Friday, July 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

मुबारक हो दिल्ली, नया रॉलेट एक्ट आया है

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
January 21, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

मुबारक हो दिल्ली, नया रॉलेट एक्ट आया है

सुबह सबेरे जब आप अपने बिस्तरों से उठ रहे होंगे, चाय का इंतजार कर रहे होंगे, तब तक सरकार आपके जुबान सिलने का कानूनी इंतजाम कर चुकी है. 19 जनवरी यानी कल से अगले 3 महीने तक दिल्ली में ‘राष्ट्रीय सुरक्षा कानून’ लागू कर दिया गया, मतलब कि ‘रासुका’ अब पूरे दिल्ली में अगले तीन महीने तक रहेगी. आपके सामने, आपकी नाक के नीचे, लोकतंत्र को मिडिल फिंगर दिखाकर धीरे-धीरे रामराज्य इंस्टाल किया जा रहा है.

You might also like

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

‘रासुका’, धारा 144 की तरह एक नॉर्मल सेक्शन भर नहीं है कि इस गली में हिरासत में लिया, अगली गली में छोड़ दिया. ये इतना बड़ा काला कानून है कि आप प्री आपातकाल में पहुंच चुके हैं.

1. इस कानून के हिसाब से सरकार को आपको ये बताने की जरूरत ही नहीं कि आपका अपराध क्या है ? सरकार को जिस पर भी शक हो उसे गिरफ्तार कर सकती है. सरकार जिसे भी संदिग्ध मानती है, उसे डिटेन कर सकती है, बिना कुछ बताए.

2. बिना आरोप तय किए ही सरकार आपको 1 साल तक जेल में रख सकती है, जबकि सामान्य स्थिति में गिरफ्तारी के 24 घन्टें के अंदर आरोपी को मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना होता है.

3. इसके आंकड़े एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिपोर्ट ब्यूरो) में भी दर्ज नहीं किए जाते, मतलब जब रिपोर्ट ही नहीं होगी, चार्जेस ही नहीं होंगे तो पता ही नहीं चलेगा कि कितने लोग जेल में पटक दिए गए.

4. इस कानून के अनुसार आप कानूनी मदद के लिए वकील की सहायता भी नहीं ले सकते.

5. सरकार चाहे तो गिरफ्तार किए गए इंडिविजुअल पर्सन को बताने के लिए भी जिम्मेदार नहीं है कि किस कारण जेल में डाले जा रहे हो, उसकी गलती क्या है.

6. आप इस बाबत नॉर्मल जिला न्यायालय या सेशन न्यायालय में अपना केस नहीं लड़ सकते, इसके लिए हाईकोर्ट ही विकल्प है. हाईकोर्ट में ही आपका केस लड़ा जा सकता है. यदि वहां भी सक्षम अधिकारी यह साबित कर दे कि आरोपी को जेल में रखा जाना जरूरी है तो उस पर आगे कोई रोक नहीं है, जितने दिन सरकार चाहे जेल में रख सकती है. सक्षम अधिकारी से मतलब है कि सरकार का कोई नुमाइंदा जैसे डीएम या पुलिस का कोई बड़ा अधिकारी. इस कानून को शार्ट में समझें तो- ‘न वकील, न दलील, न अपील.’

इस कानून के कितने खतरे हैं इसका एक छोटा-सा उदाहरण लीजिए. मणिपुर में एक पत्रकार थे. उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट लिखी. वह नॉर्मल पोस्ट थी, जिसमें मणिपुर के मुख्यमंत्री की कुछ आलोचना थी. केवल इसी बात के लिए उन पर रासुका लगा दी गई, और महीनों जेल में रखा गया. ये इतना बड़ा काला कानून है, अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता है. यूपी में भी 3 लोगों पर गो-हत्या के फर्जी मुकदमें में रासुका लगा दी गई.

हालांकि पिछली सरकारें भी इस कानून का सहारा लेती रहीं हैं. इंदिरा गांधी ने ही इस कानून को इंट्रोड्यूस किया था. इंदिरा ने तो इस देश में आपातकाल भी लगाया था. यही कारण भी हैं कि इंदिरा को इस देश ने आईना दिखाया. इंदिरा या कांग्रेस इस देश का आदर्श नहीं हैं लेकिन पुराने उदाहरणों का तर्क लेकर वर्तमान का विध्वंस नहीं किया जा सकता.

दिल्ली देश भर के लोकतांत्रिक अधिकारों को लागू करने का मंच है. तमिलनाडु के किसानों को भी कोई समस्या होती है तो दिल्ली आते हैं. दिल्ली पर कब्जे का मतलब है देश की जुबान पर कब्जा. एक ऐसे समय में जबकि लोग एनआरसी, नागरिकता कानून, फीस वृद्धि के मुद्दे पर सड़कों पर हैं, सरकार इस कानून की आड़ लेकर विरोधियों को कुचलने का पूरा प्लान तैयार कर चुकी है.

अब सरकार जिसे चाहे फेसबुक पोस्ट के लिए उठा सकती है. बिना कारण बताए जेल में डाल सकती है. न वकील मिलेगा, न कोई दलील चलेगी. जिसे चाहो जेल में डाल दो. मुझे लिखने के लिए, आपको पोस्ट लाइक-शेयर करने के लिए भी जेल में ठूंसा जा सकता है. राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा किससे है ? लोकतंत्र बचाने के लिए सड़कों पर उतरीं औरतों से या पुलिस से उन्हें पिटवाने वाले क्रिमिनल गृहमंत्री से है ?

‘राष्ट्रीय सुरक्षा’ शब्द अपने आप में काफी वेग है, अपरिभाषित है. अमित शाह के बेटे पर पोस्ट लिखने को भी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा माना जा सकता है. मोदी पर बनाए मीम्स को भी. सरकार की आलोचना भी अब देश के लिए खतरा मानी जाएगी.

धीरे-धीरे आप प्री आपातकाल में पहुंच चुके हैं. लेकिन आप टेंशन मत लीजिए, जब तक कि व्हाट्सएप पर ‘ॐ’ भेजने की सुविधा है, ट्विटर पर ‘जय माता दी’ लिखने की सुविधा है. देश को कोई खतरा नहीं है.

  • श्याम मीरा सिंह

Read Also –

सारागढ़ी, कोरेगांव और राष्ट्रीयता
देविंदर सिंह का ‘सीक्रेट मिशन’
सत्ता को शाहीन बाग से परेशानी

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

NRC-CAA : ब्राह्मण विदेशी हैं ?

Next Post

‘मेरी मौत हिंदुस्तान की न्यायिक और सियासती व्यवस्था पर एक बदनुमा दाग होगी’ – अफजल गुरु

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

लोकतंत्र के अंतिम किले का पतन : भाजपा की ढाल बना चुनाव आयोग

by ROHIT SHARMA
June 16, 2026
Next Post

'मेरी मौत हिंदुस्तान की न्यायिक और सियासती व्यवस्था पर एक बदनुमा दाग होगी' - अफजल गुरु

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

स्नूपगेट कांड : मोदी प्रधानमंत्री हैं इसलिए कोई क़ानूनी कार्रवाई नहीं हुई- Grok AI

March 21, 2025

मोदी के सवाल पर बहुजन युवा भ्रमित क्यों ?

April 11, 2019

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

July 20, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.