आज मार्क्स की प्रासंगिकता पहले से कहीं अधिक है !
'मार्क्सवाद के अंदर बहुत से सिद्धांत हैं, लेकिन अंतिम रूप से उन सबको सिर्फ एक पंक्ति में समेटा जा सकता...
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Read moreDetailsमेरे हाथों में पड़ी मेरे कुत्ते की जीन पर खिंचाव बढ़ता जा रहा है मेरे कुत्ते को इस दौड़ में...
Read moreDetailsभाजपा जो फसल काट रही है, वह 'गीता प्रेस' ने तैयार की है सत्यवीर सिंह महात्मा गांधी के विचारों का...
Read moreDetailsहिमांशु कुमार भारतीय इतिहास में वेदों या पुराणों में राजाओं की कहानियां हैं. इन राजाओं को ब्राह्मणों ने भगवान बताया....
Read moreDetailsसमाजवादी समाज की उपलब्धियां : शिक्षा और रोजगार मनीष आजाद आज अगर हमारे बेरोजगार नौजवान सरकार से रोजगार मांगने के...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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