ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

अर्णब का बचाव करना उनकी तमाम हिंसक और भ्रष्ट हरकतों को सही ठहराना हो जाएगा

रवीश कुमार, मैग्सेसे अवार्ड विजेता अन्तराष्ट्रीय पत्रकार अर्णब गोस्वामी सरकार पर सवाल उठाने वालों को नक्सल से लेकर राष्ट्रविरोधी कहते हैं. भीड़...

चुनावों में क्यों नहीं मुद्दा बन पाता काॅरपोरेट-संचालित उपनिवेशवाद

लोकतन्त्र में चुनावों का स्थान केन्द्रीय महत्त्व का होना चाहिए. उन्हें लोकतन्त्र के महान् पर्व के रूप में देखा जाना...

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