Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

21 सितंबर को रूस के महाप्रलयकारी हमले के कयास और पुतिन की अविचलित रणनीति

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
September 21, 2023
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
21 सितंबर को रूस के महाप्रलयकारी हमले के कयास और पुतिन की अविचलित रणनीति
21 सितंबर को रूस के महाप्रलयकारी हमले के कयास और पुतिन की अविचलित रणनीति

कल 21 सितंबर को अमरीकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और लगभग आधे बचे हुए यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की की मुलाकात होने जा रही है. पश्चिमी मीडिया ने अपने डर और कयासों का इस समय ऐसा संग्राम छेड़ रखा है कि दुनिया के बाकी देश भी 21 सितंबर को पुतिन की तरफ से बड़ा हमला होने को तय मान रहे हैं, जबकि वास्तविकता में ऐसा कुछ नहीं है.

रूस के यूक्रेन पर हमले जारी रहेंगे, हां जेलेंस्की-बाइडन की मुलाकात के दरमियान पुतिन कुछ खास संदेश तो दे सकते हैं लेकिन यह संदेश किस शक्ल में दिया जायेगा, इस पर कुछ सटीक नहीं कहा जा सकता. युद्ध छिड़ा हुआ है तो कुछ बड़े हमले भी हो सकते हैं.

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

लेकिन पश्चिमी मीडिया का ये कहना पुतिन कई नाटो देशों का वजूद मिटाने जा रहे हैं, यह सिर्फ नाटो अमरीका की बदहवासी भर है, जिससे साफ पता चलता है कि नाटो सदस्य देशों के पास पुतिन का सामना करने के लिए मीडियाई प्रोपेगंडा से अलावा कुछ नहीं बचा है.

किम जोंग उन की रूस यात्रा के दौरान अमेरिका ने उत्तर कोरिया को धमकी भरे लहजे में अंजाम भुगतने की जो चेतावनी दी थी उसका जबाब देने में पुतिन ने कत्तई देर नहीं की. किम जोंग उन को विदा करने के बाद पुतिन ने रूस में नियुक्त दो अमरीकी राजनयिकों को तुरंत रूस से निकल जाने का फरमान जारी कर दिया, जिससे ह्वाइट हाउस तक में हड़कंप मच गया. ह्वाइट हाउस के एक अज्ञात शीर्ष अधिकारी के अनुसार –

‘हम जानते हैं पुतिन की छोटी कार्रवाइयां कितनी बड़ी चीज की ओर इशारा करती हैं और वह उसे मुकाम तक पहुंचा कर ही दम लेते हैंं लेकिन अमरीका इन चीजों में बातचीत से सुलह का हिमायती है, हम सोचते हैं रूस से सीधे तौर पर नहीं लड़ा जा सकता लेकिन बचाव के लिए जबाबी कार्रवाई से नाटो कभी नहीं जीत सकता.’

उधर सीआईए ने किम जोंग उन और पुतिन की मुलाकात पर एक ऐसा दावा कर दिया है जिससे नाटो सदस्य देशों के हौंसले उड़न-छू हो गये हैं. सीआईए ने अपने जासूसी इनपुट के आधार पर कहा है कि –

‘नाटो विरोधी ‘रूस नेतृत्व CSTO मुल्कों’ के साथ उत्तर कोरिया, चीन रूस अपनी अगुवाई में यूक्रेन युद्ध को खत्म नहीं होने देना चाहते हैं. इन देशों की रणनीति है कि सभी नाटो देशों की सैन्य ताकत को यूक्रेन युद्ध में ही खत्म कर दिया जाये, फिर एक साथ ब्रिटेन और अमरीका में धावा बोल दिया जाये.’

सीआईए के इस रिपोर्ट को बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको ने नाटो देशों की बचकानी बातें कही हैं. लुकाशेंको ने कहा –

‘हां ये सही है युद्ध जारी रहेगा और इसका स्वरूप और विस्तार को दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती हम अपनी तैयारी और जीत के प्रति आश्वस्त हैं.’

बहरहाल, रूस का यूक्रेन पर हमलों का सिलसिला गुणात्मक तौर पर रफ्तार पकड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर यूक्रेन भी रूस पर हमले करने से बाज नहीं आ रहा है. अमरीका का स्वघोषित एक अजेय फाइटर F-35 विमान ने रविवार को उस समय अमरीकी रक्षा विभाग की पूरी दुनिया में भद्द पिटवा दी, जब इस फाइटर जेट में तकनीकी खराबी आ जाने से पायलट ने फाइटर जेट को चालू हालत में छोड़ पैरासूट से छलांग लगा दी और फाइटर जेट बिना पायलट के लगभग 600 किमी दूर तक उड़ान भरते हुए एक जंगल के बीचोंबीच क्रैश हो गया.

सोशल मीडिया में दुनिया भर के यूजर्स ने इस पर अमरीकी रक्षा उपकरणों के बारे में तंज मारते हुए ‘पुतिन के दहशत से अमरीकी फाइटर जेट गायब’ कहकर खूब मजे लिए गए हैं. रूसी समाचार एजेंसी ‘तास’ के अनुसार कल सुबह 4 बजे से आज दोपहर दो बजे तक रूसी सेना ने यूक्रेन के 4 शहरों पर मिसाइल हमलों से कई यूक्रेनी सैन्य ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया है.

बड़े पैमाने पर पश्चिमी देशों से मिले हथियारों व टैंकों को रूसी सेना ने अपने कब्जे में ले लिया है. जमीनी स्तर पर लड़ाई में 213 यूक्रेनी सैनिकों के सरेंडर के साथ 388 यूक्रेनी सैनिक अपनी जान गंवा दिए हैं. रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि –

‘यूक्रेन का पूरा राजकीय ढांचा तबाह हो चुका है. स्कूल, विद्यालय, रेलवे, हवाई सेवाएं सब लगभग ध्वस्त हैं. जहां का नागरिक जीवन अपनी सरकारों के करतूतों पर विवेक को शून्य और आंखें बंद कर लेते हैं, इसकी बदस्तूर कीमत उन्हीं नागरिकों को चुकानी पड़ती है.’

ताइवान महज तीन घंटे में होगा सरेंडर : चीन ने उड़ाये ताइवान के ऊपर साथ 103 फाइटर जेट

दुनिया के अमन चैन में उपद्रव मचाता अमरीका अब हर जगह पिसता-घिसटता अपने वैश्विक वर्चस्व की सनक को लेकर जहां एक ओर अपने खात्मे की आखिरी कगार पर खड़ा हो चुका है, वहीं चीन रूस इस वक्त का जोरदार तरीके से इस्तेमाल के लिए तैयार बैठे हैं. यह खबर कम से कम भारत के लिए बिल्कुल भी अच्छी नहीं है.

भारत को इस पर अपना साफ दृष्टिकोण रखना चाहिए कि ताइवान जिसे दुनिया में अभी तक ‘एक देश’ के तौर पर मान्यता नहीं है, उसके साथ किस तरह से पेश आया जाये और इसमें भारत के हितों को कैसे सुरक्षित रखा जाये.

  • ऐ. के. ब्राईट

Read Also –

रुस-यूक्रेन युद्व में अमरीका ने सबको फंसा दिया है
यूक्रेन युद्ध : पक्षधरता और गुलामी के बीच डोलता भारतीय ‘बुद्धिजीवी’
जी 20 में नाटो की बेइज्जती और पुतिन का ‘नाटो मिटाओ’ की जिद

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

सरकार के संरक्षण में कार्पोरेट की संगठित लूट का नायाब तरीका

Next Post

मोदी सत्ता ने बुराई को रोजमर्रा की मामूली चीज बना दिया है और चेतावनी का वक्त जा चुका है

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

मोदी सत्ता ने बुराई को रोजमर्रा की मामूली चीज बना दिया है और चेतावनी का वक्त जा चुका है

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

वी. आर. कृष्णा अय्यर : सुप्रीम कोर्ट का वह जज जिसे कभी भारत सरकार ने जेल में डाला था

October 19, 2022

फिलिस्तीन : मिया खलीफा का एक व्यक्तित्व यह भी है…

October 11, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.