Monday, September 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

एसबीआई : पापों का प्रायश्चित

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
January 4, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

एसबीआई : पापों का प्रायश्चित

पं. किशन गोलछा जैन, ज्योतिष, वास्तु और तंत्र-मंत्र-यन्त्र विशेषज्ञ
मिश्रा जी, ये F5 किधर है ?’ मैडम की उम्र 44-45 के आसपास होने के कारण शायद मिश्रा जी पास आकर मदद करने की जहमत नहीं उठाते इसलिये वहीं बैठे-बैठे जोर से बोलते हैं, ‘की-बोर्ड में सबसे ऊपर देखिये मैडम !’

जरूरी नहीं कि पापों के प्रायश्चित के लिये मलमास में आप दान पुण्य ही करे, आप एसबीआई में खाता खुलवा कर भी प्रायश्चित कर सकते हैं. अगर भूल से छोटा-मोटा पाप हो गया हो तो बैलेंस पता करने चले जाये. चार काउन्टर पर धक्के खाने के बात पता चलता है कि बैलेंस मिश्राइन मैडम बतायेगी.

You might also like

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

मिश्राइन मैडम का काउन्टर कौन-सा है ? ये पता करने के लिए फिर किसी काउन्टर पर जाना पड़ता है. तब आपका लेवल वन कम्प्लीट होता है (यानि मिश्राइन मैडम का काउन्टर पता चल गया है लेकिन अभी थोड़ा वेट करना पड़ेगा क्योंकि मैडम अभी सीट पर नहीं है). आधे घंटे बाद चश्मा लगाये पल्लू संभालती हुई युनिनोर की 2जी स्पीड से चलती हुई मैडम सीट पर विराजमान हो जाती है.

आप मैडम को खाता नंबर देकर बैलेंस पूछते हैं. मैडम पहले तो आपको इस तरह घूरती है जैसे आपने उसकी तिजोरी की चाबी मांग ली हो ! आप भी अपना थोबड़ा ऐसे बना लेते है जैसे सुनामी में आपका सब कुछ उजड़ गया है और आज की तारीख में आपसे बड़ा लाचार दुःखी कोई नहीं है.

मैडम को आपके थोबड़े पर तरस आ जाता है और बैलेंस बताने जैसा भारी काम करने का मन बना लेती है लेकिन इतना भारी काम अकेली अबला कैसे कर सकती है ? तो मैडम सहायता के लिए आवाज लगाती है ‘मिश्रा जी, ये बैलेंस कैसे पता करते है ?’ मिश्रा जी एक अबला की करुण पुकार सुनकर अपने ज्ञान का खजाना खोल देते हैं और मिश्राइन मैडम को बताते हैं कि पहले तो खाते के अंदर जाकर क्लोजिंग बैलेंस पर क्लिक करने पर बैलेंस आ जाता था, लेकिन अभी सिस्टम चैंज हो गया है इसलिये अभी आप F5 दबाये और इंटर मार दे तो बैलेंस दिखा देगा !’

मिश्राइन मैडम चश्मा ठीक करती है. तीन बार मोनिटर की तरफ और तीन बार की-बोर्ड की तरफ नजर मारती है, फिर उंगलियां की-बोर्ड पर ऐसे फिराती है जैसे कोई तीसरी क्लास का लड़का वर्ल्ड मैप में सबसे छोटा देश मस्कट ढूंढ रहा हो. मैडम फिर मिश्रा जी को मदद के लिए पुकारती है, ‘मिश्रा जी, ये F5 किधर है ?’ मैडम की उम्र 44-45 के आसपास होने के कारण शायद मिश्रा जी पास आकर मदद करने की जहमत नहीं उठाते इसलिये वहीं बैठे-बैठे जोर से बोलते हैं, ‘की-बोर्ड में सबसे ऊपर देखिये मैडम !’

लेकिन सबसे ऊपर तो सिर्फ तीन बत्तियां जल रही है. मिश्राइन मैडम फिर से लाचार होकर पूछती है क्योंकि कम्प्यूटर चलाना अभी भी ठीक से आता नहीं है. तभी मिश्रा जी की फिर आवाज आयी – ‘हां, उन बत्तियों के नीचे एक लम्बी लाईन है जिसमे F1 से लेकर F12 तक है, वहां देखिये !’ फायनली, मैडम को F5 मिल जाता है.

मैडम झट से बटन दबा देती हैं लेकिन जैसे कि सरकारी कम्प्यूटर में अभी भी विंडो एक्सपी ही प्रयोग में है तो मोनिटर पर आधे घंटे जलघड़ी (कुछ लोग उसे डमरू समझते हैं) बनी रहती है. अंत में, एक मैसेज आता है, ‘Session expired – Please check your connection.’ मैडम एक नजर आपके लाचारी से पुते चेहरे पर डालती है और कहती है – ‘सॉरी, सर्वर में प्रोब्लम है.’

कहने का टोन ठीक वैसा ही होता है जैसे पुरानी फिल्मों में डॉक्टर ऑपरेशन थियेटर से बाहर आ कर कहता था- ‘सॉरी !!! हमने बहुत कोशिश की पर ठाकुर साहब को नहीं बचा पाये’ और आप अंदर से धधकते दिल में मैडम का मर्डर कर देने वाले विचार के साथ चेहरे पर जबरन मुस्कराते हुए कहते हैं – ‘कोई बात नहीं मैडम.’

Read Also –

पीएमसी (पंजाब और महाराष्ट्र को-आपरेटिव बैंक)
इलेक्टोरल बाॅन्ड : राजनीतिक दलों की चुनावी फंडिंग पर पारदर्शिता

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

लिबरल होने के मायने

Next Post

सरकारी खर्च कम करने के नुस्खे !

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

by ROHIT SHARMA
September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

by ROHIT SHARMA
August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

by ROHIT SHARMA
August 27, 2026
Next Post

सरकारी खर्च कम करने के नुस्खे !

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

माओवादी हमले में मारे गये पत्रकार पर माओवादियों की स्पष्टता

December 9, 2018

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने किया इस जनविरोधी और कॉरपोरेटपरस्त बजट की प्रतियां जलाने का आह्वान

July 25, 2024

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

August 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

प्रशांत बोस उर्फ किशन दा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

August 26, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.