Saturday, March 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

ईवीएम हटाओ, बैलेट पेपर से चुनाव कराओ !

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
May 22, 2025
in ब्लॉग
0
585
SHARES
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
ईवीएम हटाओ, बैलेट पेपर से चुनाव कराओ !
ईवीएम हटाओ, बैलेट पेपर से चुनाव कराओ !

ईवीएम हटाओ, बैलेट पेपर से चुनाव कराओ और कार्पोरेट को दिये ₹25,00,000 करोड़ के नहीं चुकाए गए कर्ज (बट्टे खाते में डाले गए कर्ज) को वसूल करो. उस धन का उपयोग करके युवाओं के लिए उनके राज्यों में रोजगार पैदा करो, जैसे दो महत्वपूर्ण कार्ययोजनाओं को अपने हाथों में लेकर तमिलनाडु के दो युवा इंजीनियर आ. नंदिनी (BABL) और स. गुणा ज्योति बासु (B.Tech (IT) भाषाई सीमाओं को तोड़कर देश भर के युवाओं को जागरूक करने निकले हैं.

अभी ये दो युवा बिहार के युवाओं को जागरूक करने के अभियान में बिहार की राजधानी पटना में हैं और लोगों से संपर्क कर रहे हैं. ये दो युवा हैं, आ. नंदिनी (BABL) और स. गुणा ज्योति बासु (B.Tech (IT). ये ‘लोगों के लिए लड़ने पार्टी’ बनाये हैं. इनका पता है –  36, पांडियन नगर, गांधीपुरम, K पुदूर, मदुरै, तमिलनाडु- 625007. अपने साथ संपर्क के लिए एक ह्वाट्सअप नंबर – 9150809280 भी जारी किया है. साथ ही अपने इस अभियान में लोगों के लिए एक पत्र भी दे रहे हैं, जिसका मूल यहां हम प्रस्तुत कर रहे हैं.

You might also like

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

महावीर भगत सिंह ने कहा था, ‘एक सच्चा स्वतंत्र देश वह है जहां बच्चा दूध के लिए नहीं रोता, एक विद्यार्थी जो शिक्षा के लिए लालायित न हो, एक युवक जो काम की तलाश में भटकता हो.’

भगत सिंह जैसे अनेक वीरों के बलिदान के कारण ही हमारे देश को स्वतंत्रता मिली लेकिन क्या उन शहीदों का सपना साकार हुआ ? क्या भारत गरीबी मुक्त देश बन गया है ? क्या सभी को शिक्षा मिली है ? क्या सभी को नौकरी मिल गई है, जैसा कि वे सोचते थे ? कटु सत्य तो यह है कि नहीं.

हर साल 2 करोड़ लोगों को नौकरी देने का वादा करके मोदी सत्ता में आए. 11 साल हो गए हैं लेकिन भारतीय युवाओं की स्थिति क्या है ? रोजगार पूरी तरह से गायब हो गया है. काम की तलाश में देश भर में भटकना आज युवाओं का काम बन गया है. सिर्फ देश भर में ही नहीं, आज मोदी सरकार ने भारतीय युवाओं को काम की तलाश में दुनिया भर में भटकने की स्थिति में ला दिया है. ये है मोदी सरकार की 11 साल की उपलब्धि.

नोटबंदी, जीएसटी और कोरोना लॉकडाउन जैसे उनकी योजनाएं के कारण मौजूदा नौकरियां भी खत्म हो गईं. गरीबी बढ़ रही है. आज के शासक जनता पर कर लगाने और लूटने में ब्रिटिश शासकों से भी अधिक क्रूर और लुटेरों की तरह काम करते हैं. उन्हें जनता के प्रति कोई चिंता या दया नहीं है.

जीएसटी समेत अनेक टैक्स लगाकर जनता को लूटने वाली मोदी सरकार कॉरपोरेट्स को बार-बार कर्ज और रियायतें देती रहती है लेकिन वे उस कर्ज को वसूल नहीं करती. मोदी सरकार ने सिर्फ पिछले 10 वर्षों में मोदी के मित्रों, गुजरात के कॉरपोरेट्स को 25 लाख करोड़ रुपये का ऋण दिया है और इसे बट्टे खाते में डाल दिया है. यही वह आधार है जिसके आधार पर वे भारत के सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों और देश की परिसंपत्तियों को खरीद लेते हैं. यह सब जनता का पैसा है.

क्या देश में केवल अंबानी और अडानी जैसे कुछ कॉरपोरेट को ही जीना चाहिए ? क्या हमारा देश सिर्फ अंबानी और अडानी का है ? क्या यह देश भारतीय लोगों का नहीं है ?

लोगों को लूटने, धोखा देने, उन्हें धर्म और जाति के आधार पर बांटने और दंगे भड़काने के अलावा भाजपा गिरोह और कुछ नहीं जानता. कुछ लोगों के लिए शासन करनेवाली और बहुसंख्यकों को लूटने वाली भाजपा बार-बार सत्ता में कैसे आ जाती है ? क्या यह ईवीएम धोखाधड़ी के बिना संभव है ?

जब तक चुनाव बैलेट पेपर पर होते थे, तब तक लोगों को कम से कम कुछ सम्मान तो था. जब उन्होंने भारत में ईवीएम वोटिंग मशीनों का उपयोग करके चुनाव कराना शुरू किया, तभी उन्होंने भारतीय लोगों को पूर्णतः गुलाम बना दिया. उन्होंने ईवीएम से धांधली वाले चुनावों के माध्यम से लोकतंत्र को समाप्त कर दिया है और भारत को पूर्ण तानाशाही देश में बदल दिया है. चुनाव के नाम पर वोटिंग मशीनों से धोखाधड़ी करके पूरे भारतीय लोगों को बेवकूफ बना रहा है.

यहां तक ​​कि संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और जापान जैसे अत्यधिक विकसित देशों में भी चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से होते हैं लेकिन भारत में ईवीएम से धांधली वाले चुनावों के जरिए लोगों से वोट देने का अधिकार छीन लिया गया है. हमने एक मॉडल ईवीएम का उपयोग करके यह प्रदर्शित किया है कि ईवीएम धोखाधड़ी किस प्रकार की जा सकती है, जिसे लिंक पर क्लिक करके देखा जा सकता है.

ईवीएम में हेराफेरी करके मोदी बार-बार प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठ रहे हैं. अगर ईवीएम में धोखाधड़ी नहीं हुई होती तो यह फासीवादी भाजपा सरकार गिर गई होती. यह ईवीएम धोखाधड़ी ही कारण है कि आज भाजपा केंद्र और कई राज्यों में सत्ता में है. जब तक ईवीएम मौजूद रहेगी, लोकतांत्रिक शासन नहीं चलेगा. लोगों की कोई भी समस्या हल नहीं होगी. जब तक ईवीएम मौजूद हैं, उन्हें सत्ता से हटाया नहीं जा सकता.

दो मुख्य मुद्दे जिनके खिलाफ आज भारतीय लोगों लड़ना चाहिए –

  1. ईवीएम पर हटाने और बैलेट पेपर पर चुनाव कराने के लिए भारतीय लोग संघर्ष करना चाहिए. हमें वोट देने का अधिकार चाहिए. हम धोखाधड़ी से अपना वोट चुराना बर्दाश्त नहीं कर सकते.
  2. ₹ 25,00,000 करोड़ के नहीं चुकाए गए कर्ज (बट्टे खाते में डाले गए कर्ज) को वसूल करो. उस धन का उपयोग करके युवाओं के लिए उनके राज्यों में रोजगार पैदा करो. इसके लिए भारतीय लोग संघर्ष करना चाहिए.

अपने ही देश में शरणार्थियों की तरह काम की तलाश में एक शहर से दूसरे शहर भटकते रहने की बदतर स्थिती इधर है. मोदी सरकार में कॉरपोरेट्स को दिये गये 25 लाख करोड़ रुपये के खराब ऋणों की उचित वसूल करना चाहिए. और युवाओं के लिए उनके राज्यों में, उनके क्षेत्रों में ही रोजगार के अवसर पैदा करना चाहिए.

बिहार में बिहार के नौजवानों के लिए, उत्तर प्रदेश में उत्तर प्रदेश के नौजवानों के लिए, पश्चिम बंगाल में पश्चिम बंगाल के नौजवानों के लिए, तमिलनाडु में तमिलनाडु के नौजवानों के लिए, जैसे हर राज्य के नौजवानों के लिए उनके राज्यों के अंदर में ही रोज़गार पैदा करना चाहिए.

भारत में कुल 780 जिले हैं. यदि 25 लाख करोड़ रुपये के इस बट्टे खाते कॉर्पोरेट ऋण को वसूल कर वितरित कर दिया जाए तो प्रत्येक जिले में 3200 करोड़ रुपये के रोज़गार और उद्योग स्थापित किए जा सकते हैं. करोड़ों युवाओं के लिए उनके अपने राज्यों में ही रोजगार सृजित कर सकते हैं. 5 वर्षों में भारत के सभी जिलों को औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों में आत्मनिर्भर जिलों में बदला जा सकता है. इसके माध्यम से पूरे देश को समृद्ध और विकसित देश में बदला जा सकता है.

भारत के लोगों, विशेषकर भारत के युवाओं को इस संघर्ष का नेतृत्व करना चाहिए. देश से प्रेम करने वाले प्रत्येक व्यक्ति को इस आंदोलन का समर्थन करना चाहिए.

Read Also –

ईवीएम और हत्याओं के सहारे कॉरपोरेट घरानों की कठपुतली बनी देश का लोकतंत्र
ईवीएम सिस्टम को बॉयोमीट्रिक वोटिंग में समय रहते रिप्लेस कीजिये
हवाना सिंड्रोम भी होता है लेकिन ईवीएम में छेड़छाड़ नहीं हो सकती
गुजरात चुनाव में बीजेपी की जीत का एक मात्र कारण ईवीएम हैकिंग नही और भी बड़े और गम्भीर कारण हैं.

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लॉग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लॉग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate

Previous Post

फटे जूते

Next Post

शांति वार्ता का झांसा देकर सीपीआई (माओवादी) के महासचिव बासवराज का हत्या किया मोदी-शाह गिरोह ने

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
ब्लॉग

आख़िर स्तालिन के अपराध क्या था ?

by ROHIT SHARMA
November 6, 2025
Next Post

शांति वार्ता का झांसा देकर सीपीआई (माओवादी) के महासचिव बासवराज का हत्या किया मोदी-शाह गिरोह ने

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

fallacy यानी कुतर्क, यानी झूठ और सच

April 8, 2022

श्रीलंका : प्रतिक्रांति के समर्थक ही आज सत्ता के खिलाफ मैदान में हैं

May 11, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026
गेस्ट ब्लॉग

पाउलो फ्रेरे : ‘कोई भी शिक्षा तटस्थ नहीं होती, लोगों को बदलने के लिए तैयार करता है अथवा सत्ता की रक्षा करता है.’

February 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

‘हमें नक्सलबाड़ी के रास्ते पर दृढ़ता से कायम रहना चाहिए’ – के. मुरली

February 24, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

February 14, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

टीकेपी-एमएल का बयान : ‘भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के नेतृत्व में लड़ रही पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) की 25वीं स्थापना वर्षगांठ को लाल सलाम !’

March 1, 2026

‘संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में गाजा और वेस्ट बैंक में जातीय सफाए की संभावना’ – जीन शाउल (WSWS)

March 1, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.