Monday, June 8, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

नागरिकता कानून : समर्थन में जारी मोदी-शाह का हस्ताक्षर अभियान का हिस्सा न बनें

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
January 7, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

नागरिकता कानून : समर्थन में जारी मोदी-शाह का हस्ताक्षर अभियान का हिस्सा न बनें

गुरूचरण सिंह

नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के खिलाफ लडी जा रही देशव्यापी लडाई अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है क्योंकि अब इस कानून के समर्थन में भी लोग सड़कों पर उतर आए हैं. लग रहा है जैसे लोगों को आमने-सामने खड़ा करके जन बल के आधार पर आर-पार की लडाई का फैसला लिया जा चुका है !

You might also like

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

इधर विरोध प्रदर्शन भी बढ़ने लगे हैं और दमन चक्र भी. 29 दिसंबर को सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया ने सीएए के विरोध में बैठक बुलाई थी, जिसमें मशहूर तमिल लेखक नेल्लई कन्नन ने भी भाषण दिया था. उस पर कार्रवाई करते हुए उन्हें बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया.

हालांकि मुंबई, चेन्नई, पुणे, हैदराबाद, नागपुर, भुवनेश्वर, कोलकाता और भोपाल में प्रदर्शनों पर कोई रोक नहीं लगाई गई है, गुरुवार को बेंगलुरु में होने वाले प्रदर्शनों पर रोक लगा दी गई है. दिल्ली और लखनऊ में भी विरोध प्रदर्शन पर रोक लगी हुई है ! इसके बावजूद दिल्ली के शाहीन बाग में धरने पर बैठी बुजुर्ग औरतों के हौसलों में कोई कमी नहीं आई है, उनका संकल्प वक़्त बीतने के साथ कुछ और मजबूत हुआ है.

धरने पर बैठी परवीन ने कहा कि जब तक यह कानून वापस नहीं लिया जाता, तब तक हम इसी तरह सड़कों पर रहेंगे. इसी धरना प्रदर्शन में शामिल 82 साल की बिलकीस कहती हैं, ‘हिंदुस्तान तो हमारी पहचान है और इसे हम कैसे छोड़कर जा सकते है. मेरे पास कोई सर्टिफिकेट नहीं है, न ही मैं ज्यादा पढ़ी लिखी हूं. ऐसे में हम अपनी नागरिकता कैसे साबित करेंगे ? जब देश आजाद हुआ था, तभी से इस भारत में हमारे पूर्वज रह रहे है.’

लेकिन अपनी ही बात पर अड़े संघ-भाजपा ने भी बड़े पैमाने पर देशव्यापी 30 रैलियां आयोजित करने का ऐलान किया है ! जोधपुर से शुरुआत हुई है इन बड़ी रैलियों की जिसमें गृहमंत्री अमित शाह ने भी भाग लिया और साफ कर दिया कि मोदी सरकार इस क़ानून को लागू करवाने में एक इंच भी पीछे नहीं हटेगी !

नागरिकता संशोधन क़ानून के समर्थन में हुई रैली में बेल्लारी सिटी के विधायक सोमशेखर रेड्डी ने कहा, ‘हम 80 फ़ीसदी हैं और तुम (CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शनकारी) सिर्फ़ 17 फ़ीसदी. सोचो अगर हम तुम्हारे ख़िलाफ़ हो जाएं तो तुम्हारा क्या होगा.’ बता दें कि श्री रेड्डी खनन घोटाले के आरोपी जी. जनार्दन रेड्डी के बड़े भाई हैं. जंगल की ज़मीन पर अवैध खनन का आरोप ती उन पर होने के साथ भाई की ज़मानत के लिए आंध्र प्रदेश के जज को रिश्वत देने की कोशिश करने का भी गम्भीर आरोप भी वे झेल रहे हैं. इस रैली में रेड्डी ने जोर देकर कहा कि ‘इस देश में रहना है तो हमारे हिसाब से रहना होगा !’ टकराव की राजनीति और किसे कहा जाता है ?

इस कानून के लिए समर्थन जुटाने के वास्ते संघ-भाजपा आज से हस्ताक्षर अभियान शुरू करने जा रहे हैं ! जनसंपर्क में तो वैसे भी इसका कोई सानी ही नहीं है ! डोर टू डोर चलने वाले इस हस्ताक्षर कराने की इस मुहिम में आपसे भी संपर्क किया जाएगा ! बेवजह उन्हें देहरी से लौटने का अनुरोध आपसे बिल्कुल नहीं करूंगा ! मेरा अनुरोध तो बस इतना ही है कि किसी भी किस्म के सामाजिक दबाव में आ कर हस्ताक्षर न करें ! केवल इसलिए हस्ताक्षर न करें कि मुहल्ले के ‘बड़े बड़े आदमी’ विधायक, निगम पार्षद के साथ आपके घर चल आए हैं ! आपको सचमुच अगर ऐसा लगता है कि यह कानून देश की सामासिक संस्कृति के लिए ठीक है तो जरूर हस्ताक्षर करें और अगर आपका दिल इसकी गवाही नहीं देता तो किसी भी तरह के पेपर पर हस्ताक्षर न करें और घर की औरतों को भी ऐसा न करने के लिए आगाह कर दें.

याद रहे आपका यह हस्ताक्षर बदन जमाती ठंड और पुलिस के बल प्रदर्शन का मुकाबला कर रही बुज़ुर्ग औरतों के खिलाफ जाएगा, उनके हौसले को तोड़ भी सकता है ! वोट का सही इस्तेमाल न करने का परिणाम आप देख ही चुके हैं ! कम से इस बार तो अपने हस्ताक्षर का सही इस्तेमाल करें !

Read Also –

जांच टीम की रिपोर्ट : मंगलोर में NRC के विरुद्ध हुई प्रदर्शन में मौतें
लिबरल होने के मायने
CAA-NRC का असली उद्देश्य है लोगों का मताधिकार छीनना
मोदी विफलताओं और साम्प्रदायिक विद्वेष की राजनीति का जीता-जागता स्मारक
अपने ही देश में शरणार्थी/‘घुसपैठिया’ हो जाने का विरोध करो !

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

आसमान से ऊंची होती असमानता

Next Post

जल्द ही हिटलर की तरह ‘अन्तिम समाधान’ और ‘इवैक्युएशन’ का कॉल दिया जाएगा

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

by ROHIT SHARMA
June 4, 2026
गेस्ट ब्लॉग

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

by ROHIT SHARMA
May 30, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

by ROHIT SHARMA
May 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

जल्द ही हिटलर की तरह 'अन्तिम समाधान’ और ‘इवैक्युएशन’ का कॉल दिया जाएगा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

इतिहास तो आगे ही बढ़ता है…

January 5, 2026

दिसम्बरी उभार के मायने…

December 22, 2019

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026
Uncategorized

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

June 4, 2026
गेस्ट ब्लॉग

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

May 30, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

May 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.