ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

बच्चे…

बच्चे भूख से मरते हैं बच्चे बिमारी से मरते हैं बच्चे कभी सांप या बिच्छू के काटने से मरते हैं...

सारी दुनिया जब विज्ञान के सहारे आगे बढ़ रही है, आरएसएस और भाजपा देश को अंधकार में ले जा रहा है

हिमांशु कुमार जब सारी दुनिया के बच्चे आधुनिक ज्ञान विज्ञान तर्क और तकनीक में आगे जा रहे हैं, तब मैं...

राजा नंगा है

वो डरता है बंदूकधारी सुरक्षाकर्मियों के घेरों के बावजूद वो डरता है मज़बूत किले में हिफाज़त के बावजूद वो डरता...

…इसीलिए वास्कोडिगामा का भूत लक्षद्वीप के समुद्र तटों पर भटकता दिखाई देता है

वास्कोडिगामा का भूत लक्षद्वीप के समुद्र तटों पर भटकता दिखाई देता है विजय दिगम्बर बचपन से ही खोजी बनना चाहता...

सावित्रीबाई फुले की बेटी (शिष्या) मुक्ता साल्वे, पहली दलित लेखिका का निबंध : ‘मंग महाराच्या दुखविसाई’

यह निबंध दलित लड़की 'मुक्ताबाई' द्वारा लिखा गया है, जो सावित्रीबाई और जोतीराव फुले द्वारा पुणे में स्थापित विद्यालय में...

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