Monday, June 8, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

पाकिस्तान : भारतीय वीजा के इंतजार में हिन्दुओं का अस्थिकलश

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
January 9, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

पाकिस्तान : भारतीय वीजा के इंतजार में हिन्दुओं का अस्थिकलश

गुरूचरण सिंह
एक तरफ तो हमारी सरकार इन तीनों देशों में रहने वाले हिन्दुओं और गैर-मुस्लिमों के लिए आंसू बहाती है और दूसरी तरफ उन्हें अस्थि विसर्जन के लिए वीजा तक नहीं देती ! है न कमाल की बात !!

पंजाबी लोकगीत को एक अलग ही मुकाम पर के जाने वाले मशहूर गायक गुरदास मान का एक गीत है – ‘बाकी दीयां गल्ला छड्डो, दिल साफ होना चाहीदा !’ यानी बाकी सब कुछ चलेगा बशर्ते आपकी नीयत साफ हो ! लेकिन जिस तरह से नागरिकता कानून संशोधित किया, उसकी ज़रूरत बताते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने जिस तरह गलत आंकड़े और तर्क दिए, जिस तरह से उसे राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के साथ जोड़ने की कोशिश की गई, उसे देख कर तो यही लगता है कि नीयत ही तो साफ नहीं है सत्तारूढ़ पार्टी की !

You might also like

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए हिंदू या गैर-मुस्लिम शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान करने के लिए संशोधित किए गए नागरिकता कानून पर बहस करते हुए गृहमंत्री ने कहा था कि ‘इन देशों में धार्मिक अल्पसंख्यकों पर अत्याचार हो रहा है, उनकी आबादी भी कम हो रही है, इसलिए यह संशोधन जरूरी हो गया है.’ लेकिन पाकिस्तान इस दावे का खंडन करता है. उसके मुताबिक पाकिस्तान में हिंदुओं की आबादी घटने के स्थान पर बढ़ी है !

बीबीसी ने हाल ही में एक हैरान कर देने वाला खुलासा किया कि हरिद्वार में अस्थि-विसर्जन की बाट जोह रहे पाकिस्तान में पड़े हज़ारों अस्थिकलशों के लिए भारत सरकार वीजा ही नहीं दे रही. कमाल है न !! एक तरफ तो हमारी सरकार इन तीनों देशों में रहने वाले हिन्दुओं और गैर-मुस्लिमों के लिए आंसू बहाती है और दूसरी तरफ उन्हें अस्थि विसर्जन के लिए वीजा तक नहीं देती !

हालांकि भारतीय उच्चायोग वीजा न देने वाली बात का खंडन करता है. बीबीसी को दिए गए एक बयान में उन्होंने कहा है कि अपने परिवार के सदस्यों का अंतिम संस्कार करने के लिए हरिद्वार जाने की इच्छा रखने वाले लोगों के वीज़ा आवेदनों को हम सक्रियता से सहूलियत देते हैं. इसके साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा है कि इस तरह के वीज़ा आवेदनों के साथ आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न होना अनिवार्य है !

लेकिन अपनी पत्नी आशा की अस्थियों को हरिद्वार में गंगा जी में विसर्जित करने की इच्छा रखने वाले डॉक्टर श्रीवास्तव इसे गलत बताते हैं. उन का दावा है कि ‘उन्होंने अपने आवेदन के साथ सभी आवश्यक दस्तावेज़ संलग्न किए थे फिर भी दूसरे कई लोगों की तरह उन्हें वीज़ा नहीं दिया गया.’

कराची में एक ही शमशान घाट है जिसकी देखभाल, साफ-सफाई की जिम्मेदारी मोहम्मद परवेज़ की है. मुस्लिम होने के बावजूद यही उनकी आजीविका का साधन है, इसी से उसका घर चलता है. उनका परिवार कई पीढ़ियों से इस जगह की देखभाल कर रहा है.

बीबीसी रिपोर्टर को वह हाथ में अगरबत्तियां लेकर बड़े अदब के साथ उस कमरे के अंदर ले कर गया जिसमें चारों तरफ़ अलमारियां थीं और इन अलमारियों पर दर्जनों छोटे-छोटे कलश रखे हुए थे. इनमें से कुछ कपड़ों में लपेट कर रखे हुए थे. उन पर उनके नाम और मत्यु की तारीख़ें लिखी हुईं थी. ये सभी अस्थि कलश उन हिन्दुओं के हैं जिनकी अंतिम इच्छा थी कि उनका परिवार उनकी अस्थियों को गंगा जी में विसर्जित कर दे.

परवेज़ ने बताया, ‘कोई दो सौ कलश ऐसे ही पड़े हुए हैं. इन दिनों वीज़ा मिलने में काफ़ी मुश्किल हो रही है. उनके परिवार भी यकीनन काफ़ी तनाव में हैं. ऐसे में उन्होंने अपने ​प्रियजनों का ​अस्थिकलश यहां जमा कर दिया है.’

एक धनी कारोबारी और सामाजिक कार्यकर्ता सन्नी घनश्याम ने बताया कि ‘मैं भारतीय उच्चायोग से पाकिस्तानी हिन्दुओं के लिए वीज़ा प्रक्रिया को और अधिक सुविधाजनक बनाने का बराबर अनुरोध कर रहा हूं. बल्कि इसके लिए उन्हें इस मामले के लिए अलग से एक वीज़ा कैटोगरी बनानी चाहिए लेकिन सुनवाई हो ही नहीं रही.’ सन्नी घनशाम का मानना है कि ऐसे अस्थि कलशों की संख्या हज़ारों में है.

हालात आपके सामने हैं, निष्कर्ष आपको निकालना है कि भाजपा सरकार की नीयत इस कामों को लेकर कितनी साफ है !

Read Also –

कल्याणकारी सरकार से व्यापारी सरकार होने तक
CAA-NRC का असली उद्देश्य है लोगों का मताधिकार छीनना
मोदी विफलताओं और साम्प्रदायिक विद्वेष की राजनीति का जीता-जागता स्मारक 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]

Previous Post

यह डर है या लोगों के विरोध का खौफ है ?

Next Post

बिहार में पढ़ने वाले बच्चे जेएनयू, जामिया और डीयू को क्यों नहीं समझ पा रहे हैं ?

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

by ROHIT SHARMA
June 4, 2026
गेस्ट ब्लॉग

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

by ROHIT SHARMA
May 30, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

by ROHIT SHARMA
May 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

by ROHIT SHARMA
April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

by ROHIT SHARMA
March 28, 2026
Next Post

बिहार में पढ़ने वाले बच्चे जेएनयू, जामिया और डीयू को क्यों नहीं समझ पा रहे हैं ?

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

NRC : तो हम पाकिस्तान की आत्मघाती राह पर चल पड़े हैं ?

December 21, 2019

क्या आपने कभी फर्ज़ी एनकाउंटर को सही ठहराया है ?

May 28, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026
Uncategorized

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जिन्हें भाजपाई होने पर शर्म आती है, इसलिए खुद को समाजवादी कहते हैं

June 4, 2026
गेस्ट ब्लॉग

धरती और औरत, दोनों के प्रति आदिवासी समाज का नजरिया गैर आदिवासी समाज से भिन्न

May 30, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ममता बनर्जी वही काट रही है जो उसने तीन दशकों में बोया था…

May 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

भारत में अमीरी के प्रति, गैर बराबरी के प्रति गहरी सहनशीलता है

June 7, 2026

कैसे एक पेपर लीक का मुद्दा घूमते-घूमते ‘हिंदू-मुस्लिम’ तक पहुंच गया ?

June 7, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.