मैं आज भी उसका हूं…
चलूंगी न आपके साथ वहां जहां आसमान झुकता है ज़मीन पर और हरेक मौसम रहता है सूखे से महफ़ूज़ जहां...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
चलूंगी न आपके साथ वहां जहां आसमान झुकता है ज़मीन पर और हरेक मौसम रहता है सूखे से महफ़ूज़ जहां...
प्रस्तुत आलेख 'पुनरभियान सांस्कृतिक मंच के द्वारा जारी किया गया एक पर्चा है, जो हमलावर पूंजीवादी-साम्राज्यवादी संस्कृति के खिलाफ एक...
ख़बर है कि महिला दिवस की शुभकामनाओं के बीच किसी भी महिला ने हरेक दिन कुछ दर्जन की औसत से...
'देश के गद्दारों को- गोली मारो सालों को' - डायर चीखा !! सिख, गुरखा और सिंध के आज्ञाकारी योद्धाओं ने...
बिहार के लोग मोदी नहीं, मुद्दे को पसंद करते हैं - राजद जनविश्वास महारैली की जबरदस्त सफलता से राजद समेत...
मुगल-ए-आजम’ की ‘बहार’ निगार सुलताना ने मोहब्बत भी शिद्दत से की और नफरत भी 1949 में आई फिल्म ‘पतंगा’ का...
नौकरी का सवाल : मोदी का जुमला बनाम राहुल की गारंटी युवाओं को हर साल दो करोड़ नौकरी देने का...
2024 का चुनाव (?) भारत के इतिहास में सबसे ज़्यादा हिंसक और धांधली से होने की प्रचंड संभावनाओं से लैस...
ब्रिटिश उपनिवेशवाद के चरम पर लगभग 100 मिलियन लोग समय से पहले मर गए. यह मानव इतिहास में सबसे बड़े...
एक हाहाकारी सत्य कथा : गब्बर वर्सेज नेहरू ... माननीय श्री गब्बर सिंह 1926 में पैदा हुए थे. मामाजी के...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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