टूटे जूते
सिवाय अपनी छाया के मेरे पास कोई नहीं है इंटरनल मेमोरी लगभग भर गई है नेट सा स्लो मिनटों...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
सिवाय अपनी छाया के मेरे पास कोई नहीं है इंटरनल मेमोरी लगभग भर गई है नेट सा स्लो मिनटों...
गिरीश मालवीय बहुत शातिराना तरीके से पहले ऑनलाइन गेमिंग की लत लगाई गई और अब अपना असली उद्देश्य यह गेमिंग...
दुुनिया सहित भारत भी कोरोना महामारी की भयानक चपेट में है. तीसरी लहर की आशंका की चेतावनियां अकड़ रही हैं....
देश भर के किसान दिल्ली की बाहरी सीमा पर विराट प्रदर्शन कर रहे हैं क्योंकि केन्द्र की अपराधी और कॉरपोरेट...
मर गया आदमी भी तब तक नहीं मरता जब तक सरकार उसकी मृत्यु का प्रमाणपत्र न दे दे आदमी जिंदा...
भारत एक अर्ध-औपनिवेशिक, अर्ध-सामंती देश है तो इस देश में औपनिवेशिक स्थिति को बदलने वाली मुख्य ताकत किसान वर्ग और...
हम लड़ेंगे साथी, उदास मौसम के लिए हम लड़ेंगे साथी, ग़ुलाम इच्छाओं के लिए हम चुनेंगे साथी, ज़िन्दगी के टुकड़े...
गिरीश मालवीय अगर आप सुशांत वाले केस में रिया के रोल को देखे तो उसे मीडिया बिलकुल खलनायिका बनाकर प्रस्तुत...
जब संघी आरएसएस (रॉयल सीक्रेट सर्विस) में थे, तब अंग्रेजों की मुखबिरी करते थे और अब संघी आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयं...
1. नंगापन कहां से लाती हो इतना नंगापन ? ये अधखुली छातियां तीन चौथाई जांघें पतली लेस के उपर नीचे...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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