Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home ब्लॉग

भाजपा के विधायक भीमा मंडावी की हत्या और उसका संदेश

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
April 12, 2019
in ब्लॉग
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

भाजपा के विधायक भीमा मंडावी की हत्या और उसका संदेश

लोकसभा चुनाव के ठीक पहले भाजपा जब अपने चुनावी घोषणा-पत्र में घोषणा करता है कि ‘महिलाओं के खिलाफ अपराध करने के लिए कड़े कानून बनायेंगे’ तब अधिकांश अखबारों ने इसे महज ‘टाईपिंग-मिस्टेक’ माना. परन्तु, बीते 5 सालों में भाजपा के नेताओं, मंत्रियों वगैरह के कारतूतों से हम जानते हैं कि भाजपा के चुनावी घोषणा-पत्र में ‘महिलाओं के खिलाफ अपराध करने के लिए कड़े कानून बनाने’ की बात ‘टाईपिंग-मिस्टेक’ नहीं है, बल्कि एक ऐसी सच्चाई है जिसका सामना देश की आम-महिलायें कर रही है, और भाजपा के नेताओं के बलात्कार अभियान का शिकार हो रही है, जो गलती से ही सही अब भाजपा के घोषणा-पत्र में भी शामिल हो गयी है, जिस तरह कब्रिस्तान और श्मासान का नारा उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा लगायी थी और एक साथ 64 बच्चों के आॅक्सीजन के अभाव में मौत का कारण बनी थी. इस घटना में सबसे आश्चर्यचकित करने वाली बात यह थी कि जो डाॅक्टर बच्चों को बचाने के लिए तन-मन-धन से जुट गया, उसे ही जेल में बंद कर दिया और 64 बच्चों को मारने वाले जिम्मेदार लोगों का बाल तक बांका न हुआ.

You might also like

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

उसी तर्ज पर अब जब महिलाओं के खिलाफ अपराध करने के लिए कड़े कानून बनाने की बात करने वाले भाजपा कश्मीर की ‘अरीफा’ के बलात्कारियों को बचाने के अभियान में निकली और देश भर में घूमते हुए बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह में अनाथ (निरीह) बालिकाओं के साथ बलात्कार करने वाले नेताओं के बचाव में तैनात हो गई, उसके घोषणा-पत्र का अक्षरशः पूर्वांकन है, जो भाजपा के दुबारा सत्ता में आने के बाद और भीषणतम रूप में शुरू होगी.




देश की सत्ता पर विराजमान होने के साथ ही भाजपाईयों ने देश भर में महिलाओं के खिलाफ बलात्कार करने, प्रताड़ित करने का मानो एक अभियान-सा चला दिया और उसका हौलसा-आफजाई तथा संरक्षण करने में बलात्कार के आरोपित केन्द्रिय मंत्री से लेकर खुद प्रधानमंत्री मोदी तक लग गये. जिस प्रधानमंत्री पर महिलाओं की जासूसी कराने वगैरह का आरोप हो, नरसंहार का अभियुक्त हो, उसे तो प्रधानमंत्री बनाना ही नहीं चाहिए. इस प्रसंग में सबसे दुखद बाद तो यह है कि प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाने वाले व्यक्तियों को ही जेलों में डाल दिया गया, उसे प्रताड़ित किया गया और उससे भी आगे बढ़कर उत्तर प्रदेश में अपनी बेटी के साथ किये भाजपा नेताओं के बलात्कार की रिपोर्ट लिखाने वाले पिता को ही पीट-पीट कर मार डाला गया.

सारे देश की महिलायें इस बलात्कारी केन्द्रीय सत्ता से इस कदर भयभीत हो उठी है कि अब तो वह पुलिस में रिपोर्ट लिखाने से भी डरने लगी है क्योंकि पुलिस तंत्र इन बलात्कारियों का ही तबल चाटता है. यह सर्वविदित है कि बलात्कारियों का यह सत्ता देश में अविवाहित लोगों का एक ऐसा खेमा खड़ा कर चुकी है, जो परिवार नामक संस्था को ही बदनाम कर रही है और बलात्कार का नया अध्याय लिख रही है और अब उसे कानूनी जामा भी पहनाने का प्रयास कर रहा है. बलात्कारियों को भगवान का दर्जा देने के लिए वह सारे कुकर्म कर रही है, जिसे परिवार नामक पारंपरिक संस्था अवैध करार देती आई है.




देश की सत्ता सम्भालने के साथ ही महिलाओं के खिलाफ जिस तरह अपराधों में तेजी दर्ज की गई है, वह उसके वर्तमान घोषणा-पत्र में दर्ज हो गई है. परन्तु, उसे अंदाजा नहीं है कि इस देश की जनता और परिवार नामक संस्था अपने महिलाओं की रक्षा के लिए क्या-क्या कदम उठा सकती है ? इसमें सबसे शानदार कदम उठाया है छत्तीसगढ़ की जनता ने. भाजपा नेता और उसकी पुलिसिया तंत्र, जो महिलाओं खासकर आदिवासी महिलाओं को बलात्कार का सबसे आसान शिकार मानती है, और हत्या, बलात्कार, थाने के लाॅकअप में सामूहिक बलात्कार, बिजली के करेंट दौराना, महिलाओं के स्तनों को खुलेआम निचोड़ना जैसे कुकृत्य खुलेआम सत्ता के संरक्षण में करती है, को मौत के घात उतार दी.

हम बात कर रहे हैं छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में मारे गये भाजपा के विधायक भीमा मंडावी और उसके सिपहसालार सिपाहियों की. ये विधायक और उसके साथ के सिपाही की हत्या आदिवासी महिलाओं पर आये दिन जुल्मों की कहानी लिखने वालों को एक चेतावनी है, भले ही इसे नक्सली या माओवादी गतिविधियों से क्यों न जोड़ा जाये, परन्तु, भाजपा विधायक मंडावी की हत्या देश भर की महिलाओं पर ढाये जा रहे जुल्मों की अकथनीय दास्तां लिखने वालों के खिलाफ प्रतिरोध की एक आवाज है. मंडावी की हत्या यह बताती है कि ‘अगर तुम महिलाओं पर जुल्म ढाना बंद नहीं करोगे तो सत्ता की चाहे कितनी ताकत लगा ले, तुम सुरक्षित नहीं रह सकते. देश की जनता इसका प्रतिशोध जरूर लेगी.’ यह एक बेहद सुखद और सुन्दर संदेश है कि अगर गरीबों के बेटे-बेटियां सुरक्षित नहीं रहेंगे तो तुम भी सुरक्षित नहीं रह सकते.




Read Also –

अज्ञानता के साथ जब ताकत मिल जाती है तो न्याय के लिए सबसे बड़ा खतरा खड़ा हो जाता है
उड़ीसा : कॉरपोरेट लुट के लिए राज्य और वेदांता द्वारा नियामगीरी के आदिवासियों की हत्याएं और प्रताड़ना; जांच दल की रिपोर्ट
आप हिंसा के ज्वालामुखी पर बैठे हैं
नक्सलवादी हिंसा की आड़ में आदिवासियों के खिलाफ पुलिसिया हिंसा और बलात्कार का समर्थन नहीं किया जा सकता
लेधा बाई का बयान : कल्लूरी का “न्याय”
आदिवासी महिलाओं की हत्या में मशगूल छत्तीसगढ़ पुलिस
भाजपा का सारा कुनबा ही निर्लज्ज और हिन्दू संस्कृति विरोधी है
बलात्कार भाजपा की संस्कृति है




[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे…]




Tags: ‘टाईपिंग-मिस्टेक’छत्तीसगढ़ की जनतादंतेवाड़ापरिवारभाजपा के चुनावी घोषणा-पत्रभीमा मंडावी
Previous Post

नामांकन पॉलिसी में बदलाव के खिलाफ जेएनयू में विरोध-प्रदर्शन और चुनाव के लिए आम संदेश

Next Post

वेबसाइट की स्टिंग में खुलासा : सीधे पीएमओ से संचालित था नोट बदलने का धंधा

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

ब्लॉग

रोज़ गाय काटकर खाने वाला शैतान इजराइल दुनिया के पेट पर लात मारा है !

by ROHIT SHARMA
March 22, 2026
ब्लॉग

तुर्की के इस्तांबुल में भारतीय दूतावास के सामने विरोध प्रदर्शन: ‘ऑपरेशन कगार बंद करो’ और ‘नरसंहार बंद करो’ की मांग को लेकर नारे और रैलियां

by ROHIT SHARMA
December 22, 2025
ब्लॉग

नेपाल : ‘सभी वामपंथी, प्रगतिशील, देशभक्त और लोकतांत्रिक छात्र, आइए एकजुट हों !’, अखिल नेपाल राष्ट्रीय स्वतंत्र छात्र संघ (क्रांतिकारी)

by ROHIT SHARMA
November 25, 2025
ब्लॉग

सीपीआई माओवादी के नेता हिडमा समेत दर्जनों नेताओं और कार्यकर्ताओं की फर्जी मुठभेड़ के नाम पर हत्या के खिलाफ विरोध सभा

by ROHIT SHARMA
November 20, 2025
ब्लॉग

‘राजनीतिक रूप से पतित देशद्रोही सोनू और सतीश को हमारी पार्टी की लाइन की आलोचना करने का कोई अधिकार नहीं है’ : सीपीआई-माओवादी

by ROHIT SHARMA
November 11, 2025
Next Post

वेबसाइट की स्टिंग में खुलासा : सीधे पीएमओ से संचालित था नोट बदलने का धंधा

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

70 साल के इतिहास में पहली बार झूठा और मक्कार प्रधानमंत्री

December 21, 2018

किसानों के निशाने पर है अंबानी और अडानी

October 7, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.