फ़ासिस्ट भाजपा से संवैधानिक (चुनावी) तरीके से नहीं जीत सकते हैं !
फ़ासिस्ट भाजपा से संवैधानिक (चुनावी) तरीके से नहीं जीत सकते हैं ! सुब्रतो चटर्जी बुर्जुआ, लिबरल लोकतंत्र को पुनर्जीवित करने...
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Read moreDetailsतस्वीर- 1 : जादवपुर यूनिवर्सिटी की छात्राओं ने रिपब्लिक भारत चैनल के रिपोर्टरों को कूट-कूटकर बताया मीडिया का सही उपनाम...
Read moreDetailsशीशमहलों की संस्कृति : शीश महल जितने ऊंचे होते जाते हैं, उसमें बैठे हुए बौनों की ताकत उतनी अतुलित, असीमित...
Read moreDetailsनिजी संपत्ति के संबंधों ने औरत को भी संपत्ति बना दिया. (निजी) सम्पत्ति संबंधों से निकलने में ही औरत की...
Read moreDetailsक्या सुरक्षा बलों के जवानों द्वारा किसी महिला का रेप किए जाने पर, पीड़ित महिला की आवाज उठाना गुनाह है...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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