Friday, April 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home लघुकथा

कस्टमर-बैंक मैनेजर संवाद

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
March 23, 2022
in लघुकथा
0
3.2k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

कस्टमर : जन धन में खाता खुलवाना है… !
बैंक मैनेजर : खुलवा लो…!

कस्टमर : क्या ये जीरो बैलेंस में खुलता है…..?
बैंक मैनेजर : (मन ही मन में … साला पता है फिर भी पूछ रहा है) हाँ जी, फ्री में खुलवा लो…!

You might also like

कथाकार व उपन्यासकार कैलाश वनवासी का समकालीन कथा साहित्य में एक जरूरी हस्तक्षेप

UPSC में 301वां रैंक को लेकर जब आकांक्षा सिंह के सपने में आया ब्रह्मेश्वर सिंह

एन्काउंटर

कस्टमर : इसमें सरकार कितना पैसा डालेगी ?
बैंक मैनेजर : जी अभी तो कुछ पता नहीं….!

कस्टमर : तो मैं ये खाता क्यों खुलवाऊँ ?
बैंक मैनेजर : जी मत खुलवाओ….!

कस्टमर : फिर भी सरकार कुछ तो देगी…?
बैंक मैनेजर : आपको फ्री में ATM CARD दे देंगे…..!!

कस्टमर : जब उसमे पैसा ही नहीं होगा तो एटीएम का क्या करूँगा ?
बैंक मैनेजर : पैसे डलवाओ भैया, तुम्हारा खाता है…!

कस्टमर : मेरे पास पैसा होता तो मैं पहले नहीं खुलवा लेता, तुम खाता खोल रहे हो तो तुम डालो न पैसे…!
बैंक मैनेजर : अरे भाई सरकार खुलवा रही है…!

कस्टमर :- तो ये सरकारी बैंक नहीं है ?
बैंक मैनेजर : अरे भाई सरकार तुम्हारा बीमा फ्री में कर रही है, पुरे एक लाख का.

कस्टमर : (खुश होते हुए) अच्छा तो ये एक लाख मुझे कब मिलेंगे ?
बैंक मैनेजर : (गुस्से में) जब तुम मर जाओगे तब तुम्हारी बीबी को मिलेंगे…!

कस्टमर : (अचम्भे से) तो तुम लोग मुझे मारना चाहते हो ? और मेरी बीबी से तुम्हारा क्या मतलब है ?
बैंक मैनेजर : अरे भाई ये हम नहीं सरकार चाहती है…!

कस्टमर : (बीच में बात काटते हुए) तुम्हारा मतलब सरकार मुझे मारना चाहती है ?
बैंक मैनेजर : अरे यार मुझे नहीं पता, तुमको खाता खुलवाना है या नहीं ?

कस्टमर : नहीं पता का क्या मतलब ? मुझे पूरी बात बताओ.
बैंक मैनेजर : अरे अभी तो मुझे भी पूरी बात नहीं पता, मोदी ने कहा कि खाता खोलो तो हम खोल रहे हैं…!

कस्टमर : अरे नहीं पता तो यहां क्यों बैठे हो ? (जन धन के पोस्टर को देखते हुए) अच्छा ये 5000 का ओवरड्राफ्ट क्या है ?
बैंक मैनेजर : मतलब तुम अपने खाता से 5000 निकाल सकते हो.

कस्टमर : -(बीच में बात काटते हुए) ये हुई ना बात ! ये लो आधार कार्ड, 2 फोटो और निकालो 5000…!
बैंक मैनेजर : अरे यार ये तो 6 महीने बाद मिलेंगे…!

कस्टमर : मतलब मेरे 5000 का इस्तेमाल 6 महीने तक तुम लोग करोगे…!
बैंक मैनेजर : भैया ये रुपये ही 6 महीने बाद आएंगे…!

कस्टमर : झूठ मत बोलो, पहले बोला कि कुछ नहीं मिलेगा, फिर कहा एटीएम मिलेगा, फिर बोला बीमा मिलेगा, फिर बोलते हो 5000 रुपये मिलेंगे, फिर कहते हो
कि नहीं मिलेंगे, तुम्हे कुछ पता भी है ?

बैंक मैनेजर बेचारा : अरे मेरे बाप कानून की कसम. भारत माँ की कसम, मैं सच कह रहा हूँ, मोदी जी ने अभी कुछ नहीं बताया है,….तुम चले जाओ,… खुदा की कसम, …तुम जाओ, ….मेरी सैलरी इतनी नहीं है कि … एक साथ ब्रेन हैमरेज और हार्ट अटैक दोनो का ईलाज करवा सकूं…!

  • मनीष सिंह

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

Donate on
Donate on
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

आदमी को कुत्ता समझने और बनाने की संघी परंपरा रही है

Next Post

कश्मीरी पंडितों का दर्द, कश्मीर का सच , कश्मीर फाइल, नरसंहार और फ़िल्म

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

लघुकथा

कथाकार व उपन्यासकार कैलाश वनवासी का समकालीन कथा साहित्य में एक जरूरी हस्तक्षेप

by ROHIT SHARMA
March 17, 2026
लघुकथा

UPSC में 301वां रैंक को लेकर जब आकांक्षा सिंह के सपने में आया ब्रह्मेश्वर सिंह

by ROHIT SHARMA
March 11, 2026
लघुकथा

एन्काउंटर

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
लघुकथा

धिक्कार

by ROHIT SHARMA
February 14, 2026
लघुकथा

मैं रहूं न रहूं, पर लड़ाई ज़िंदा रहेगी : एक अपरिचय से परिचय तक की दहला देने वाली मुलाक़ात

by ROHIT SHARMA
February 7, 2026
Next Post

कश्मीरी पंडितों का दर्द, कश्मीर का सच , कश्मीर फाइल, नरसंहार और फ़िल्म

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

कुछ करना था

August 4, 2022

आर्तग़ाल ग़ाज़ी : एक फ़ासीवादी सीरियल

July 30, 2020

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026
गेस्ट ब्लॉग

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

दस्तावेज़ :  ईरान की तुदेह पार्टी का संक्षिप्त इतिहास

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

अगर अमेरिका ‘कब्ज़ा’ करने के मक़सद से ईरान में उतरता है, तो यह अमेरिका के लिए एस्केलेशन ट्रैप साबित होगा

March 28, 2026
गेस्ट ब्लॉग

ईरान की तुदेह पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक का प्रस्ताव

March 28, 2026
कविताएं

विदेशी हरामज़ादों का देसी इलाज !

March 22, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

दिल्ली में FACAM के द्वारा आयोजित कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ताओं पर दिल्ली पुलिस के आक्रामकता के खिलाफ बयान

April 16, 2026

व्लादिमीर लेनिन का लियोन ट्रॉट्स्की के बारे में क्या मत था !

March 28, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.