Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

…राहुल 24 हारने को तैयार हैं !!

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
August 2, 2023
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
...राहुल 24 हारने को तैयार हैं !!
…राहुल 24 हारने को तैयार हैं !!

राहुल 24 हारने को तैयार हैं ! जी हां, भाजपा ने तैयारी शुरू कर दी है, जो (हालांकि 2019 की शपथ से लगातार जारी है) कुछ बानगी इस तरह है. 38 दल साथ आ चुके. इससे फर्क नहीं पड़ता कि 30 को चुनाव आयोग से मान्यता ही नहीं है. पीएम संसद सत्र के लिए संसद नहीं जाते, पर उसी भवन के दूसरे कमरों में क्षेत्रवार, राज्यवार सांसदों से मिल रहे हैं.

वे बूथ की मजबूती को प्रथम महत्व देते हैं इसलिए पार्टी कार्यकर्ताओं का सम्मेलन कर रहे हैं. वे अपने लोगो का उत्साह बढा रहे हैं. चुनाव को लेकर इतने मसरूफ हैं कि इतिहास में पहली बार एक प्रधानमंत्री संसद में अपनी सरकार पर आये अविश्वास पर, विश्वास मांगने का वक्त नही निकाल पा रहा.

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

वे हर भाषण में, चाहे सड़क का उद्घाटन हो, एयरपोर्ट लाउंज खोलना हो, हैंडपंप खोदना हो, या शौचालय का शिलान्यास हो. सामने खड़े श्रोता सैनिक हों, कर्मचारी हो, पायलट हो, वैज्ञानिक हो, या हग्गे का मग्गा लिए पेट पकड़ा बन्दा…कतई मायने नहीं रखता. वे कैमरे में देखकर विपक्ष को गरिया रहे हैं.

मगर असली खेला, असली मास्टरस्ट्रोक, सच्ची तैयारी तो है, मणिपुर और मेवात. कल मुम्बई की ट्रेन भी एक कार्यकर्ता चुनाव प्रचार करते पकड़ा गया. विपक्ष के 4 वोट खराब कर दिए उसने. तो तीन राज्य तो झांकी है, 27 अभी बाकी है. अगले 10 माह में आपका इलाका भी इस टाइम टेबल में शामिल है. और कांग्रेस कहां है ?

हमारे जमाने में शिक्षक पढाता था, हम पढ़ते थे और परीक्षा देते थे. हां, एग्जाम के एक हफ्ते पहले पढ़ाई के थोड़े बहुत घण्टे बढ़ा देते थे. आज जमाना अलग है. स्कूल बेमानी है. अब कोचिंग चाहिए. 10 किताबों के ऑब्जेक्टिव और 20 सालों में हुए एग्जाम के सवाल बनाने होते हैं. मंथली, वीकली, डेली, टेस्ट होता है.

ऑनलाइन, ऑफलाइन, ओरल, प्रोजेक्ट, क्युरिकुलर को क्युरिकुलर, सब्जेक्ट एनरिचमेंट एक्टिविटी, प्रोड्क्टविटी, स्ट्रेसमैनेजमेंट, कॉग्निटिव और थिंकिंग एबिलिटी, पावरपॉइंट और कोडिंग करनी पड़ती है.

ठीक उसी अंदाज में भाजपा घर से लेकर पन्ना, पन्ने से लेकर बूथ, बूथ से मण्डल, मण्डल से जिला, जिला से राज्य, राज्य से दिल्ली और दिल्ली से नागपुर तक सब कुछ टाइम टेबल के हिसाब से कोटा स्टाइल में चलती है.

मिनट टू मिनट, मैन टू मैन मार्किंग. कौन से सवाल हल करने हैं, कौन से नहीं, पहले से पता है. तो वह इंडियंस में से हिन्दू हल करती है. उसमें भी सिकुलरों को छोड़कर ब्राह्मण, बनिया और मैतेई हल करती है.

वो पिछड़े में अति पिछड़ा, यादव में जाटव, दलित में सुपर दलित, मुसलमानों से अहमदिया हल करती है. वो कांग्रेस से ज्योतिरादित्य, शिवसेना से शिंदे, एनसीपी से अजीत को हल करती है. बाकी 65% थोथा छोड़ देती है. उसे कटऑफ मार्क्स से मलतब है. राहुल, कांग्रेस इस होल एबी स्क्वेयर वाले आइनस्टोनियन-न्यूटोनियन फ्रेमवर्क में पासंग नहीं ठहरते.

दरअसल राहुल को लगता है कि गांधी ने तो कभी बूथ मजबूत न किये. कार्यकर्ता सम्मेलन न किये, बनिया दलित न किया. दंगे न भड़काए, एजेंसियों का सपोर्ट न लिया, आईटी फार्वर्ड न किये. समाज को समाज समझा, देश को देश. बिना क्वांटम मैकेनिक्स के फार्मूले लगाए, हर जगह कांग्रेस झंडा लहराती रही.

सोचिये भला कि जिन्ना को मानहानि या हेट स्पीच में जेल भिजवाना कौन सा कठिन काम था. टैक्स के छापे डालकर एफआईआर ही करा देते. संपत्ति जप्त, रोज के मुकदमें.  जिन्ना कांग्रेस जॉइन करके नेहरू के डिप्टी बन जाते.

कांग्रेस ने यह सब न किया. गांधी ने यह नहीं किया. वे बस चलते थे चुपचाप. जनता के बीच जाते. सबको गले लगाते, प्रेम सद्भाव, शांति, स्वराज, सुराज की बात करते. इकहरी धोती में घूमते.

तो राहुल इकहरी टीशर्ट में घूम रहे हैं. वही काम कर रहे हैं. गांधी के खड़ाऊं में पैर डाल रहे हैं. अडानी के स्पोर्टिंग शू डाले धावक से उनका कोई मुकाबला कहां सम्भव है !

मगर जनता उसका भला चाहती है. वो चाहती है, उनका राहुल फाइट करे. वही करे जो पड़ोसी का बच्चा करता है. ऑनलाइन, ऑफलाइन, बूथ, कार्यकर्ता, मैसेजिंग, ब्रांडिंग, ओरल, प्रोजेक्ट, क्युरिकुलर, को क्युरिकुलर, सब्जेक्ट एनरिचमेंट एक्टिविटी, प्रोड्क्टविटी, स्ट्रेसमैनेजमेंट, कॉग्निटिव और थिंकिंग एबिलिटी, पाई चार्ट, बार चार्ट, पावरपॉइंट, कोडिंग .. उफ्फ !!!

राहुल करता क्यों नहीं ?? जो न करे तो उस राहुल को कैसे पसन्द करें ? अरे, वोट कैसे करें ?? राहुल को भाजपा जैसे कुछ सीरियस करके दिखाना चाहिए.

और राहुल दांत निपोरे पोरबंदर की तरफ बढ़ रहा है. मोहब्बत की दुकान जैसे ‘किताबी जुमले’ बोल रहा है. यहां कांग्रेस खत्म होने वाली है, 55 सीट पे आ गयी, ये हंस रहा है, बेफिक्र है.

अरे, हम किसी को चुनाव ऐसे नहीं जितवाते. ऐसे करोगे तो हम एक्को वोट नहीं देंगे. फेल कर देंगे, यह बात घर घर बैठे चिंतित एग्जामिनर खुद ही बता रहे हैं. मगर राहुल है कि मानता नहीं. इसलिए साफ है…राहुल 24 हारने को तैयार हैं !!

  • मनीष सिंह

Read Also –

 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

तुम्हारी आंखें

Next Post

सच्चे कम्युनिस्ट थे शहीद-ए-आजम भगत सिंह

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

सच्चे कम्युनिस्ट थे शहीद-ए-आजम भगत सिंह

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

हमारी भाग्यवादी मानसिकता, पलायनवादी प्रवृत्ति और अकर्मण्यता का ही परिचायक है

December 5, 2023

यू-ट्यूब के इतिहास में ‘डिसलाईक’ का कीर्तिमान रचते नरेंद्र मोदी

August 31, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.