ROHIT SHARMA

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'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

मुख्यधारा के नाम पर संघ के सांस्कृतिक साम्राज्यवाद का पर्दाफाश करने की जरूरत है

हिमांशु कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ता आदिवासियों को मुख्यधारा में लाना चाहिये. मुसलमानों को मुख्यधारा में लाना चाहिये. दलितों को मुख्यधारा में...

साम्राज्यवादी वैश्वीकरण के दौर में भगत सिंह के विचारों की प्रासंगिकता

अर्जुन प्रसाद सिंह, पीडीएफआइ प्रस्तुत आलेख अर्जुन प्रसाद सिंह द्वारा वर्षों पहले लिखी गयी थी, परन्तु भगत सिंह के विचारों पर...

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