
विगत दिनों सुकमा में माओवादियों के हाथों मारे गये सी.आर.पी.एफ. के 26 सिपाहियों की हत्या का माओवादियों के द्वारा ही रिकार्ड किया गया जीवन्त विडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है. इस वायरल विडियो में स्पष्ट तौर दिखाया गया है कि बिना किसी खौफ और परेशानी के माओवादियों ने जिस दृढ़तापूर्वक सिपाहियों पर हमला किया है, वह बहुत कुछ सोचने पर मजबूर कर देता है. यह विडियो इस बात की भी स्पष्ट घोषणा करता प्रतीत होता है कि अगर सिपाहियों और सरकार के द्वारा आदिवासियों के उपर जारी शोषण-दमन को नहीं रोका गया, तो आगे और भी हमले होंगे शायद उस समय सिपाहियों की शवों को दर्जन में नहीं सैकड़ों और हजारों में गिनना पड़े. माओवादी केे हालिया बयान भी इसी बात की पुष्टि करता प्रतीत होता है. उन्होंने साफ तौर पर हमले की जिम्मेवारी लेते हुए सुरक्षा बलों के द्वारा आदिवासी महिलाओं के उपर हो रहे बलात्कार और हत्या को जिम्मेदार ठहराया है. ऐसे में भारत सरकार को कोई ठोस कदम उठाना चाहिए ताकि आदिवासी महिला के उपर हो रहे अत्याचार पर लगाम लगायी जा सके. माओवादियों की ओर से वायरल विडियोे इस बात की भी तस्दीक करती है कि बंदूक के बल पर उन्हें खत्म नहीं किया जा सकता. ऐसे में बातचीत ही एकमात्र रास्ता बचता है, सुप्रीम कोर्ट ने भी इस बातचीत को आगे बढ़ाने का आदेश दिया है. बातचीत की यह प्रक्रिया चूंकि भारत सरकार ने ही बंद की थी और माओवादी की ओर से बातचीत में शामिल होने के लिए अधिकृत प्रवक्ता आजाद की हत्या कर दी थी, इसलिए बातचीत की इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का जिम्मा भी भारत सरकार के ही पास है. हम अपने पाठकों के लिए इस वायरल विडियों को यहां प्रस्तुत कर रहे हैं –
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