
पूरे देश में 301वां रैंक को लेकर आकांक्षा सिंह की भयंकर बेइज्जती के बाद रात में आतंकी बाबा ब्रह्मेश्वर मुखिया अपनी पोती के सपने में आया ….
उन्होंने अपनी पोती से पूछा पोती : ‘तुमने झूठ क्यों बोला कि UPSC में 301वां रैंक लाई है…?
आकांक्षा (पोती) : ‘दादा मिठाई खाने के लिए.’
ब्रह्मेश्वर मुखिया : ‘सिर्फ मिठाई के लिए ?’
पोती : ‘नहीं दादा ! मिठाई के साथ साथ मीडिया में इंटरव्यू के लिए…’
मुखिया : ‘सिर्फ इंटरव्यू के लिए ?’
पोती : ‘नहीं दादा !’
मुखिया : फिर ?
पोती : ‘301वां रैंक हड़पने के लिए …’
मुखिया : ‘तो हड़पी क्यों नहीं..?’
पोती : ‘वो तो किसी और का था, उसे पता चल गया …’
दादा : ‘मैंने तो सैकड़ों एकड़ जमीन लोगों की छीन ली और जो विरोध किया उसको सर कलम कर दिया और तो और हम गर्भवती महिलाओं के पेट चीर कर बच्चा तक को मार दिया था और तुम मेरे नक्शे कदम पर चल कर एक लड़की को भी काम तमाम नहीं कर सकी…’
पोती : ‘हम भी यहीं सोच रहे थे कि उसको मार दें और रिजल्ट पर कब्जा कर ले !’
दादा : ‘फिर मारी क्यों नहीं ?’
पोती : ‘वो दलित नहीं थी.’
दादा : ‘तो क्या हुआ ?’
पोती : ‘वो पिछड़ा भी नहीं थी.’
दादा : ‘जो भी थी, मार देना था न ?’
पोती : ‘दादा वो राजपूत थी …’
दादा : ‘ओह तेरी के…’
पोती : ‘दादा, फिर भी हमने आपके भूल चुके नाम को फिर से रौशन कर दिया …’
दादा : ‘कैसे ?’
पोती : ‘लोग कह रहे हैं कि जैसा धूर्त दादा था, उससे भी आगे पोती निकली !’
दादा : ‘शाबास पोती, तुमने साबित कर दिया कि तुम मेरी पोती हो !!’
‘जुग – जुग जियो और फ्रॉडगिरी करो. हमारा आशीर्वाद और जातिवादी समाज का साथ हमेशा रहेगा.’
- अज्ञात
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