Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

सुशील कुमार मोदी का अनर्गल प्रलाप

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
January 14, 2021
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

संघ द्वारा शिक्षित-प्रशिक्षित बिहार का सुशील कुमार मोदी भी अनर्गल प्रलाप करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री मोदी विवेकानंद के सपनों को साकार कर रहे हैं. अब भला दुनिया में कौन ऐसा व्यक्ति होगा, जो इस बात को स्वीकार कर लेगा ? सारे संघी और भाजपाई सत्ता के मद में इस कदर अंधे हो गए हैं कि वे दिन को रात और रात को दिन कहते हुए भी न हिचकते हैं और न ही शरमाते हैं. अपनी जमीर और अपना ज्ञान न जाने किसके हाथों गिरवी रख दिया है कि उनके मुंह से जब भी कोई बात निकलती है, उटपटांग ही होती है. अब यह सुशील कुमार शिंदे विवेकानंद को नरेन्द्र मोदी बना रहा है या फिर नरेंद्र मोदी को विवेकानंद बना रहा है ? उसे तो यह भी पता नहीं होगा कि वह ऐसा कहकर विवेकानंद को न सिर्फ अपमानित कर रहा है, बल्कि उस महान मनीषी को नरेन्द्र मोदी के समकक्ष खड़ा कर रहा है.

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

क्या विवेकानंद के यही सपने थे कि भारत को सांप्रदायिकता के जहर में घोल दिया जाए ? सांप्रदायिकता को भारतीय राजनीति का आधारभूत तत्त्व बना दिया जाए ? धर्म और राष्ट्र के नाम पर पूरे भारत की संपत्ति, संपदा और प्राकृतिक संसाधनों को पूंजीपतियों के हाथों कौड़ियों के मोल बेच दिया जाए ? देश के बहुसंख्यक लोगों को मूर्ख बनाए रखने के लिए शिक्षण संस्थाओं को बर्बाद कर दिया जाए ? लोगों को इलाज बिना रोग से मारने के लिए अस्पतालों का निजीकरण कर दिया जाए ? सारे सरकारी उद्योगों और लोक उपक्रमों, कल-कारखानों, कंपनियों और आवागमन के साधनों को पूंजीपतियों के हवाले कर दिया जाए ? किसानों और मजदूरों के हाथ से खेत, काम और अधिकार छीनकर उन्हें हमेशा के लिए गुलाम बना दिया जाए और भारत का शासन-प्रशासन संविधान और लोकतंत्र से परे मनुस्मृति के अनुसार चलाया जाए ?

क्या विवेकानंद ने यह भी कहा था कि भारत में इंसान की जिंदगी से ज्यादा महत्वपूर्ण पशुओं की जिंदगी होगी ? क्या विवेकानंद ने यह भी कहा था कि भारत में थोड़े-से पूंजीपतियों के हाथों में भारत की सारी संपत्ति केन्द्रित होगी और बहुसंख्यक भारतीय गरीब, लाचार और भीखमंगे होंगे ? क्या विवेकानंद ने मोदी से यह भी कहा था कि तुम गोधरा काण्ड और गुजरात से नरसंहार कराके राजसत्ता का सुख भोग करो ? क्या कहीं भी ऐसा विवेकानंद ने लिखा है कि नेताओं, पूंजीपतियों, नौकरशाहों, दलालों, ठेकेदारों, गुंडों, माफियाओं, फिल्मी कलाकारों और क्रिकेट खिलाड़ियों को छोड़कर बाकी भारतीयों को जलालत की जिंदगी जीनी पड़ेगी ? क्या विवेकानंद ने यह भी कहा था कि भारत का प्रधानमंत्री तो अमेरिका के राष्ट्रपति की तरह सुख-भोग करे और जीवनशैली अपनाए और भारत की जनता मजलूमों की जिंदगी जिए ?

क्या सुशील कुमार मोदी, तुम लोगों को भारत के महान विभूतियों को अपमानित करने में तनिक भी शर्म नहीं आती है ? तुम लोग खुद तो कभी महान बन नहीं सके, महान व्यक्तियों को अपमानित तो मत करो. वैसे इतना जान लो कि महान व्यक्ति तुम्हारे जैसे लोगों द्वारा अपमानित किए जाने से अपमानित नहीं होते. हां, भारत जरूर अपमानित हो जाता है कि कैसा यह देश है, जहां के लोग अपनी महान विभूतियों की इज्जत करना भी नहीं जानते.

  • राम अयोध्या सिंह

Read Also –

संविधान में धर्म और संस्कृति
वर्तमान भारत – स्वामी विवेकानन्द
आरएसएस-भाजपा एक दिन विवेकानंद की विचारधारा को खत्म करके ही दम लेगा
जेएनयू में विवेकानन्द 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

मौसम

Next Post

कोरोना वेक्सीन ‘कोवेक्सीन कोविशील्ड’ : स्वास्थ्य मंत्रालय का गजब का मजाक

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

कोरोना वेक्सीन 'कोवेक्सीन कोविशील्ड' : स्वास्थ्य मंत्रालय का गजब का मजाक

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

मनुस्मृति को लागू करने की दिशा में बढ़ता रीढ़विहीन सुप्रीम कोर्ट

March 8, 2022

हथियार रखना मौलिक अधिकार की दिशा में पहला कदम

October 12, 2017

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.