भारत अब बुर्जुआ क्रांति के लिए तैयार है ?
सुब्रतो चटर्जी किसान आंदोलन की सापेक्षिक सफलता ने साबित किया है कि भारत अब बुर्जुआ क्रांति के लिए तैयार है....
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
सुब्रतो चटर्जी किसान आंदोलन की सापेक्षिक सफलता ने साबित किया है कि भारत अब बुर्जुआ क्रांति के लिए तैयार है....
एक धर्मनिरपेक्ष संविधान वाले देश की सरकार का नेतृत्व करने वाले प्रधानमंत्री ने राम मंदिर के निर्माण के उद्घाटन के...
वे कहीं नहीं जा रहे शासकों, तुम्हारी परीक्षा ले रहे हैं तुम्हें लोकतांत्रिक होने का एक और मौका दे रहे...
कृष्ण कांत विपक्ष ने सवाल किया - क्या हाल में 23 करोड़ भारतीय गरीबी रेखा से नीचे चले गए ?...
किसान जा तो रहे हो वो कीलें मोदी को देते जाना कहना रख लो फिर काम आएंगी. जा तो रहे...
गिरीश मालवीय जुलाई 2017 में नीति आयोग की मीटिंग में देश के सभी मुख्यमंत्रियों को संबोधित करते हुए उन्होंने (प्रधामंत्री...
ये तीन कहानियां तीन अलग अलग समाज की है लेकिन एक किरदार है जो तीनो में मौजूद है. उसे पहचानिये....
सौमित्र राय भारत की अर्थव्यवस्था दिन-ब-दिन बदहाली की तरफ बढ़ती जा रही है लेकिन बहुत कम लोगों को इसकी चिंता...
जब सवाल मंदिर आंदोलन का सबसे ज्यादा नुकसान का हो तब तीन दलित चेहरों को जरूर याद कर ले, क्योंकि संघ और...
रविश कुमार पेश है रवीश कुमार की नई कहानी. लेखक ने बिना पिए ही लिख डाली. कल पोस्ट करने के...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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