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‘राष्ट्रवाद’ और ‘देशप्रेम’ पर कोहराम मचाने वाले कहीं विदेशी जासूस तो नहीं ?

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 16, 2020
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'राष्ट्रवाद' और 'देशप्रेम' पर कोहराम मचाने वाले कहीं विदेशी जासूस तो नहीं ?

भारत में अगर कोई राष्ट्रवाद और देशप्रेम में उमड़-घुमड़ रहा हो, मरने-मारने की बात कर रहा हो तो उस पर जरूर संदेह कीजिए. इस बात की पूरी संभावना हो सकती है कि वह एक विदेशी जासूस हो, खासकर पाकिस्तान स्थित आईएसआई ऐजेंसी का एजेंट हो सकता है. पिछले दिनों लगातार गिरफ्तार हो रहे ऐसे फर्जी देशभक्तों और राष्ट्रवादियों की सूची लंबी हुई है, जिन्हें पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करते पकड़ा गया है.

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भारत में जासूसों की ऐसी सूची पाकिस्तान के लिए ही क्यों, दुनिया भर के ऐजेंसियों के लिए मिल जायेगी, परन्तु पाकिस्तान के एजेंटों पर निगरानी अन्य के बनिस्पत ज्यादा है, इसलिए उसके एजेंट लगातार पकड़े जा रहे हैं. परन्तु यह भी आश्चर्यजनक है कि पकड़े गए इन एजेंटों को भारतीय न्यायपालिका और भारत सरकार लगातार बचाने की कोशिश करती है. कश्मीर में गिरफ्तार आतंकवादी संगठनों के एजेंट डीएसपी दविंदर सिंह की गिरफ्तारी कुछ ऐसी ही संदेह को जन्म देती है.

इसमें सबसे ज्यादा गौर करनेवाला जो तथ्य है, वह यह है कि ऐसे फर्जी राष्ट्रवादी और देशभक्तोंं की एक पूरी फौज आरएसएस और उसके अनुषांंगिक संगठनों से निकल कर सामने आया है. ऐसे में यह कहना भी अतिशयोक्ति नहीं है कि प्रधानमंत्री के पद पर विराजमान सख्शियत नरेंद्र मोदी भी तो कहीं विदेशी जासूस का एक एजेंट तो नहीं है ? जांच की जानी चाहिए. बहरहाल, सोशल मीडिया पर जाहिदनामा नाम के एक पेज पर लेखक लिखते हैं –

कभी आपने पाकिस्तान से आई ऐसी खबर सुनी कि वहांं का कोई व्यक्ति या नागरिक भारत और किसी भारतीय एजेन्सी के लिए जासूसी करते हुए पकड़ा गया ? नहीं सुना होगा क्योंकि पाकिस्तान के लोग अपने देश के लिए भारतीयों की तुलना में कहीं अधिक ईमानदार हैं. और यह बात मैं बेहद इमानदारी और ज़िम्मेदारी से कह रहा रहूंं कि भारत में यहांं के लोगों का राष्ट्रवाद और देशप्रेम एक ढोंग है और यहीं के नागरिक दीमक की तरह इस देश को चाट रहे हैं.

भारत में अपने देश की पाकिस्तान और उसकी आईएसआई के लिए जासूसी करने वाली एजेन्सी के बहुत से वफादार जासूस हैं और कल ही उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक और बीएसएफ जवान अच्युतानंद मिश्र को धर दबोचा. यह राष्ट्रवादी जवान फेसबुक पर खूबसूरत लड़कियों के फोटो वाली फर्जी पाकिस्तानी फेसबुक प्रोफाईल से इश्क कर बैठा और पाकिस्तान की आईएसआई के लिए उसी आईडी के माध्यम से जासूसी करते पकड़ा गया.[1]

पंडित जी अपने साथियों के बीच बेहद धार्मिक और बेहद राष्ट्रवादी विचारों के लिए जाने जाते थे. बात-बात पर सीमा पर पाकिस्तान से लड़ते हुए शहीद होने की इच्छा जाहिर करते थे, पर पंडित जी आईएसआई की ‘हनीट्रेप’ में फंस कर पाकिस्तान के लिए जासूसी करते पकड़े गए हैं.

यह पिछले कुछ वर्षों में आईएसआई के लिए जासूसी  में पकड़े गये संघी मानसिकता के लोगों की लगातार गिरफ्तारी की नयी कड़ी है, जिसमें भाजपा आईटी सेल के मुखिया ध्रुव सक्सेना और उसका पूरा गैंग प्रमुख कड़ी है.

4 मार्च, 2017 को राजस्थान पुलिस ने बाड़मेर के चौहटन के ताला गांव के व्यापारी संतोष माहेश्वरी को पकड़ा था और उससे पूछताछ में हुए खुलासे के बाद जोधपुर से उसके दो रिश्तेदार विनोद और सुनील के बारे में पता चला. पुलिस के अनुसार यह लोग पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करते थे.[2]

सन् 2016 में जम्मू-कश्मीर से सुखविंदर और दादू नाम के दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी. इन दोनों से हुई पूछताछ के आधार पर एटीएस ने 11 आईएसआई जासूसों को (मध्यप्रदेश के ग्वालियर से 5, भोपाल से 3, जबलपुर से 2 और 1 को सतना से) गिरफ्तार किया. भोपाल से जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया, उनमें एक भाजपा आईटी सेल का प्रमुख ध्रुव सक्सेना भी है.[3]

9 फरवरी, 2018 को आईएसआई के लिए जासूसी करने और उसको गोपनीय दस्तावेज मुहैया कराने के मामले में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन अरुण मारवाह को दिल्ली से धर दबोचा. सूत्रों के अनुसार कुछ माह पहले आईएसआई के एक एजेंट ने लड़की बनकर 51 वर्षीय थरकी मारवाह से संपर्क किया था.[4]

30 मार्च, 2018 को पंजाब पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन सेल ने पंजाब में सक्रिय पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए जासूसी करने वाले रवि कुमार नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार किए गए पाकिस्तानी जासूस ने पुलिस पूछताछ में कुबूल किया है कि आईएसआई के एजेंटों ने उससे Facebook के जरिए संपर्क किया था और उसने भारतीय सेना की गतिविधियों से संबंधित गोपनीय जानकारियां आईएसआई को दीं, जिसमें बंकरों के निर्माण, सेना की गाड़ियों की आवाजाही, प्रशिक्षण से संबंधित सूचनाएं शामिल हैं.[5]

23 मई, 2018 को एटीएस ने उत्तराखंड पुलिस और मिलिट्री इंटेलीजेंस के सहयोग से पिथौरागढ़ के डीडीहॉट इलाके में छिपकर पाक खुफिया एजेन्सी आईएसआई के लिए काम करने वाले जासूस रमेश सिंह को गिरफ्तार किया.[6]

बाकी भारत की पूर्व राजनयिक माधुरी गुप्ता को शनिवार (19 मई, 2018 को ) को दिल्ली की एक अदालत ने तीन साल कारावास की सजा सुना चुकी है. माधुरी गुप्ता को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटरसर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) को संवेदनशील सूचना देने के आरोप में 18 मई, 2018 को दोषी ठहराया गया था.[7]

भारतीय रक्षा मंत्रालय में भी आईएसआई घुस गया है और पिछली सरकार के रक्षामंत्री ए. के. एंटोनी और सेनाध्यक्ष विक्रम सिंह के बीच हुई गोपनीय बातचीत का पूरा ब्योरा पाकिस्तान तक पहुंंच गया था. ध्यान दीजिए कि रक्षा मंत्रालय या देश में गोपनीय और महत्वपूर्ण मामलों वाले पदों पर मुसलमानों की नियुक्ति ना करने की अघोषित नीति है.[8]

तो यह तो मात्र कुछ उदाहरण हैं. यदि आप ‘भारत में आईएसआई एजेन्ट गिरफ्तार’ लिख कर गुगल करिए तो आपको हज़ारो और उदाहरण मिलेंगे और फिर आप सोचेंगे कि क्या यह देश पाकिस्तानी जासूसी कंपनी आईएसआई के लिए कितना आसान चारा है ! वो यूंं कि या तो इन सभी आरोपियों को पुलिस ने झूठे आरोप में गिरफ्तार किया या यह सच में आईएसआई के जासूस हैं तो दोनों स्थितियांं वाकई सोचने लायक हैं.

यह भी आश्चर्यजनक रूप से सच है कि यह सभी आरोपी कहीं ना कहीं संघ, भाजपा और उसकी विचारधारा से जुड़े हुए हैं, हालांंकि कुछ मुस्लिम भी गिरफ्तार हुए पर वह तो गिरफ्तार होते ही रहते हैं, बैलेंस करने के लिए और उनमें अधिकांश अदालत में छूट भी गये हैं और ना भी छूटे तो वह तो हैं पाकिस्तानी और देशद्रोही.

तो सोचिएगा कि आईएसआई के काम करने की पद्धति कितनी तेज़ और शातिराना है कि वह हमारे देश में अपने पकड़े गये हजारों भारतीय जासूसों के अतिरिक्त लाखों स्लीपर सेल के कार्यरत जासूस बना चुका है और हमारी एजेन्सी ? बस देश में ज़हर फैलाते लोगों को बचाने में लगी है.

जाहिदनामा का लेख यहां समाप्त होता है, पर एक गंभीर सवाल छोड़ जाता है कि जिस तेज गति से पिछले 6 सालों में केन्द्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ने देश के तमाम उच्चस्थ पदों पर संघी एजेंटों की बहाली की है या वगैर किसी प्रतियोगिता परीक्षा के आईएएस जैसे महत्वपूर्ण पदों पर संघी एजेंटों को बहाल किया गया है और यह प्रक्रिया लगातार तेज हो रहा है, एक खतरनाक संकेत है.

संदर्भ :

[1] https://khabar.ndtv.com/news/india/uttar-pradesh-ats-arrseted-bsf-personnel-achyutanand-mishra-to-spying-for-pakistan-1918935

[2] https://m.aajtak.in/news/national/story/three-held-in-rajasthan-for-allegedly-spying-for-isi-915557-2017-03-04

[3] http://zeenews.india.com/hindi/india/madhya-pradesh-ats-arrested-11-suspected-isi-spy/318298

[4] https://khabar.ndtv.com/news/india/police-arrested-air-forces-group-captain-for-allegedly-providing-secret-documents-1810499

[5] https://m.aajtak.in/crime/crime-news/story/punjab-police-busted-isi-network-lured-through-fake-fb-accounts-of-beautifull-girls-993065-2018-03-30

[6] https://m.livehindustan.com/national/story-uttar-pradesh-anti-terrorism-squad-arrested-isi-agent-from-uttarakhand-1974884.html

[7] https://peoplesbeat.com/pakistani-spy-sentenced-for-jail-for-3-years/

[8] https://m.aajtak.in/news/national/story/exclusive-indian-army-movement-plans-leaked-to-isi-last-year-801771-2015-03-02

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