देश चाहे जिसको सौंप दिया, घर बचा लीजिये, आख़िर बच्चे तो आपके हैं न … !
देश चाहे जिसको सौंप दिया, घर बचा लीजिये, आख़िर बच्चे तो आपके हैं न ... ! 1757 में प्लासी की...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
देश चाहे जिसको सौंप दिया, घर बचा लीजिये, आख़िर बच्चे तो आपके हैं न ... ! 1757 में प्लासी की...
एक पेड़ है. पेड़ क्या, पेड़ के नाम पर बोन्साई है मगर उसी की लहर आई है. सब उसी के...
अमेरिका से लौटते ही नरेंद्र मोदी चुनावी मोड में आ गए... (कार्टून : हेमन्त मालवीय) राम अयोध्या सिंह मिस्र होते...
मेरा यह प्रेम-पत्र... मेरा यह प्रेम-पत्र तुम्हारी खूबसूरत नम आंखों तक पहुंचने से पहले न जाने कितने बिन पानी आंखों...
एक दिन हमसे पूछा जाएगा हम क्या कर रहे थे ? एक दिन हमसे पूछा जाएगा हमारी नींद कितनी गहरी...
कोई मौसम ऐसा भी आता है कितना भी सहेजें शब्दों में घुन लग जाता है ऊपर से सही सलामत दिखते...
समान नागरिक संहिता : भई गति सांप छछूंदर केरी ! कनक तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ किसी देश का...
तुम मर जाओ जेपी... क्या आप जानते हैं कि जेपी के कंधों पर सवार होकर आने वाली जनता सरकार, जेपी...
ब्रतानिया हुकूमत का चरण वंदना करने वाले आज हमें राष्ट्रवाद का उपदेश दे रहे हैं संजय कुमार सिंह इस 8...
वी. पी. सिंह : जो न अपने घर का रहा और न ही घाट का ओबीसी के लिए आरक्षण लाने...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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