वे पांच थे
वे पांच थे निर्वासन में थे लेकिन पांडव नहीं थे उनकी हार भी चौसर के खेल में हुई थी...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
वे पांच थे निर्वासन में थे लेकिन पांडव नहीं थे उनकी हार भी चौसर के खेल में हुई थी...
यह वाकया 1994 का है. सिंगापुर की यात्रा पर गये पी. वी. नरसिंहराव वहां के पीएम के साथ साझा प्रेस...
विष्णु नागर भारत में आजकल केवल एक सत्यवादी बचा है - वन एंड ओनली सत्यवादी, बाकी 2014 के मध्य तक...
जगदीश्वर चतुर्वेदी जो लोग इतनी तबाही के बाद भी मोदी-मोदी के नशे में चूर हैं, उनके लिए हम तो यही...
अरबों से मुक़ाबला करने के लिए रवीश कुमार ने की अक्षय कुमार से अपील, लिखा पत्र आदरणीय अक्षय कुमार जी,...
मुग़लों से लोहा ले रहे प्रवक्ताओं को बीजेपी ने अरबों के दबाव में हटाया ? पैगंबर मोहम्मद साहब पर विवादित...
लॉकडाउन का एक डरावना-क्रूर चेहरा : गरीबों की साईकिल बेचकर यूपी सरकार कमाई 21 लाख रुपये प्रियदर्शन, एक्ज़ीक्यूटिव एडिटर, NDTV इंडिया...
मुक्तिबोध की दिग्विजयी यादें कनक तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता, उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ मुक्तिबोध को 1958 में साइंस काॅलेज रायपुर के प्रथम...
ब्राह्मणवादियों की यह प्रमुख विशेषता है कि वह अपने विरोधियों की हत्या करते हैं, फिर उसे बदनाम करते हैं. लेकिन...
जयचंद्र, जिन्हें जयचंद (1170-1194) के नाम से भी जाना जाता है, कन्नौज के एक गहड़वाल शासक थे. इन पर अक्सर...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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