Monday, September 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

नवनाजीवादी जेलेंस्की वध का खाका खींच रखा है नाटो ने

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 5, 2024
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
नवनाजीवादी जेलेंस्की वध का खाका खींच रखा है नाटो ने
नवनाजीवादी जेलेंस्की वध का खाका खींच रखा है नाटो ने

ये अजीब समाचार है कि, नाटो-अमरीका के यूक्रेन पर अरबों खरबों डालर बहाये जाने के बाद भी यूक्रेन से 18 वर्ष से 50 वर्ष बीच के 6 लाख 62 हजार पुरुष नागरिक अचानक गायब बताये जा रहे हैं. बेलारूस में रह रहे एक यूक्रेनी अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कार्यकर्ता सेदिस्को पेद्रीजा ने कहा-

‘इसमें आश्चर्य वाली कोई बात नहीं है और गायब हुए सभी भगोड़े पुरुष सुरक्षित होंगे. यूक्रेन में रूस ने 24 फरवरी 2022 को जब पहला हमला किया तभी से यूक्रेनी राष्ट्रपति का राष्ट्र हित का प्रमुख कर्तव्य संदिग्ध रहा है. क्या कोई राष्ट्र प्रमुख अपने मुल्क पर टूट पड़ी आपदा को निपटाने के लिए किसी अन्य राष्ट्र से सलाह लेने की मूर्खता करता है ?

You might also like

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

‘जेलेंस्की ने ऐसा किया है. पहले हमले पर ही जेलेंस्की के फोन अमरीका व जर्मन के लिए लग गये. जेलेंस्की को जब तक नाटो देशों से हमले का सिग्नल मिलता तब तक पुतिन के फाइटर जेट दर्जनों मिसाइलें उगल कर यूक्रेन विनाश का सूत्रपात कर चुके थे.’

पिछले दो सालों से यूक्रेनी विश्वविद्यालय, कालेज व मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट लगभग बंद पड़े हुए हैं. राज-काज पूरी तरह ढह चुका है. स्कूली बच्चों को आनलाइन पढ़ाया जा रहा है. बिजली, रेलवे, दवाइयां व अन्य बुनियादी जरूरत की चीजें एकदम नदारद हैं. सड़कों में सन्नाटा रिहाइशी इलाकों में वीरानी पसरी हुई है. सेनाकर्मियों द्वारा महिलाओं के साथ अभद्रता चरम पर है.

लड़कियों के साथ बलात्कार भी एक तरह से देशभक्ति का हिस्सा बनने जा रहा है. बलात्कार पीड़ित महिलाएं जायें तो कहां जायें ? जिम्मेदार पुलिस महकमे बलात्कार पीड़ितों से कह रहे हैं कि युद्ध चल रहा है, हालात बेकाबू हैं, बाहर निकलने की जहमत मत उठाओ. भूखे, लाचार, मजबूर नागरिकों द्वारा दिन ब दिन आत्महत्याओं के मामले बढ़ते जा रहे हैं. युद्धरत देश के नागरिकों द्वारा इस सब पर आंकड़े बताना देशद्रोह है.

तीन दिन पहले ही 29 अप्रैल से 1 मई के शाम 5 बजे तक महज 3 दिन से भी कम समय में रूसी सेना ने यूक्रेन के 1813 सैनिकों को मार दिया. जेलेंस्की ने सेना में लोगों को जबरन भर्ती का अभियान चला रखा है. युवा व अधेड़ उम्र के लोगों के लिए देश से बाहर जाने का पासपोर्ट-वीजा जारी करने पर प्रतिबंध लगा दिया है.

यूक्रेन के किसी भी नागरिक को जेलेंस्की पर भरोसा नहीं रह गया है इसलिए 6 लाख 62 हजार यूक्रेनी नागरिक स्वयं ही लापता हो लिए हैं. इस पर पश्चिमी मीडिया खामोश है. सबको पता है जेलेंस्की अंतरात्मा से युद्ध हार चुके हैं और इस समय जो कर रहे हैं वो सिर्फ नाटो अमरीका की फिरकी बनकर कर रहे हैं.

जेलेंस्की को 61 अरब डॉलर देने के बाद भी नाटो मुख्यालय ब्रुसेल्स में जहां एक ओर अचानक भगदड़ मची हुई है, वहीं दूसरी ओर एक और खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि यूक्रेन में नाटो देशों द्वारा भेजे गये हथियारों की नई खेप जिसमें अमरीकी अब्राहम टैंक व जर्मनी लेपर्ड टैंक भी शामिल हैं को, डोनबास से 86 किमी दूर समुद्र तट से लगे जिस जंगल के बीच छिपाया गया था, वहां पुतिन ने क्रूज मिसाइल से हमला कर सबकुछ धुआं धुआं कर दिया है.

पेंटागन के एक अधिकारी ने कहा कि हमारे पास इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि हथियारों के डिपो पर जिस क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल किया गया है वो एक उत्तर कोरियाई बेलिस्टिक मिसाइल थी. नाटो में इस समय बदहवासी व अफरातफरी का आलम ये है कि ब्रिटिश खुफिया एजेंसी एमआई-6 का कथित तौर पर दावा है कि यूक्रेनी सेना क्रेमलिन से आपरेट हो रही है.

यूरोपीय खुफिया एजेंसियों पर जेलेंस्की के नजदीकी लोगों का आरोप है कि जेलेंस्की अगर रूस से युद्ध विराम की पहल करते हैं तो जेलेंस्की को किसी नाटो सदस्य देश द्वारा उसी समय मौत के घाट उतार दिया जायेगा.

जेलेंस्की अब रूस के प्रति पहले की तरह आक्रामक नहीं हैं लेकिन पश्चिमी मीडिया अपने समाचारों में जेलेंस्की को एक सिरफिरा राष्ट्र प्रमुख का तमगा जड़ चुकी है ताकि यूक्रेन हारता है तो नाटो सदस्य देशों को हार का ठीकरा जेलेंस्की के सिर फोड़ने में आसानी हो सके.

  • ए. के. ब्राईट

Read Also –

पुतिन ने फिर कहा रूस पश्चिमी श्रेष्ठतावाद का नामोनिशान मिटाकर रहेगा
पुतिन को नियंत्रित करती रूसी कम्युनिस्ट पार्टियां
यूक्रेन और इजरायल कंगाली के चलते दुनिया के मानचित्र से आत्महत्या के मुहाने पर आ गए हैं
यूक्रेन युद्ध : अमरीका के नेतृत्व में चलने वाले नाटो को भंग करो
उत्तर कोरिया, चीन, रूस के चक्रव्यूह में तबाह होते नाटो देश

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

एक पहिया

Next Post

कार्ल मार्क्स के जन्मदिन पर : एक मज़दूर की यादों में कार्ल मार्क्स

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

by ROHIT SHARMA
September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

by ROHIT SHARMA
September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

by ROHIT SHARMA
August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

by ROHIT SHARMA
August 27, 2026
Next Post

कार्ल मार्क्स के जन्मदिन पर : एक मज़दूर की यादों में कार्ल मार्क्स

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

न्यायपालिका : संस्था महत्वपूर्ण होती है न कि कोई व्यक्ति विशेष

August 15, 2020

रूस-यूक्रेन युद्ध से सीखे गए सबक को अमेरिकी सेना के सिद्धांत में शामिल करने का एक दृष्टिकोण

December 9, 2024

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026
गेस्ट ब्लॉग

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

तौर-तरीकों को पकड़कर विघटनवाद के खिलाफ संघर्ष की सारवस्तु का गला घोटने के अवसरवादी-विघटनवादी इरादों का पर्दाफाश !

September 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

आत्मसमर्पण क्यों करते हैं क्रांतिकारी नेता ? 2019 के एक दस्तावेज में सीपीआई (माओवादी) की केंद्रीय समिति की समझ

August 29, 2026
गेस्ट ब्लॉग

भारत : अवसरवाद, परिसमापनवाद और संशोधनवाद के खिलाफ संघर्ष तेज़ करें !

August 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

प्रशांत बोस उर्फ किशन दा के बारे में संक्षिप्त जानकारी

August 26, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

रूस यूक्रेन युद्ध में हार जीत के असल मायने

September 6, 2026

युवा शक्ति की पहली ललकार में ही बह निकली इनकी सप्तधारा !

September 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.