गुरू पूर्णिमा पर विशेष : अब ज्ञान का महोत्सव नहीं है गुरू पूर्णिमा !
'मैं साहित्य का और बाद में कानून का किसी-न-किसी का गुरु रहा. मेरे अधिकतर शिष्य गुरु घंटाल हो गए. उन्हें...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
'मैं साहित्य का और बाद में कानून का किसी-न-किसी का गुरु रहा. मेरे अधिकतर शिष्य गुरु घंटाल हो गए. उन्हें...
'कल बहुत जल्दी होता...और कल बहुत देर हो चुकी होगी...समय है आज’ कहा जाता है कि 17वीं शताब्दी की अंग्रेज़...
उन्हें कभी नहीं सताता पराजय का बोध वे हमेशा विजेताओं की जय बोलते हैं अखंड होता है उनका विश्वास कि...
शंबूक का कटा सिर जब भी मैंने किसी घने वृक्ष की छांव में बैठकर घड़ी भर सुस्ता लेना चाहा मेरे...
आज की दुनिया को नीतिगत तौर पर राजनेता नहीं, वैश्विक वित्तीय शक्तियां संचालित कर रही है ! हेमन्त कुमार झा,एसोसिएट...
प्रेमी फ़क़ीर होते हैं, मैं शून्य हूं... प्रेमी फ़क़ीर होते हैं. प्रेमी धन कमा नहीं सकता; कमा भी ले, तो...
यहां पर कुछ समय बिताऊंगा तुम्हारे साथ काल के इस शिला खंड पर फ़ॉसिल बन कर उभरने तक पिघलता रहूंगा...
आर्थिक मंदी : समाजवादी अर्थव्यवस्था का मुकाबला पूंजीवादी अर्थव्यवस्था कभी नहीं कर सकता मौजूदा व्यवस्था के रहते, हमारे देश में...
देश चाहे जिसको सौंप दिया, घर बचा लीजिये, आख़िर बच्चे तो आपके हैं न ... ! 1757 में प्लासी की...
एक पेड़ है. पेड़ क्या, पेड़ के नाम पर बोन्साई है मगर उसी की लहर आई है. सब उसी के...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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