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Home गेस्ट ब्लॉग

आयुष्मान कार्ड की हकीकत

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
October 6, 2021
in गेस्ट ब्लॉग
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आयुष्मान कार्ड की हकीकत

गिरीश मालवीय

अगले साल कई महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव है. आजकल आप देख रहे हैं कि देश भर में आयुष्मान योजना में धड़ाधड़ कार्ड बनाए जा रहे हैं. लोगों को लॉलीपॉप बांटी जा रही है कि आपका तो मुफ्त में पांच लाख का स्वास्थ्य बीमा सरकार में कर दिया है, लेकिन जब वे बीमार होकर अस्पताल में क्लैम लेने जाएंगे, तब उन्हें असलियत पता लगेगी.

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कई जगहों पर यह कार्ड सिर्फ राशन कार्ड में नाम देखकर बनाए जा रहे हैं लेकिन सच्चाई यह है कि इस योजना के लाभार्थी होने की कुछ शर्तें है, जिन्हें पूरा करना जरूरी है. कार्ड बनवा रहे अधिकांश लोग इन शर्तों से बेखबर हैं. अगर आप भी इलाज के लिए इस कार्ड के भरोसे बैठे हैं तो जरा दिल थाम कर इन शर्तों को पढ़ लीजिए.

पहली और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सोशियो-इकनॉमिक कास्‍ट सेंसस 2011 (एसईसीसी 2011) के मापदंडों के आधार पर इसमें घरों को शामिल किया गया है, यानी उस वक्त जो देश के 10.74 करोड़ से अधिक गरीब परिवार थे, उनमें आपका नाम शामिल होना चाहिए.

2011 की SECC (सामाजिक-आर्थिक और जातिगत जनगणना (Socio–Economic and Caste Census) में जिन लोगों का नाम अत्यंत गरीब और वंचित तबके के लोगों में शामिल किया गया था, उनको एक 24 अंकों का HHD Number (हाउसहोल्ड आईडी नंबर) दिया गया था. यदि वह नम्बर आपके पास हुआ तो ही आप इस योजना में शामिल माने जाएंगे.
जो इस योजना का लाभ उठाना चाहता है, उसके या उसके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर पक्का घर नहीं होना चाहिए.

आयुष्मान योजना का लाभ लेने वाले के आवेदक ने भारत सरकार की किसी भी आवासीय योजना के तहत किसी भी केंद्रीय / राज्य सहायता का लाभ नहीं उठाया हो.
जो प्रोफेशनल टैक्स भरते हैं या जिनके पास 3 या उससे अधिक कमरे की पक्की दीवार और छत वाला मकान है,
जिसके पास 2.5 एकड़ से ज्यादा की जमीन और 1 सिंचाई यंत्र है, वो भी शामिल नहीं होंगे.

वे परिवार जिसका गैर कृषि कारोबार सरकार में रजिस्टर्ड है वो भी आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे. जिन घरों में मोटर चालित दो, तीन या चार पहिए वाले वाहन, मछली पकड़ने की नौका, यांत्रिक तीन या चार पहिए वाले वाहन, कृषि के उपकरण, 50,000 से अधिक जमाराशि की सीमा के साथ किसान क्रेडिट कार्ड है और जिस परिवार में कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो तो वह एसईसीसी 2011 के अनुसार अपने आप ही इससे बाहर हो जाएगा.

इसका अर्थ यह है कि भले ही आपका नाम उन 10 करोड़ परिवार में आता है लेकिन यदि आपके पास कोई टू व्हीलर, थ्री वाहन हो, 50 हजार का किसान क्रेडिट कार्ड या बड़े कृषि उपकरण है तो भी आपका नाम इस सूची से स्वतः बाहर हो जाएगा और लिस्ट में नाम होते हुए भी आपका क्लेम अस्वीकृत कर दिया जाएगा.

शहरी इलाके में यदि आपके परिवार का कोई सदस्य प्रति माह 10,000 रुपये से ज्यादा कमाता हो, या वह आयकर देता है, या पक्की दीवारों तथा छत के साथ दो या तीन कमरे है, एक फ्रिज है, एक लैंडलाइन फोन है, वह भी लाभार्थी सूची से बाहर हो जाएगा. तो यह है उन शर्तो की सूची जिसके आधार पर आपका क्लेम अस्वीकृत किया जा सकता है.

यदि आपके पास HDD नम्बर नहीं है तो कुछ शर्तों के अनुसार आपको आयुष्मान के लाभ दिया जा सकता है जैसे – ग्रामीण इलाके में कच्चा मकान, परिवार में किसी वयस्क (16-59 साल) का नहीं होना, परिवार की मुखिया महिला हो, परिवार में कोई दिव्यांग हो, अनुसूचित जाति/जनजाति से हों और भूमिहीन व्यक्ति/दिहाड़ी मजदूर इसके अलावा ग्रामीण इलाके के बेघर व्यक्ति, निराश्रित, दान या भीख मांगने वाले, आदिवासी और क़ानूनी रूप से मुक्त बंधुआ की श्रेणी में होना चाहिए.

तो यह है आयुष्मान योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे आयुष्मान कार्ड की हकीकत. इन कार्ड में सिर्फ एक QR कोड दिया जा रहा है. इस कार्ड की हकीकत आपको तब पता चलेगी जब आप प्राइवेट अस्पताल में इलाज करा के क्लेम लेने जाएंगे.

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