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Home गेस्ट ब्लॉग

उपराष्ट्रपति-चुनाव : देश की पतन की गाथा में एक और काला अध्याय

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
September 8, 2025
in गेस्ट ब्लॉग
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उपराष्ट्रपति-चुनाव : देश की पतन की गाथा में एक और काला अध्याय
उपराष्ट्रपति-चुनाव : देश की पतन की गाथा में एक और काला अध्याय
Subrato Chatterjeeसुब्रतो चटर्जी

उपराष्ट्रपति चुनाव पर दो चार बातें साफ़ कर दूं –

  1. नायडू ब्लैकमेलर है, इसलिए सरकार को समर्थन करेंगे.
  2. आंध्र प्रदेश के चुनावों में अभी बहुत देर है, इसलिए उनके पास वहां की जनता को मूर्ख बनाने के लिए पर्याप्त समय है.
  3. भाजपा के प्रत्याशी को समर्थन के बदले नायडू केंद्र सरकार से भारी वित्तीय मदद लेकर अमरावती प्रोजेक्ट को पूरा कर अपनी जनता के बीच लोकप्रियता बनाए रखेंगे.
  4. नीतीश कुमार मोदी और अमित शाह के द्वारा ब्लैकमेल किए जा रहे हैं, इसलिए उनके पास संघी प्रत्याशी को समर्थन करने के अलावा और कोई चारा नहीं है.
  5. भाजपा के सांसदों से क्रॉस वोटिंग की उम्मीद करना बेकार है, क्योंकि संघी जन्मजात गुलाम मानसिकता के होते हैं.
  6. एकाध दर्जन तथाकथित विद्रोही भाजपा सांसदों के क्रॉस वोटिंग करने पर भी परिस्थितियों में कोई अंतर नहीं पड़ेगा.
  7. कुछ विपक्षी सांसदों की भी मोदी के प्रत्याशी के समर्थन में वोटिंग करने की संभावना है.

इस परिदृश्य में रेड्डी का जीतना लगभग नामुमकिन है. एक ही स्थिति में सारा खेल बिगड़ सकता है. धनकड़ का इस्तीफ़ा राष्ट्रपति को व्यक्तिगत रूप से नहीं सौंपा गया है, इसलिए, कानूनन यह मान्य नहीं है. अगर नज़रबंद धनकड़ सामने आ कर खुद यह बात कहें तो इसका मतलब यह होगा कि वे आज भी भारत के उपराष्ट्रपति हैं.

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सुप्रीम कोर्ट में जाने से कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि अपने भतीजे को जज बनाने के लिए compromised मुख्य न्यायाधीश के पास न्याय करने का नैतिक बल नहीं बचा है. इन कारणों से कल शाम को एक संघी को भारत के उपराष्ट्रपति पद पर देखने के लिए तैयार रहिए.

यह वही पद है जिसे एक समय शंकर दयाल शर्मा और हामिद अंसारी जैसे व्यक्तित्व सुशोभित कर चुके हैं. देश की पतन की गाथा में एक और काला अध्याय जुड़ने की तैयारी पूरी है.

Read Also –

विपक्ष के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार, न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बी सुदर्शन रेड्डी के साथ पत्रकार का साक्षात्कार

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