
घोर हिन्दुत्ववादी अवधारणा को अपने माथे पर चिपकाये मोदी सरकार के तीन साल की उपलब्धि में यह भी शामिल होगा कि देश भर में दूसरे धर्मों के प्रति न केवल उत्पीड़न ही बढ़ा है, वरन दलित-आदिवासियों के खिलाफ भी अप्रतिम माहौल बनाने में द्रुत प्रगति हुई है.
सोशल मीडिया पर वायरल दो विडियो इस बात का पुख्ता प्रमाण है कि सर्व धर्म समभाव वाले इस देश की मानसिकता कितनी ज्यादा विद्रुप हुई है. पहला विडियो एक नागा साधु का है, जो अपनी परम्परा के अनुसार नग्न अवस्था में भभूत लगाये कहीं जा रहे होते हैं. तीन सिख धर्मावलम्बी जैसे लगने वाले लोगों ने उसे पकड़कर न केवल बेरहमी से पीटा वरन् उसे अपने शरीर पर लपेटे पीले कपड़े को कमर के नीचे बांधने पर विवश भी किया. इसके बाद भी उसे लगातार पीटा जाता रहा.
एक दूसरे वायरल विडियो में एक कार में बैठे कुछ लोगों का है, जो एक गरीब मुसलमान को पकड़ लिया है और उसे लगातार ‘जय श्री राम’ का नारे लगाने पर विवश कर रहा है. विवश वह मुसलमान ‘जय श्री राम’ के नारे लगा भी रहा है, इसके बावजूद उसे लगातार जय श्री राम के नारे लगवाये जा रहा है. इस वावजूद वह उसके साथ नारे लगा रहा है. अंत उन लोगों ने उसे लगातार भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए जान से मार डालने की धमकी देते हुए ‘गेट-आऊट’ कहते हुए बाहर की ओर धकेल देता है.
ये दीढ़ जैसे लगने वाले दोनों ही लोगों में एक बात समान रूप से दिखाई देती है उसे शासन-व्यवस्था का कोई खौफ नहीं है. वह इस पूरी घटना का विडियो भी बनाता है और सोशल मीडिया पर अपलोड भी करता है. जिस प्रकार गुजरात में दलितों की लगातार पिटाई करते हुए का विडियो सार्वजनिक रूप से बनाता है और सोशल मीडिया पर वायरल करता है. धार्मिक उन्माद का यह रूप अत्यन्त ही भयानक है. यह समाज में न केवल घृणा ही फैलाता है वरन् सदियों से चली आ रही समरसता को भी तार-तार कर देता है. पाठकों के लिए यह विडियो यहां उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि वे इन धार्मिक उन्मादियों की सच्चाई की स्वयं जांच-परख कर सके.
You’re absolutely right. We have fast degenerating into a medieval society under this corrupt and fascist regime. Those who still pun their hopes from this government are credulous fools only.
मा. रोहित शर्मा, मैंने आपके दो पोस्ट पढ़ा, एक आधी रात की नकली आजादी और दूसरा देश में बढ़ता हिंदुत्ववादी धार्मिक उन्माद .दोनों ही पोस्ट अच्छे पठनीय और विचारणीय हैं.