‘गायब होता देश’ और ‘एक्सटरमिनेट आल द ब्रूटस’
'गायब होता देश' और 'एक्सटरमिनेट आल द ब्रूटस' कुछ किताबें और फिल्में ऐसी होती हैं, जहां समय सांस लेता है....
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
'गायब होता देश' और 'एक्सटरमिनेट आल द ब्रूटस' कुछ किताबें और फिल्में ऐसी होती हैं, जहां समय सांस लेता है....
सूरज के पार काना हो जाता है मेरा शहर रोशनी के लट्टुओं के दिन लद गए हैं अब बित्ते भर...
प्रभा खेतान का स्त्रीवादी साहित्य सौंदर्य जगदीश्वर चतुर्वेदी कोलकाता की स्त्रीवादी इमेज का आईना है प्रभा खेतान का लेखन. वे...
वास्तव में लोकतंत्र चाहिए किसको ? और परहेज किसको ? हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना एक विमर्श आजकल...
मोदीनॉमिक्स : काला धन लाने वाले चीता लाकर आदिवासियों और 130 करोड़ लोगों को उसका आहार बना दिया शुद्ध शाकाहारी...
‘Stalin Waiting For ... The Truth’ 2010 में Timothy D. Snyder की एक किताब आयी थी - ‘Bloodlands’. इसमें बताया...
कार्टूनिस्ट-हेमन्त मालवीय कृष्णकांत 2014 में अडानी की संपत्ति थी लगभग 40 हजार करोड़ जो अब बढ़कर पहुंच गई है -...
जब मैंने यह लिखा था कि सेना में रहने वाले लोग अक्सर मानसिक रूप से विकृत हो जाते है क्योंकि...
आखिर 5जी तकनीक किसे चाहिए ? गिरीश मालवीय जब भी आप 5 जी तकनीक संबंधी लेख पढ़ेंगे तो सबसे पहले...
शिव वर्मा एक दिन प्रात: जब मैं कमरे में बैठा कालेज का काम पूरा कर रहा था तो सुना बाहर...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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