‘किसी की ट्रेजडी किसी की कॉमेडी बन जाती है’ – चार्ली चैपलिन
'किसी की ट्रेजडी किसी की कॉमेडी बन जाती है' - चार्ली चैपलिन एक बार आठ-दस साल का चार्ली चैप्लिन लंदन...
Read moreDetails'किसी की ट्रेजडी किसी की कॉमेडी बन जाती है' - चार्ली चैपलिन एक बार आठ-दस साल का चार्ली चैप्लिन लंदन...
Read moreDetails...इसके बावजूद इन चुनावों में बहुत कुछ दांव पर है लोकसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण की वोटिंग हो रही...
Read moreDetailsभ्रष्टाचार को मिटाने का दावा करने वाली भाजपा आज 'भारतीय डस्टबिन पार्टी' बन गई है. अब यह डस्टबिन इतनी बुरी...
Read moreDetailsविचित्र पत्थर वाराणसी से कलकत्ता तक पानी वाले जहाज का संचालन शुरू हो गया है. अभी सिर्फ मालवाहक जहाज ही...
Read moreDetailsमज़दूरों के लिए इतना बुरा वक़्त कभी नहीं रहा 'बदलते पर्यावरण के मद्देनज़र, कार्य क्षेत्र पर सुरक्षा एवं स्वास्थ्य सुनिश्चित...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.