लुगदी साहित्य से ज़्यादा ज़रूरी है गालियों की पढ़ाई
अगर लोकप्रियता कोर्स में लगाने का पैमाना है तो यह हर लोग मानेंगे कि गुलशन नंदा या ओमप्रकाश शर्मा जैसे...
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Read moreDetailsधर्मनिरपेक्ष राजनीति के पैरोकार अतीक अहमद : आरंभ से अंत तक आभा शुक्ला इलाहाबाद जंक्शन से हर सुबह एक तांगा...
Read moreDetailsगंगा के भीमगोड़ा में बैराज : ब्रिटिश इंजीनियर थामस कॉटली का संघर्ष और अगड़ा ब्राह्मण समाज का विरोध साल 1837...
Read moreDetailsमनीष कश्यप : संघ-भाजपा के साम्प्रदायिक राजनीति का पिटा हुआ बिहारी मोहरा बिहार में दशकों से जारी नक्सलबाड़ी की राजनीति...
Read moreDetailsफ़िल्म शक्ति (1982) में सदी के महानायक नायिका से फरमाते हैं - 'जाने कैसे कब और कहां इकरार हो गया...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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