दिल्ली चुनाव का देवासुर संग्राम
गुरूचरण सिंह पारसी थियेटर की याद तो होगी ही. बिना माइक जोर-जोर से बोले जाने वाले नर्सरी राइम जैसे काव्यमय...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
गुरूचरण सिंह पारसी थियेटर की याद तो होगी ही. बिना माइक जोर-जोर से बोले जाने वाले नर्सरी राइम जैसे काव्यमय...
हेमन्त कुमार झा, एसोसिएट प्रोफेसर, पाटलीपुत्र विश्वविद्यालय, पटना यह कैसा वैचारिक द्वैध या विभ्रम है जिसमें भारत का मध्य वर्ग उसी...
यह लेख 2009 के आसपास आवेश तिवारी के द्वारा लिखी गई थी. यह लेख यह दिखाता है कि माओवादियों के...
गुरूचरण सिंह महिला जांच टीम भी हैरान रह गई. परसों ही खुलासा किया था मीडिया विजिल ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश...
गिरीश मालवीय 1. नोटबन्दी से जनता को मूर्ख बनाया : नोटबन्दी की एक बड़ी वजह मार्केट में 500 और हजार के...
आप पूछते हैं शाहीनबाग की फंडिंग कहांं से आ रही है ? कौन बिरयानी खिला रहा है ? कौन पानी...
रविश कुमार, मैग्सेस अवार्ड प्राप्त जनपत्रकार शाहीन बाग का धरना शांतिपूर्ण ही रहा, कोई हिंसा नहीं हुई फिर भी इस...
देश के विभिन्न राज्यों में भाजपा की करारी हारों के बाद दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करना भाजपा के...
देश की अर्थव्यवस्था में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. निकट भविष्य में भारतीय अर्थव्यवस्था विकट संकट की स्थिति...
भारत की केन्द्रीय सरकार ने भारतवासी को अशिक्षित बनाने की पूरी तैयारी कर ली है. आरएसएस की एजेंट यह केन्द्रीय...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.