मार्क्सवाद-लेनिनवाद के उत्तराधिकारी जोसेफ स्टालिन पर सबसे ज्यादा हमले प्रतिक्रियावादी ताकतों और साम्राज्यवादी बदमाशों ने किया है. उनको सनकी, हत्यारा, रक्तपिपासु बताकर लगातार लांक्षित करने का प्रयास दशकों से किया जा रहा है. इन साम्राज्यवादी प्रतिक्रियावादी ताकतों ने स्टालिन के खिलाफ हजारों पुस्तकें, शोधपत्रों, भाषणों, फिल्मों के जरिये दुश्प्रचार का अभियान छेड़ दिया है.
इसके बावजूद स्टालिन मानवता के इतिहास का वह चमकता सूरज जिनपर कीचड़ उछालने का वाले के मूंह पर ही कीचड़ लिथड़ जाता है. अनिल जनविजय ने अपने बेहतरीन आलेख के माध्यम से स्टालिन को हत्यारा साबित करने के साम्राज्यवादी कोशिशों में पलीता लगा दिया है. आईये, इस बेहद संक्षिप्त आलेख के माध्यम से सच को जानते हैं.
- स्तालिन ने जापान में एटम बम गिराकर तीन लाख लोगों की हत्या की ?
जी नहीं, यह हत्यारा देश अमेरिका था. - स्तालिन ने 45 लाख से 60 लाख यहूदियों को मारा ?
जी नहीं, यह हिटलर का देश जर्मनी था. - स्तालिन ने कांगो में 60 लाख लोगों को मारा ?
जी नहीं, यह हत्यारा देश बेल्जियम था. - स्तालिन ने भारत के बंगाल में लाखों लोगों को भूखा-प्यासा रखकर मारा और एशिया और अफ्रीका के देशों को गुलाम बनाया ?
जी नहीं, यह हत्यारा देश इंग्लैंड था. - स्तालिन ने अल्जीरिया में लाखों लोगों की हत्या की ?
जी नहीं, यह हत्यारा देश था — फ्रांस. - स्तालिन ने वियतनाम में 30 लाख और कंबोडिया में 20 लाख लोगों की हत्या की ?
जी नहीं, इतनी बड़ी संख्या में ये हत्याएं अमेरिका ने की थी. - स्तालिन ही कोरियाई युद्ध में दक्षिणी कोरिया और उत्तरी कोरिया के 60 लाख निवासियों और 10 लाख चीनी लोगों की मौत का ज़िम्मेदार है ?
जी नहीं, इन लोगों की मौत का ज़िम्मेदार है — अमेरिका. - स्तालिन ने इराक में लाखों लोगों को मारा ?
जी नहीं, इन लोगों का हत्यारा भी अमेरिका ही है. - स्तालिन ने अफ़ग़ानिस्तान में ढाई लाख से ज़्यादा लोगों को मार दिया ?
जी नहीं, इन लोगों का हत्यारा भी अमेरिका ही है. - क्या स्तालिन ने यूगोस्लाविया, लीबिया और सीरिया को नष्ट नहीं किया ?
नहीं, यह कारस्तानी अमेरिका और यूरोप के देशों की यानी नाटो की थी. - क्या स्तालिन ने पूरे लैटिन अमेरिका के देशों में सैन्य तख्तापलट नहीं कराए और वहां तानाशाहों को गद्दी पर नहीं बैठाया ?
जी नहीं, यह सारी कारगुजारी अमेरिका ने की थी और अब फिर वेनेजुएला में करना चाहता है. - स्तालिन ने मेक्सिको, प्यूर्टो रिको, हवाई और अन्य देशों के मूल निवासियों का नरसंहार किया और इन देशों के आधे हिस्से पर कब्ज़ा कर लिया ?
जी नहीं, यह करामात भी अमेरिका ने ही दिखाई. अमेरिकी गोरों ने तो अमेरिका के मूल निवासी रेड इण्डियनों को भी लगभग पूरी तरह से मार दिया है. - स्तालिन ने पश्चिमी एशिया के ग़ज़ा पट्टी के इलाके में लड़ाई छेड़कर साठ हज़ार से ज़्यादा फ़िलिस्तीनियों को मार डाला है ?
जी नहीं, यह हत्यारा अमेरिका का पिट्ठू और मुंहलगा देश ‘इज़राइल’ है, जिसने आज (29 अक्तूबर 2025 को) भी बमवर्षा करके 90 फ़िलिस्तीनियों की हत्या की है. - स्तालिन ने ही तो फ़िलिस्तीन, सीरिया, लेबनान, जॉर्डन और मिस्र के क्षेत्रों पर कब्ज़ा करके इन देशों में हज़ारों लोगों की हत्या की, जिसके लिए अंतरराष्ट्रीय कानून द्वारा प्रतिबंधित आम जनसंहार के रसायनिक हथियारों और गैसों का इस्तेमाल भी किया गया है ?
जी नहीं, यह क़त्लेआम करने वाला यहूदी देश ‘इज़राइल’ है. - स्तालिन ने लाखों अश्वेत अफ्रीकियों को गुलाम बनाया, उन पर अत्याचार किए और उनकी जान ले ली ?
नहीं नहीं, यह काम भी सभ्य यूरोप के सभ्य देशों और सभ्य अमेरिका का ही है. - स्तालिन ने दक्षिण अफ्रीका और ज़िम्बाब्वे में नस्लवादी सरकारों का समर्थन किया था ?
जी नहीं, यह काम करने का श्रेय भी अमेरिका और ‘इज़राइल’ को ही जाता है. - क्या स्तालिन ने ही ब्राज़ील के ग्रामीण इलाके में अश्वेत युवकों की हत्या नहीं की ?
नहीं, यह टार्किसियो, कैआडो, ज़ेमा और ब्राज़ील की अन्य दक्षिणपंथी सरकारों की सैन्य पुलिस थी, जो अफ़्रीकी युवकों की खुलेआम हत्या कर रही थी.
तो फिर आख़िर स्तालिन के अपराध क्या थे ?
उनका सबसे बड़ा अपराध तो यह था कि उन्होंने रूस को सिर्फ़ दो-तीन दशकों में ही एक अर्ध-सामंती कृषि प्रधान देश से औद्योगिक देश व कृषि शक्ति में बदल दिया, सोवियत संघ में विज्ञान और प्रौद्योगिकी का विकास किया, पूरे सोवियत संघ से निरक्षरता का पूरी तरह से उन्मूलन कर दिया.
दूसरे विश्वयुद्ध में हिटलर को और जर्मनी को बुरी तरह से हराया. यहां तक कि आधे यूरोप से नाज़ियों को खदेड़ दिया, बर्लिन में लाल झंडा फहराया और अमेरिका के एटम बम का सामना करने के लिए सोवियत संघ को भी एटमी ताकत बनाया, लेकिन उस एटम का इस्तेमाल जापान जैसे कमज़ोर देशों पर कब्ज़ा जमाने के लिए न करके एटमी बिजलीघर बनाने में किया ताकिदुनिया के देशों को बेहद सस्ती बिजली मिल सके.
सोवियत संघ, चीन, पूर्वी यूरोप और कोरिया सहित दुनिया के एक तिहाई हिस्से में एक मज़बूत समाजवादी व्यवस्था की स्थापना की. द्वितीय विश्व युद्ध में क़रीब तीन करोड़ नागरिकों को गंवाने के बावजूद सोवियत संघ दुनिया की दूसरी आर्थिक और सैन्य शक्ति बन गया. हां, स्तालिन ने यहूदियों के ‘इज़राइल’ देश को बनाने के विचार का समर्थन करके एक बहुत बड़ी ग़लती भी की.
स्तालिन ने ही समाजवादी यथार्थवाद के मॉडल को सोवियत संघ में लागू किया था, जो एक बड़ी उपलब्धि थी लेकिन गरबाचोफ़ और येल्तसिन जैसे देशद्रोहियों की वजह से सोवियत संघ कई टुकड़ों में बंट गया. स्तालिन हत्यारा नहीं था. ज़रा यह भी याद कीजिए कि ट्रेब्लिंका और ऑस्विट्ज़ सहित पूर्वी यूरोप में बने नाज़ी यातना शिविरों में बन्द लाखों क़ैदियों को किसने रिहा करवाया था ?
जी हां, यह काम उन्हीं स्तालिन का था.
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