गुरू घंटाल
गुरू घंटाल न जाने कब तक जिन्दा रहेगा और न जाने कब तक अज्ञान का घंटा बजाता रहेगा जिसके शोर...
Read moreDetailsगुरू घंटाल न जाने कब तक जिन्दा रहेगा और न जाने कब तक अज्ञान का घंटा बजाता रहेगा जिसके शोर...
Read moreDetailsजवाहर का खून, उनकी रगों में अपना रंग दिखा रहा है 1947 का मशहूर किस्सा है... पार्टीशन की बेला थी,...
Read moreDetailsअगर मुझे किसी मंदिर से और किसी वेश्यालय से एक साथ निमंत्रण मिले तो मैं वेश्यालय जाना पसंद करूंगा, क्योंकि...
Read moreDetailsबिहार की शान पटना संग्रहालय (म्यूजियम) तथा अन्य ऐतिहासिक धरोहरों को बचाने के लिए 'पटना संग्रहालय बचाओ विरासत बचाओ संघर्ष समिति'...
Read moreDetailsप्रस्तुत आलेख सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय कमेटी द्वारा वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद 11 जून, 2019 को पार्टी...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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