तुम्हारे बिना मेरे नाम का कोई अर्थ नहीं है
इसी तरह बीच बीच में तुम मुझे याद आती रही जब वे मेरी पीठ से सटी चादर को जबरन खींच...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
इसी तरह बीच बीच में तुम मुझे याद आती रही जब वे मेरी पीठ से सटी चादर को जबरन खींच...
हिमांशु कुमार आपने कभी शांति को महसूस किया है ? कुत्ता भौंका, आपने ध्यान दिया कि शोर हो रहा है...
जगदीश्वर चतुर्वेदी प्रभाष जोशी हिन्दी के बड़े गद्यकार, संपादक और विचारक हैं. उनके गद्य को आधुनिक हिन्दी साहित्य और मीडिया...
मैं निर्विघ्न खाना खा रहा हूं तो यह यूं ही नहीं है यह एक ऐतिहासिक बात है ऐसा न हो...
पुतिन की दहशत और नाटो शिखर बैठक कराहपूर्ण नतीजों के साथ खत्म बाल्टिक देशों में से एक जिस लिथुआनिया में...
किस 'मिलान कुंदेरा' का 'शोक मनायें' और किसका नहीं...! मनीष आजाद कल मिलान कुंदेरा की मौत के बाद सोशल मीडिया...
दुनिया के सबसे निडर पत्रकार जूलियन असांजे को रिहा करो ! बेन एंड जैरी के को-फाउंडर बेन कोहेन को वॉशिंगटन...
हे लेखक ! हे लेखक ! तुम्हारे लिए वह क्षण कितना सुकून भरा होता होगा न जब तुम अपनी किसी...
अमरीका समेत पश्चिम यूरोप के देशों द्वारा यूक्रेन सरकार को दी जाने वाली भारी सामरिक एवं आर्थिक सहयोग की बदौलत...
अटो रेने कस्तिय्यो एक दिन मेरे देश के राजनीति-निरपेक्ष बुद्धिजीवियों से पूछेंगे ज़रूर हमारे ये सीधे-सादे लोग. उनसे पूछा जायेगा...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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