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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