Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

अपने शर्मनाक कृत्य को उपलब्धि बताकर पेश करना संघी चरित्र की विशेषता

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
March 26, 2022
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

अपने शर्मनाक कृत्य को उपलब्धि बताकर पेश करना संघी चरित्र की विशेषता

Suboroto Chaterjeeसुब्रतो चटर्जी

अपने हरेक शर्मनाक कृत्य को उपलब्धि बताकर पेश करना संघी चरित्र की विशेषता है. इसकी शुरुआत हिंदू राष्ट्र की तालिबानी परिकल्पना से लेकर गांधी जी की हत्या से होते हुए बाबरी मस्जिद विध्वंस, गुजरात दंगे और राफाएल खरीद तक पहुँची है. वाजपेई की अंग्रेज़ों की मुखबिरी और कारगिल की बेवक़ूफ़ी और कफ़न चोरी उनको भारत रत्न बना देता है तो सावरकर माफ़ीनामा लिखकर वीर बनते हैं.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

दीन दयाल उपाध्याय लंपट शराबी इनके प्रेरणा स्रोत हैं और दो हज़ार मासूमों का क़ातिल इनका सर्वकालीन सर्वश्रेष्ठ प्रधानमंत्री. गुंडा तड़ीपार इनका सरदार पटेल है और देशी विदेशी पूँजीपतियों की निर्लज्ज ग़ुलामी इनके आभामंडल की ज्योति. नोटबंदी से भले ही सैकड़ों जानें गई और आरबीआई के अनुसार देश की अर्थव्यवस्था को नौ लाख करोड़ का घाटा हुआ हो, पर इनकी उपलब्धि है.

सत्तर सालों का रोना रोते हुए सत्तर सालों में बने हर सरकारी उपक्रम को निजी हाथों में बेचकर अपनी ऐयाशी के लिये पैसा जुटाना इनका देशप्रेम है. पैंतालिस सालों में ग़रीबी, भुखमरी और बेकारी में रिकार्ड बढ़ोत्तरी इनकी उपलब्धि है.

लोकतांत्रिक संस्थाओं की हत्या, चुनाव आयोग, नीति आयोग, सीबीआई, ईडी, न्याय व्यवस्था इत्यादि की विश्वसनीयता चुनाव जीतने और ( लोया प्रकरण के संदर्भ में) फाँसी से बचने के लिये उठाये गये शर्मनाक क़दम इनका राष्ट्रवाद है. देशप्रेम का अनूठा उदाहरण पुलवामा में अपने ही जवानों की हत्या करवाना है और कश्मीर की एक करोड़ जनता को नाज़ी कंसेंट्रेशन कैंप में तब्दील करना है.

इस बदले हुए राजनीतिक, सामाजिक नैरेटिव के दौर में अगर राफाएल की खरीद की आड़ में जनता के पैसे की लूट को राष्ट्रवाद का जामा पहना दिया जाए तो कोई आश्चर्य की बात नहीं है.

मॉब लिंचिंग अब सांवैधानिक स्तर पर मान्यता प्राप्त होने जा रहा है, एनआरसी के नये संस्करण के रूप में. निशाने पर देश के मुस्लिम हैं जिनके बलिदान के बिना 1857 से लेकर 1947 तक आज़ादी की कोई भी जंग अकल्पनीय है.

कल एक लेख पढ रहा था; संघी फ़ासिस्ट व्यक्ति को महिमामंडित कर अपने एजेंडा को आगे बढ़ा रहे हैं. कुछ हद तक सहमत भी हूँ; फिर ये सवाल रह जाता है क्या ऐसे में दो चार व्यक्तियों के नहीं रहने पर यह एजेंडा धराशायी हो जायेगा ? शायद नहीं. जैसे दो चार गौरी लंकेश, पनसरे, कलबुर्गी या हेमंत करकरे की हत्या से प्रतिरोध और सच्चा देशप्रेम का स्वर नहीं ख़त्म होता.

वैचारिक लड़ाई जब जमीन पर उतरती है तो व्यक्तियों की बलि लेती है, लेकिन वह एक लंबी लड़ाई का बस एक पड़ाव है, अंत नहीं. हिटलर और मुसोलिनी के मरे हुए कई दशक बीत गये लेकिन कैसी-कैसी घृणित औलादें छोड़ गये हम सब देख रहे हैं.

Read Also –

हाथरस : संघ मानता है, पढ़े-लिखे होना सबसे बड़ा अपराध है
CAA-NRC के विरोध के बीच जारी RSS निर्मित भारत का नया ‘संविधान’ का प्रारूप
RSS ने इस देश का क्या हाल कर दिया है
कश्मीर से 370 हटाने और अयोध्या में राम मंदिर के शिलान्यास के साथ गोलवलकर के सपनों का भारत अब साकार लेने लगा है ?
हारे हुए नीच प्रतिशोध की ज्वाला में जलते हैं
आरएसएस का गुप्त षड्यंत्र और सुप्रीम कोर्ट का पतन – 1
आरएसएस का वैचारिक पोस्टमार्टम

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

गतानुगतिक

Next Post

बलात्कारियों के साथ, भाजपा की सरकार : संबित पात्रा

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

बलात्कारियों के साथ, भाजपा की सरकार : संबित पात्रा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

क्या कारख़ाना मालिक और मज़दूर दोस्त हो सकते हैं ?

August 20, 2021

गुरू पूर्णिमा पर विशेष : अब ज्ञान का महोत्सव नहीं है गुरू पूर्णिमा !

July 4, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.