हिंसक होकर हम हिंसा से मुक्त कैसे हो सकते हैं !
हिंसक होकर हम हिंसा से मुक्त कैसे हो सकते है ! हिमांशु कुमार मनुष्य हिंसा मुक्त दुनिया बनाना चाहता है....
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
हिंसक होकर हम हिंसा से मुक्त कैसे हो सकते है ! हिमांशु कुमार मनुष्य हिंसा मुक्त दुनिया बनाना चाहता है....
आवारा और दलाल पूंजी के खतरे के बीच सोनी सोरी के जन्मदिन पर इन्दरा राठौर मोटे तौर पर आवारा और...
धंधेबाज़ रामदेव का धर्म के नाम पर ‘शरबत जिहाद’ हरिशंकर परसाई ने कहा है कि ‘धर्म जब धंधे से जुड़...
'नो अदर लैंड', तब जाएं तो जाएं कहां ? तानाशाहों को हमेशा लगता है कि कला जैसे उनके लिए काल...
औरत महिलाएं चूल्हे पर चावल रख रही हैं जिनके चेहरों की सारी सुन्दरता और आकर्षण गर्म चूल्हे से उठती गर्मी...
सतयुग आ चुका था विष्णु नागर यह उस समय की बात है, जब सारे विरोध और अंतर्विरोध गहरे दफ्न हो...
भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय कमेटी द्वारा ‘भारत देश में जाति का सवाल-हमारा दृष्टिकोण’ नामक दस्तावेज मई 2017 में जारी किया...
हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना बिहार के लोगों के पलायन पर कन्हैया कुमार ने पदयात्रा की, लंबे...
दो टांग वाला गधा एक गधा था. इसे विधि की विडंबना कहिए या कुछ और कि उसके दो पैर और...
अब यह एक कड़वी सच्चाई बन चुका है कि भारत में दो सरकार समानान्तर सत्ता चला रही है. पहली सरकार...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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