Monday, June 8, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home कविताएं

निर्वस्त्र कर दी गई स्त्रियां

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
July 25, 2023
in कविताएं
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

एक तस्वीर अटक गई है
हटती ही नहीं, चिपक गई है
आंखों के कॉर्निया और रेटिना पर
लटकी हुई है एक निर्वस्त्र कर दी गई स्त्री !
कौन है वह … ?

वह चीखती है, चीखती जा रही है –
छोड़ दो मुझे – मैं मां हूं
मैं बहन हूं तुम्हारी, बेटी हूं
पत्नी हूं तुम्हारी, प्रेयसी हूं
छोड़ दो मुझे – एक स्त्री हूं मैं !
वह बार-बार चीखती है
न जाने कब से चीखती जा रही है !!

You might also like

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

SEDITIOUS RIVER

कौन है श्रेष्ठ ?

उसकी चीख बहुत-बहुत-बहुत पीछे से सुनाई दे रही है
और तुम, बहुत-बहुत-बहुत नीचे गिरते जा रहे हो
गिरते-गिरते तो तुम
बहुत-बहुत पीछे से भी बहुत पीछे जा चुके हो !!

तुम्हारी पीछे जाने की फ़ितरत रही है
तो चलो, पीछे से ही शुरू करते हैं –
कहां से शुरू करें, क्या उस मिथक से
जब हत्या करता है ओरेस्टस अपनी मां का
और देवताओं की बहसों के बाद
स्थापित होती है – पितृसत्ता ?
सार तो यही है कि जमा हो रही थी निजी संपत्ति
और बढ़ रहा था तुम्हारा जागीर …
घर के साथ तुमने बनाए दास-दासियों के बाड़े भी
भोगते रहे घर में पत्नियों को
बाहर दासियों को निर्द्वन्द्व ….
लड़ाइयों और युद्धों में लूटते रहे
स्त्रियां … ज़र और ज़मीन की तरह ।
न तुम्हारे युद्ध ख़त्म हुए, न तुम्हारी लूट खत्म हुई !

तुम्हारे राजदरबारों में नचाई जाती रहीं
निर्वस्त्र की जाती रहीं
नोची-खसोटी जाती रहीं
मंदिरों और मठों में भोगी जाती रहीं
चिताओं पर जलाई जाती रहीं
जबरन बलात्कारों-सामूहिक बलात्कारों
संस्थागत बलात्कारों का शिकार होती रहीं-स्त्रियां
एकनिष्ठता की कितनी कीमतें चुकाईं – स्त्रियों ने !
तुम्हारे तथाकथित निजी परिवारों की दुनिया के समानांतर
भरी हुई है एक दुनिया चकलाखानों से आजतक !!

होटलों-रेस्तरां-बार-शादी-समारोह से लेकर
युद्ध के मैदान तक औरतों के ज़िस्म और आत्मा को
सिर्फ नोचा और लहूलुहान ही तो किया है
इतिहास से लेकर वर्तमान तक
मुंह ही तो मारती रही है तुम्हारी लिप्सा भरी जीभ !

लुटी हुई औरतें या तो मार दी गईं
या अनचाहे गर्भ ढोने को अभिशप्त रहीं

क्या मणिपुर, क्या यूक्रेन
क्या सीरिया, क्या अफगान
क्या कठुआ, क्या गोधरा
क्या मुजफ्फरनगर, क्या भागलपुर
गिन नहीं पाओगे और गिनकर होगा भी क्या ?

कितना विद्रूप है सबकुछ, कितना घिनौना
कि सड़े समाजों में ‘डायन’ से लेकर
‘कुलटा’ और ‘वेश्या’ होने तक के
तमाम लांछन सहे उसने और तुम रहे ‘पाक-साफ’ !

 

मुगालते में मत रहो कि इतिहास में सिर्फ तुम ही तुम थे
इतिहास में जिंदा है स्पार्टकस
और ज़िंदा है वारीनिया* …भी
वारीनिया ज़िंदा है हर उस स्त्री के हृदय में
जो दासता और गुलामी की संत्रास में छटपटा रही है
ज़िंदा हैं इतिहास की तमाम विद्रोही स्त्रियां
गुलामी के अहसास को महसूस करती
तमाम स्त्रियों के दिलों में …आज भी
वह सिर्फ चाहे-अनचाहे गर्भ ही नहीं धारण करती
उसी की गर्भ से पैदा लेती है मुक्तिकामी विद्रोही नस्लें

स्त्रियां जिनमें मुक्ति की चेतना के अंकुर फूट रहे हैं
सड़कों पर उतरीं हैं ….देखो,
अब चीखें तब्दील हो रहीं हैं विद्रोही स्वरों में
मेहनतकश जनसमूह में शामिल हैं स्त्रियां
साथ-साथ मुट्ठी उठाए, जनगीत गाते, परचम लहराते
वे साथ-साथ धावा बोलेंगी निजीसंपत्ति के साम्राज्य पर
खबरदार …. !
आइंदा उन्हें फेंका हुआ लुटाऊ माल,
अपनी संपत्ति समझने की भूल मत करना !!

  • आदित्य कमल
    * वरिनिया – स्पार्टकस की प्रेमिका जो प्रथम दास-विद्रोह में स्पार्टकस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ी

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

निजी चिकित्सा प्रणाली : बेहिसाब मुनाफे के लिए अमानवीयता और जालसाजी की दुकान

Next Post

बनारस में सर्व सेवा संघ पर चला बुलडोजर, यह मोदी का गांधी पर हमला है

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
कविताएं

SEDITIOUS RIVER

by ROHIT SHARMA
September 7, 2025
कविताएं

कौन है श्रेष्ठ ?

by ROHIT SHARMA
July 31, 2025
कविताएं

स्वप्न

by ROHIT SHARMA
June 26, 2025
कविताएं

ढक्कन

by ROHIT SHARMA
June 14, 2025
Next Post

बनारस में सर्व सेवा संघ पर चला बुलडोजर, यह मोदी का गांधी पर हमला है

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

जिन्दा भगत सिंह

March 30, 2023

टेस्ट रिपोर्ट

June 25, 2021

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026
Uncategorized

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

June 4, 2026
गेस्ट ब्लॉग

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

May 30, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

May 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.