ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

वास्तव में लोकतंत्र चाहिए किसको ? और परहेज किसको ?

वास्तव में लोकतंत्र चाहिए किसको ? और परहेज किसको ? हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना एक विमर्श आजकल...

मोदीनॉमिक्स : काला धन लाने वाले चीता लाकर आदिवासियों और 130 करोड़ लोगों को उसका आहार बना दिया

मोदीनॉमिक्स : काला धन लाने वाले चीता लाकर आदिवासियों और 130 करोड़ लोगों को उसका आहार बना दिया शुद्ध शाकाहारी...

पूंजीपति सरकारी संरक्षण में सरकारी पैसे से सरकारी संपत्तियां खरीदकर धनकुबेर बन रहे हैं

फर्ज कीजिए एक बगीचा है जिसका माली सारे छोटे-छोटे पौधों, घास, फूल, झाड़ी इत्यादि के हिस्से का खाद-पानी सिर्फ दो...

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