दलित कविता का वर्तमान – ‘शिकायत’ से ‘चुनौती’ तक का सफर
'मुक्ति कभी अकेले की नहीं होती', इसमें वे तमाम लोग शामिल होते हैं जो मेहनतकश हैं. हजारों वर्षों से दासत्व...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
'मुक्ति कभी अकेले की नहीं होती', इसमें वे तमाम लोग शामिल होते हैं जो मेहनतकश हैं. हजारों वर्षों से दासत्व...
...क्योंकि शासक वर्ग द्वारा, मज़दूर वर्ग के विरुद्ध, यह एक युद्ध लड़ा गया था, एक वर्ग-युद्ध, जिसमें में मज़दूर हार...
आभा शुक्ला यूपी की कानून व्यवस्था कितनी चाक चौबंद है इस बात का अंदाजा इसी से लगा लीजिए कि संजीव...
भारत का इतिहास पराजयों का इतिहास क्यों है ? किसी भी देश की नई पीढ़ी जब अपने देश का इतिहास...
अच्छा किया तमिल कवयित्री सुकीरथरणी ने जो अडानी समूह द्वारा प्रायोजित देवी पुरस्कार लेने से साफ इंकार कर गयीं नहीं...
एक मरी हुई चिरैया मेरे पांव के सामने पड़ी है अगला कदम उठाने के पहले हज़ार बार सोचना है हर...
अब बाजार से नहीं, युद्ध से तुम्हारे लिए खुशियां लाऊंगा हमारे आंखों के सामने एक संसार गढ़ा जा रहा है...
मुनेश त्यागी भारत के संविधान में सस्ते और सुलभ न्याय की व्यवस्था कायम की गई है. वहां पर प्रावधान किया...
अमावस की रात अमावस की रात जली हुई काली रोटी है जब मुझे भटकना अच्छा लगता है तो मैं तुम्हारे...
सोमालियन पार्लियामेंट फासिस्ट आर्किटेक्चर के ध्वंसावशेष का रुप है भारत का मोदी निर्मित 'सेन्ट्रल विष्टा' पेलाजो ब्राशची...मुसोलिनी की फासिस्ट पार्टी...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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