Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

आयुष्मान कार्ड की हकीकत

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
October 6, 2021
in गेस्ट ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

आयुष्मान कार्ड की हकीकत

गिरीश मालवीय

अगले साल कई महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव है. आजकल आप देख रहे हैं कि देश भर में आयुष्मान योजना में धड़ाधड़ कार्ड बनाए जा रहे हैं. लोगों को लॉलीपॉप बांटी जा रही है कि आपका तो मुफ्त में पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा सरकार में कर दिया है, लेकिन जब वे बीमार होकर अस्पताल में क्लैम लेने जाएंगे, तब उन्हें असलियत पता लगेगी.

You might also like

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

कई जगहों पर यह कार्ड सिर्फ राशन कार्ड में नाम देखकर बनाए जा रहे हैं लेकिन सच्चाई यह है कि इस योजना के लाभार्थी होने की कुछ शर्तें है, जिन्हें पूरा करना जरूरी है. कार्ड बनवा रहे अधिकांश लोग इन शर्तों से बेखबर हैं. अगर आप भी इलाज के लिए इस कार्ड के भरोसे बैठे हैं तो जरा दिल थाम कर इन शर्तों को पढ़ लीजिए.

पहली और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सोशियो-इकनॉमिक कास्‍ट सेंसस 2011 (एसईसीसी 2011) के मापदंडों के आधार पर इसमें घरों को शामिल किया गया है, यानी उस वक्त जो देश के 10.74 करोड़ से अधिक गरीब परिवार थे, उनमें आपका नाम शामिल होना चाहिए.

2011 की SECC (सामाजिक-आर्थिक और जातिगत जनगणना (Socio–Economic and Caste Census) में जिन लोगों का नाम अत्यंत गरीब और वंचित तबके के लोगों में शामिल किया गया था, उनको एक 24 अंकों का HHD Number (हाउसहोल्ड आईडी नंबर) दिया गया था. यदि वह नम्बर आपके पास हुआ तो ही आप इस योजना में शामिल माने जाएंगे.
जो इस योजना का लाभ उठाना चाहता है, उसके या उसके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर पक्का घर नहीं होना चाहिए.

आयुष्मान योजना का लाभ लेने वाले के आवेदक ने भारत सरकार की किसी भी आवासीय योजना के तहत किसी भी केंद्रीय / राज्य सहायता का लाभ नहीं उठाया हो.
जो प्रोफेशनल टैक्स भरते हैं या जिनके पास 3 या उससे अधिक कमरे की पक्की दीवार और छत वाला मकान है,
जिसके पास 2.5 एकड़ से ज्यादा की जमीन और 1 सिंचाई यंत्र है, वो भी शामिल नहीं होंगे.

वे परिवार जिसका गैर कृषि कारोबार सरकार में रजिस्टर्ड है वो भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे. जिन घरों में मोटर चालित दो, तीन या चार पहिए वाले वाहन, मछली पकड़ने की नौका, यांत्रिक तीन या चार पहिए वाले वाहन, कृषि के उपकरण, 50,000 से अधिक जमाराशि की सीमा के साथ किसान क्रेडिट कार्ड है और जिस परिवार में कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो तो वह एसईसीसी 2011 के अनुसार अपने आप ही इससे बाहर हो जाएगा.

इसका अर्थ यह है कि भले ही आपका नाम उन 10 करोड़ परिवार में आता है लेकिन यदि आपके पास कोई टू व्हीलर, थ्री वाहन हो, 50 हजार का किसान क्रेडिट कार्ड या बड़े कृषि उपकरण है तो भी आपका नाम इस सूची से स्वतः बाहर हो जाएगा और लिस्ट में नाम होते हुए भी आपका क्लेम अस्वीकृत कर दिया जाएगा.

शहरी इलाके में यदि आपके परिवार का कोई सदस्य प्रति माह 10,000 रुपये से ज्यादा कमाता हो, या वह आयकर देता है, या पक्की दीवारों तथा छत के साथ दो या तीन कमरे है, एक फ्रिज है, एक लैंडलाइन फोन है, वह भी लाभार्थी सूची से बाहर हो जाएगा. तो यह है उन शर्तो की सूची जिसके आधार पर आपका क्लेम अस्वीकृत किया जा सकता है.

यदि आपके पास HDD नम्बर नहीं है तो कुछ शर्तों के अनुसार आपको आयुष्मान के लाभ दिया जा सकता है जैसे – ग्रामीण इलाके में कच्चा मकान, परिवार में किसी वयस्क (16-59 साल) का नहीं होना, परिवार की मुखिया महिला हो, परिवार में कोई दिव्यांग हो, अनुसूचित जाति/जनजाति से हों और भूमिहीन व्यक्ति/दिहाड़ी मजदूर इसके अलावा ग्रामीण इलाके के बेघर व्यक्ति, निराश्रित, दान या भीख मांगने वाले, आदिवासी और क़ानूनी रूप से मुक्त बंधुआ की श्रेणी में होना चाहिए.

तो यह है आयुष्मान योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे आयुष्मान कार्ड की हकीकत. इन कार्ड में सिर्फ एक QR कोड दिया जा रहा है. इस कार्ड की हकीकत आपको तब पता चलेगी जब आप प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा के क्लेम लेने जाएंगे.

Read Also –

आधार संशोधन अध्यादेश: मोदी सरकार इतनी जल्दबाजी में क्यों है ?
कल्याणकारी सरकार से व्यापारी सरकार होने तक
यूनिक डिजिटल हेल्थ कार्ड : निगरानी के उद्देश्य से व्यक्तिगत और संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा इकट्ठा करना
डेटा : विदेशी कंपनियों के इशारे पर नाच रही है मोदी सरकार

[प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

सबूत

Next Post

वेक्सीन सर्टिफिकेट और यूनिक हैल्थ आईडी

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

by ROHIT SHARMA
March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

by ROHIT SHARMA
February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

by ROHIT SHARMA
February 24, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमारी पार्टी अपने संघर्ष के 53वें वर्ष में फासीवाद के खिलाफ अपना संघर्ष दृढ़तापूर्वक जारी रखेगी’ – टीकेपी-एमएल की केंद्रीय समिति के राजनीतिक ब्यूरो के एक सदस्य के साथ साक्षात्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
Next Post

वेक्सीन सर्टिफिकेट और यूनिक हैल्थ आईडी

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

केला बागान मज़दूरों के क़त्लेआम के 90 साल पूरे होने पर

December 9, 2018

विदाई बेला

December 27, 2023

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.