Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

अग्निवीर : अदानियों की प्राईवेट आर्मी, जो देश की जनता पर कहर बरपायेगी

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
June 20, 2022
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
हिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ताहिमांशु कुमार

मोदी सरकार जो अग्निवीर नाम से नई योजना लाई है, लंबे समय में उसके घातक परिणाम होंगे. इस योजना में सेना में 4 साल के लिए युवाओं को भर्ती किया जाएगा. 18 साल के युवा को भर्ती किया जाएगा और 22 साल में उसे रिटायर कर दिया जाएगा. आप पहले सोचिए कि हमें इतने सारे सिपाहियों की जरूरत किसलिए है ?अंतरराष्ट्रीयता के युग में क्या आपको अपने पड़ोसी देशों से युद्ध करने हैं ? क्या आप की आर्थिक हैसियत युद्ध करने की है ? क्या आप की आर्थिक हैसियत नये सिपाहियों को रोज सैलरी देने की है ?

ऐसे लोग जो ना उद्योग में काम करेंगे, ना खेती में काम करेंगे, ना व्यापार में काम करेंगे यानी कोई उत्पादक काम इस देश के लिए नहीं करेंगे सिर्फ बंदूकधारी मजदूर बनेंगे. मोदी सरकार का असली मकसद यह है कि इन सिपाहियों को अपनी जनता के खिलाफ इस्तेमाल करेंगे. सरकार बड़े पूंजीपतियों के लिए इस दौरान आदिवासी इलाकों में जमीनों पर खदानों पर कब्जा करेंगे, समुद्र तटों पर कब्जा करेंगे, उसके बाद यह किसानों की जमीनों पर पूंजीपतियों का कब्जा करवाएंगे.

You might also like

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

जाहिर है जनता इस सब का विरोध करेगी. जनता के विरोध को दबाने के लिए सरकार को बंदूकधारी मजदूर सिपाहियों की जरूरत पड़ेगी. मोदी सरकार इस देश के नौजवान को इस देश की जनता के खिलाफ लड़ाने का प्लान बना रही है. इन सिपाहियों को इस देश के मुसलमानों, दलितों, मजदूरों के खिलाफ भी इस्तेमाल किया जाएगा. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की तानाशाही, क्रूरता और बर्बरता को सरकारी सपोर्ट देने के लिए यह सेना तैयार की जा रही है. वरना अंतरराष्ट्रीय स्थिति तो ऐसी नहीं है कि आपको पाकिस्तान, बांग्लादेश, बर्मा, भूटान, नेपाल या श्रीलंका से कोई इतना बड़ा खतरा है कि आप की वर्तमान सेना उससे निबटने में कम पड़ रही है इसलिए आपको नए सिपाही चाहिए.

नौजवानों को हथियारबंद बनाना, उन्हें राष्ट्रवाद के नाम पर कट्टर बनाना, हिंसक बनाना और अपनी जनता के खिलाफ इस्तेमाल करना, यह फासीवादियों का एक तरीका होता है. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रायोजित यह सरकार उसी योजना पर काम कर रही है. इसमें पैसा जनता का लगेगा और जनता की जायज मांगों को दबाने के लिए हथियारबंद सिपाही जनता के ही खिलाफ खड़े किए जाएंगे. संविधान को रौंदा जाएगा, लोकतंत्र को कुचला जाएगा, मानव अधिकारों का हनन होगा.

विकास के नाम पर जो पूंजीवाद और कारपोरेटीकरण का दौर नई आर्थिक नीतियां लागू होने के बाद शुरू हुआ है, यह उसका रास्ता आसान करने की ही चाल है. सारी दुनिया में हथियार कम होने चाहिए, सिपाही कम होने चाहिए, सेनायें छोटी होनी चाहिए, युद्ध बंद होने चाहिए. बच्चों की बड़े पैमाने पर मौत हो रही है. देश के बच्चे भूखे हैं, कुपोषित हैं. माताएं बच्चा पैदा करने में मर जा रही हैं. देश के दलित, आदिवासी कुपोषित हैं, भूखे हैं, बीमार हैं. देश का पैसा उनकी हालत सुधारने में खर्च होना चाहिए. स्कूल, अस्पताल पर पैसा खर्च होना चाहिए. उसकी बजाय आप नये सिपाही, फिर उनके लिए बंदूक, फिर गोलियां इस पर पैसा खर्च करेंगे ?

हमें ऐसा समाज नहीं बनाना जिसमें लाखों लोग हथियारबंद हो और बाकी के लोग उन से डरने वाली जनता. हम संविधान के पहले पन्ने पर वर्णित भारत के लोग हैं. हम भारत को ऐसे हिंसक देश बनते हुए चुपचाप कैसे देख सकते हैं ?

दुनिया के कई देशों में बड़ी-बड़ी कंपनियों की अपनी सेनाएं हैं

अमेरिका की ब्लैक वाटर नाम की सिक्योरिटी कंपनी दुनियाभर के पूंजीपतियों को रिटायर्ड फौजी सिक्योरिटी गार्ड्स प्रदान करती है. बड़ी-बड़ी कंपनियों के इन सिपाहियों की संख्या हजारों में होती है और यह कई बार तो सरकारी ताकत से भी ज्यादा बड़ी ताकत वाली सेनाएं हो जाती है. कई अफ्रीकी देशों में पूंजीपतियों की इन प्राइवेट सेनाओं द्वारा बड़े-बड़े जनसंहार किए गए हैं. अपना विरोध करने वाले पर्यावरण कार्यकर्ता, सामाजिक नेता, आदिवासी नेताओं की हत्या करना, उन्हें इलाका छोड़ने पर मजबूर करना, उन्हें डराना धमकाना यह प्राइवेट सैनिक खूब करते हैं.

भारत में जहां-जहां जिंदल अदानी अंबानी की फैक्ट्रियां हैं, वहां यह काम भारत में भी देखा जा सकता है. उड़ीसा में तो जिंदल ने अपना विरोध करने वाले ग्रामीणों को सिर फाड़ दिए थे, हाथ पैर तोड़ दिए थे, लहुलुहान कर दिया था. मैंने उस वक्त नवीन जिंदल को एक खुला पत्र भी लिखा था, जो मेरी फेसबुक वॉल पर अभी भी है. आने वाला वक्त पूंजीपतियों के राज का होगा. पूंजीपति जिसे चाहेंगे मरवा देंगे, गायब करवा देंगे, अपरण करवा देंगे, विरोधियों का खात्मा करवा देंगे. कोर्ट इनकी गुलाम होगी, सरकार इनकी गुलाम होगी, पुलिस इनकी चाकर होगी. आज भी पुलिस का दम नहीं है जो इन उद्योगपतियों के गैर कानूनी कामों के खिलाफ नजर उठा कर भी देख सके.

भारत में पूंजीपतियों की प्राईवेट आर्मी – अग्निवीर

भाजपा जो योजना लाई है, उस योजना में जवानी में ही रिटायर कर दिए गए ट्रेंड सैनिक पूंजीपतियों की प्राइवेट आर्मी बनेंगे. पूंजीपतियों द्वारा भारत के जंगलों पर ही नहीं, भारत के खेतों पर भी कब्जा किया जाएगा. आप लिखकर रख लीजिए हरियाणा, पंजाब, यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश सब जगह वैसा ही कब्जा होगा, जैसा आदिवासी इलाकों में हो रहा है.

छत्तीसगढ़ के सलवा जुडूम जैसा ही पूंजीपतियों की यह प्राइवेट आर्मी और सरकारी सुरक्षा बल मिलकर किसानों की जमीनों पर पूंजीपतियों का कब्जा करवाएंगे. सलवा जुडूम और पूंजीपतियों के जुल्मों के खिलाफ आवाज उठाने वाले 15 से ज्यादा बुद्धिजीवी मोदी द्वारा जेल में डाल दिए गए हैं. भारत का बौद्धिक नेतृत्व जेल में है. भ्रष्ट पूंजीपति और उनके नौकर गुंडे सत्ता पर बैठे हैं. भारत का आने वाला समय बहुत भयानक होगा लेकिन यह निश्चित है कि जनता सब कुछ चुपचाप सहन नहीं करेगी. शहरी मीडिल क्लास भले ही डर कर चुप रहेगा लेकिन आदिवासी, मजदूर और किसान जोरदार संघर्ष करेगा.

इसमें खून खराबा होने का अंदेशा भी है. भारत का नौजवान अपनी ही जनता के खिलाफ लड़ेगा. आने वाला समय बहुत उथल पुथल भरा होगा. सेना में नौकरी के अवसर छीनने का प्लान है. पहले ग्रामीण इलाकों में नौजवानों को आस रहती थी कि हम सेना में जाएंगे, शादी ब्याह होगा, मकान बनाएंगे, जिंदगी चलेगी. अब 4 साल की नौकरी मिलेगी सेना में. उसमें ना मकान बनेगा, ना घर चलेगा, ना जिंदगी चलेगी.

करोड़ों परिवार बसने से पहले ही उजाड़ दिए जाने की योजना है जुमलेबाज की. पेंशन का पैसा भी बचा लिया जाएगा. सारा सरकारी पैसा सब्सिडी के रूप में अदानी को दिया जाएगा. बैंकों का पैसा भी अडानी को दे दो. जमीनें, खदानें, समुद्र के तट भी अडानी को दे दो. जनता का टैक्स का पैसा भी अडानी को दे दो. जब एक आदिवासी ने देखा कि सब कुछ अडाणी को दे ही दिया गया है तो उसने अपने लूंगी उतारी और हवा में उछाल दी और बोला ले मोदी इसे भी अडानी को दे दे !

Read Also –

अग्निवीर भर्ती के समानान्तर बस्तर में एसपीओ भर्ती पर सुप्रीम कोर्ट
अग्निपथ स्कीम सेना के निजीकरण का प्रयास है
बिना पथ का अग्निपथ – अग्निवीर योजना
कैम्प बनाना, जनता पर दमन करना, फर्जी एनकाउंटर, गरीब आदिवासियों को आपस में लड़ाना बंद करो
गरीब को सैनिकों की कोई ज़रूरत नहीं होती
पूंजीपतियों के मुनाफा के लिए आदिवासियों से लड़ती पुलिस
सुप्रीम कोर्ट : न च दैन्यम, न पलायनम !
छत्तीसगढ़ : आदिवासी क्षेत्र को बूटों से रौंदा जा रहा
भूमकाल विद्रोह के महान आदिवासी क्रांतिकारी गुंडाधुर : हैरतंगेज दास्तान

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

Donate on
Donate on
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

वे मुसलमान थे

Next Post

बुढिया की जिद और उसका बेटा

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

बुढिया की जिद और उसका बेटा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

पब्लिक सेक्टर के प्राइवेटाइजेशन का तार्किक विस्तार : क्यों न सरकार को प्राइवेटाइज कर दिया जाए ?

March 20, 2021

बिहार में वामपंथियों के गढ़ एक-एक कर क्यों ढ़हता चला गया ?

January 3, 2019

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.