Friday, July 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

कोरोना वेक्सीन ‘कोवेक्सीन कोविशील्ड’ : स्वास्थ्य मंत्रालय का गजब का मजाक

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
January 15, 2021
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

कोरोना वेक्सीन 'कोवेक्सीन कोविशील्ड' : स्वास्थ्य मंत्रालय का गजब का मजाक

गिरीश मालवीय

स्वास्थ्य मंत्रालय हमारे साथ गजब का मजाक करता है. कुछ दिन पहले DCGI द्वारा मंजूर कोवेक्सीन कोविशील्ड को सबसे सुरक्षित बताते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ओर नीति आयोग के सदस्य-स्वास्थ्य डॉ. वी. के. पॉल कह रहे थे कि ‘हमें इसमें कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि स्वीकृत दो टीके, टीकों में सबसे सुरक्षित हैं. दोनों टीकों का हजारों लोगों पर परीक्षण किया गया है और ‘दुष्प्रभाव नगण्य’ है. अब मजे की बात सुनिए कल सीरम इंस्टीट्यूट ने अपनी वैक्सीन कोवीशील्ड के फायदे बतलाने के लिए जो फैक्टशीट जारी की है, उसमे उसने साफ़ लिख दिया है कि कोविशील्ड लगवाने वाले प्रत्येक 10 व्यक्ति में से 1 व्यक्ति को सामान्य साइड इफेक्ट सामने आ सकते है जैसे –

You might also like

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

  • इंजेक्शन जहां लगा था वहां दर्द, गर्माहट, सूजन या घाव, लालिमा
  • तबीयत ठीक नहीं लगना
  • थकान महसूस होना (कमजोरी)
  • कंपकंपी या बुखार महसूस होना
  • सिरदर्द
  • जोड़ों में दर्द या मांसपेशियों में दर्द
  • इंजेक्शन लगने की जगह पर गांठ बनना
  • बुखार
  • फ्लू जैसे लक्षण- तेज बुखार, गले में खराश, बहती नाक, खांसी या कंपकंपी

इसके अलावा इस फ़ैक्टशीट में उसने कुछ असामान्य लक्षणों की सूची दी है, जो उसके अनुसार 100 में से 1 व्यक्ति को होते हैं, यह है –

  • चक्कर आना
  • भूख कम लगना
  • पेटदर्द
  • फूले हुए लिम्फ नोड्स
  • अत्यधिक पसीना आना, त्वचा में खुजली या चकत्ते

इसके अलावा सीरम इंस्टीट्यूट मान रहा है कि ‘गंभीर और अप्रत्याशित दुष्प्रभाव भी हो सकते हैं. कोवीशील्ड वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल्स अब भी जारी हैं.’ जी हां यह सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा जारी की गई फैक्ट शीट में साफ साफ लिखा हुआ है. अब बताइये किस आधार पर भारत का स्वास्थ्य मंत्रालय इसके सबसे सुरक्षित होने की गारण्टी दे रहा है ?

दूसरी महत्वपूर्ण बात जो इस फैक्ट शीट में लिखी है वो ये है कि ‘क्लीनिकल ट्रायल्स में सामने आया है कि 4 से 12 हफ्तों के अंतर से दो डोज लेने पर कोरोना से बचा जा सकता है. यह सुरक्षा कितने दिन के लिए मिलेगी, इसके बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं है.’ है न कमाल ?

( 2 )

दो दिन से हल्ला मचाए हुई थी मोदी सरकार कि हमने कोरोना वेक्सीन का दुनिया में सबसे सस्ता सौदा किया है लेकिन अब पता चला है कि हम प्रत्येक डोज के 41 रु. ज्यादा चुका रहे हैं. मोदी सरकार सीरम इंस्टीट्यूट की तरफ से मैन्युफैक्चर्ड कोविशील्ड (Covishield) वैक्सीन के लिए प्रति डोज 200 रुपये दे रही है, जबकि यूरोपीय यूनियन ऑक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका की इसी वैक्सीन के लिए करीब 159 रुपये चुका रहा है. यह जानकारी बेल्जियम के बजट स्टेट सेक्रेट्ररी के ट्विटर पर पोस्ट किए गए लीक हुए डॉक्युमेंट से सामने आई है. बंगाल के विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ऐसे फंडिंग हासिल कर रही है क्या ?

( 3 )

बताइये ! फ्री में भी लगाए और ऑप्शन भी दे ! मोदी सरकार ने साफ़ कर दिया है कि वैक्सीनेशन में शामिल लोगों को अपनी मर्जी की वैक्सीन लगवाने का ऑप्शन नहीं मिलेगा. हर-हर मोदी घर-घर वैक्सीन.

( 4 )

क्या कोविन एप्प का निर्माण का ठेका भी आरोग्य सेतु की तरह निजी हाथों में है ? कोरोनावायरस के खिलाफ वैक्सीनेशन 16 जनवरी को शुरू हो रहा है लेकिन अब तक कोविन एप्प के कोई पते ठिकाने नही है ! हमे यह भी नही पता है कि कोविन एप्प बनाने का ठेका किसे दिया गया है ? और इसे कब लांच किया जाएगा ?

दरअसल जितनी भी सरकारी वेबसाइट होती है उन वेबसाइटों को डिजाइन ‘नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर’ द्वारा किया जाता है. सरकार द्वारा बताया जा रहा है कि इलेक्ट्रॉनिक वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क (eVIN) प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कोरोना वैक्सीनेशन में होना है. इसे ही री-मॉडल कर कोविन (Co-WIN) बनाया गया है. तो आखिर यह काम किया किसने है ?

क्या यह सारा काम सरकारी संस्थाओं ने किया है या इसमे निजी क्षेत्र का भी सहयोग लिया गया है ? क्या आरोग्य सेतु की ही तरह इसका निर्माण करने ठेका निजी हाथों में है. और यदि इसमे निजी क्षेत्र को इन्वॉल्व किया गया है तो उन्हें इस काम के लिए कैसे चुना गया है ? उनका स्कोप ऑफ वर्क क्या है ? क्राइटेरिया क्या है ?

कही कोविन एप्प भी आरोग्य सेतु जैसी ही नही है, जिसका निर्माण मेकमाइट्रिपडॉटकॉम और वीएमजीडॉटकॉम जैसे ऐप के डेवलपर्स को सौप दिया गया था और बाद में इस में डेटा संग्रह और भंडारण, उद्देश्य सीमा और पारदर्शिता के संदर्भ में ऐप की कमियों पर कई सवाल सामने आए जिसका अब तक कोई जवाब नही दिया गया है.

कहा जा रहा है कि कोविन एप्प में भारत में लगाई जाने वाली हर कोरोना वैक्सीन का पूरा डिजिटल डेटाबेस होगा. वैक्सीन लगवाने वालों को ट्रैक करने, उन्हें वैक्सीन साइट्स की जानकारी की तारीख और समय बताने, वैक्सीनेशन से पहले और बाद की प्रक्रियाओं की निगरानी करने, बूस्टर डोज के लिए फॉलो-अप करने और वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट जारी करने के लिए कोविन एप्प का ही इस्तेमाल होगा, इसलिए उपरोक्त प्रश्न बहुत महत्वपूर्ण हैं. साथ ही यह भी प्रश्न खड़ा होता है कि क्या कोविन एप्प का इस्तेमाल सिर्फ बीमारी के नियंत्रण के लिए होगा या तालाबंदी और क्वारंटाइन जैसे कदम लागू करने के लिए इसके डाटा का सहारा लिया जाएगा अभी तक इस सम्बंध में भी कोई स्पष्टता नही है.

Read Also –

खतरनाक है कोरोना की वैक्सीन ?
ग्लेनमार्क के COVID-19 ड्रग फेविपिरवीर : भारत के मरीजों पर गिनीपिग की तरह ट्रायल तो नहीं ?
क्या आपको कोरोना कहीं से भी ऐसी महामारी लग रही है ?
कोरोना महामारी से लड़ने का बिहारी मॉडल – ‘हकूना मटाटा’

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

सुशील कुमार मोदी का अनर्गल प्रलाप

Next Post

मेरे हिस्से की धूप

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

लोकतंत्र के अंतिम किले का पतन : भाजपा की ढाल बना चुनाव आयोग

by ROHIT SHARMA
June 16, 2026
Next Post

मेरे हिस्से की धूप

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

बंदूकों की गूंज के बीच दण्डकारण्य की जंगलों से प्रकाशित ‘प्रभात’ के लिए अविस्मरणीय योगदान देने वाली कॉ. आलूरी ललिता

July 15, 2024

अमूल्या लियोना नरोहना : राजद्रोह जैसा आरोप लगाना कुछ ज्यादा नहीं है ?

February 22, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

July 20, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.