एक लड़की आती है और मेरे कंधे लग कर रोती है मेरा कोई नहीं रहा न बाप न भाई न...
Read moreDetailsउन्होंने मारे और-और मारे और, और, और मारे लोग उन्होंने मारने में 50 से भी ज्यादा साल लगा दिए फिर...
Read moreDetailsजब किसी को श्रेष्ठता का पाठ पढ़ाकर, श्रेष्ठताबोध से भर दिया जाय, गर्व करने के लिए सिर पर, धर्म और...
Read moreDetailsमेरा एक दोस्त अक्सर कहता था कि कौमी एकता की बातें सिर्फ़ कहने में ही अच्छी लगती हैं. मुसलमानों के...
Read moreDetailsपढाईये बच्चों को कि द्रोण गुरु श्रेष्ठ थे बना दिजीये रोबोट बच्चों को दिमागों में चिप डाल दीजिए कहानियों की...
Read moreDetailsउधड़े आख़िरश जाना ही पड़ा उसके घर तक मन तो नहीं था लेकिन पांव ले गये मन आदतें नहीं पालता...
Read moreDetailsसूट पहन कर बैठी, कंप्यूटर पर खड़बड़ करती, ग्राहकों के पासबुक छापती, वो बैंक वाली लड़की. कभी कैश में बैठकर,...
Read moreDetailsगोरख पांडे भाइयो और बहनो ! अब यह आलीशान इमारत बन कर तैयार हो गई है अब आप यहां से...
Read moreDetailsवे कहीं नहीं जा रहे शासकों, तुम्हारी परीक्षा ले रहे हैं तुम्हें लोकतांत्रिक होने का एक और मौका दे रहे...
Read moreDetailsकिसान जा तो रहे हो वो कीलें मोदी को देते जाना कहना रख लो फिर काम आएंगी. जा तो रहे...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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