फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ के जन्मदिन पर : जज़्बे और जुस्तजू का शायर !
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ के जन्मदिन पर : जज़्बे और जुस्तजू का शायर ! मनीष आजाद 'नहीं निगाह में मंज़िल तो...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ के जन्मदिन पर : जज़्बे और जुस्तजू का शायर ! मनीष आजाद 'नहीं निगाह में मंज़िल तो...
वैलेण्टाइन डे पर खास : प्रेम में स्टैंड लेना जरूरी है ! लहर रही शशिकिरण चूम निर्मल यमुनाजल, चूम सरित...
राम अयोध्या सिंह अपने के नाम पर हर कोई अपनी गंदगी, गलतियों, स्वार्थों और भ्रष्टाचार को न सिर्फ छुपाता रहा...
लोहिया और जेपी जैसे समाजवादियों ने अछूत जनसंघ को राजनीतिक स्वीकार्यता दी सुब्रतो चटर्जी नागार्जुन इतने बड़े समाजवादी जनकवि थे....
16 फरवरी को ग्रामीण भारत बंद का अपील किया है किसान-मजदूरों का संयुक्त मोर्चा ने मोदी की अहंकारी फासिस्ट सत्ता...
होलोकास्ट बनाम 'होलोकास्ट इंडस्ट्री'... मनीष आजाद 'मुझे लगता है कि होलोकास्ट को बेचा जा रहा है, जबकि जरूरत उससे सबक...
'चौरी चौरा' विद्रोह : जनता की बगावत को सलाम ! मनीष आजाद 'मैं 'चौरी-चौरा' की घटना में भारत में फ्रांसीसी...
आगामी लोकसभा चुनाव में जीत के लिए फासिस्ट इतना बेताब क्यों है ? विनोद शंकर लालकृष्ण आडवाणी के रथ यात्रा...
एक नंबर के दंगाई ने दो नंबर के दंगाई को बचाया फिर दो नंबर के दंगाई ने एक नंबर के...
लाल तंबू के नीचे जब होश आया तो मैंने अपने आजू बाज़ू दोनों बिस्तर में पड़ी दो लाशों को देखा...
'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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