ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

वैक्सीन के नाम पर गिनीपिग बनने को तैयार रहिये

पं. किशन गोलछा जैन, ज्योतिष, वास्तु और तंत्र-मंत्र-यन्त्र विशेषज्ञ मेरे प्यारे भारतवासियों, वैक्सीन के नाम पर गिनीपिग बनने को तैयार...

सूत्र

कच्चा घड़ा काम का घड़ा नहीं होता घड़ा देखने में बस घड़ा होता है दरका हुआ पक्का घड़ा काम का...

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