Friday, August 7, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

हां मैं नंगा हूं क्योंकि आप इस देश को नंगा कर रहे हैं

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
October 13, 2020
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

हां मैं नंगा हूं क्योंकि आप इस देश को नंगा कर रहे हैं

मेक्सिको की संसद में एक सदस्य ने ऊर्जा के निजीकरण के ऐतिहासिक विधेयक पर रात भर चली बहस के दौरान सदन में इसका विरोध करते हुए अपने सारे कपड़े उतार दिये थे. यह बात 12 दिसम्बर, 2013 की है.

You might also like

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

इस सांसद का नाम था एन्टोनियो गार्सिया कोनेजो और वे लेफ़्टिस्ट डेमोक्रेटिक रिवॉल्यूशन पार्टी के नेता थे. मतदान से पहले बिल के विरोध में बोलते हुए कोनेजो ने एक-एक कर अपने सारे कपड़े उतार दिये. उनके शरीर पर अब केवल एक अंडरवियर बच गया था.

मेक्सिको अमेरिका को सर्वाधिक कच्चा तेल निर्यात करने वाले पांच देशों में से एक था और वह प्रतिदिन 1 मिलियन बैरल से अधिक तेल निर्यात करता था. ऊर्जा बिल के विरोधियों का कहना था कि इस नये बिल के पारित होने के बाद मेक्सिको के तेल भंडार पर एक बार फिर से बहुराष्ट्रीय कंपनियों, विशेष रूप से अमेरिका का एकाधिकार स्थापित हो जायेगा, जैसा 1938 से पहले हुआ करता था.

वामपंथी सांसदों ने बिल पर चर्चा को रोकने के लिये पहले सदन के मुख्य कक्ष के प्रवेश द्वार को कुर्सियों और मेज़ों से अवरुद्ध करने का प्रयास किया. जब बहस को दूसरे कमरे में ले जाया गया, तब उन्होंने इस चर्चा को अगले 20 घंटों तक खींचा, ताकि पूर्ण बहुमत वाली सरकार को यह बिल पारित करने से रोका जा सके.

निजीकरण के विरूद्ध सांसद एन्टोनियो गार्सिया कोनेजो

वे मेक्सिको के झंडे को लहराते हुए लगातार सदन में नारे लगा रहे थे : ‘हमारा देश बिक्री के लिये नहीं है ! हमारे देश को बचाया जाना चाहिये !’ सदन की कार्यवाही ने एक अजीब मोड़ ले लिया जब सुबह होने से ठीक पहले गार्सिया कोनेजो अपना विरोध जताने के लिये पोडियम पर आये. उन्होंने अपना सूट और टाई फाड़ कर फेंक दिया और बोलना शुरू किया –

‘… आपको मुझे इस तरह नग्न देख कर शर्म आती है, लेकिन आपको अपने ही देशवासियों को सड़कों पर नग्न, नंगे पैर, हताश, बेरोज़गार और भूखे-प्यासे देख कर शर्म क्यों नहीं आती ? आपने उनके सारे पैसे और धन की चोरी की है … आपने उनको नंगा कर दिया है…’

यह बिल 134 के मुक़ाबले 353 मतों से पारित हो गया था, और इसने मेक्सिको की इन्स्टीट्यूशनल रिवॉल्यूशनरी पार्टी की सरकार को 1938 के बाद पहली बार यह अधिकार दे दिया था कि वह विदेशी और देशी निजी कंपनियों को मेक्सिको के तेल एवं गैस भंडारों की खोज और विस्तार का लाइसेंस प्रदान कर सकती थी, जिसे मेक्सिको के संविधान ने प्रतिबंधित कर रखा था.

तेल और गैस के प्राकृतिक भंडारों के निजीकरण का आगे चल कर मेक्सिको की अर्थव्यवस्था पर कैसा प्रभाव पड़ा, इस पर बहस हो सकती है, पर वामपंथी सांसदों और गार्सिया कोनेजो के उस साहसिक विरोध ने जनता के पक्ष में संघर्ष की एक नयी और अमिट इबारत लिख दी थी, इसको लेकर कोई सन्देह नहीं है.

आज भारत में भी सरकार प्रचंड बहुमत के ज़ोर पर एक से बढ़ कर एक जनविरोधी कानून संसद में पारित कराती जा रही है, पर विपक्ष विरोध के नाम पर केवल टोकेनिज़्म और रस्मअदायगी करता हुआ ही दिखायी पड़ता है.

  • राजेश चन्द्र

Read Also –

जनता अपने सपनों को ढूंढने में लगी है और प्रधानमंत्री नई जनता
कम्पनी राज : आइए, अपनी नई गुलामी का स्वागत करें
मोदी सरकार के तीन कृषि अध्यादेश : किसानों के गुलामी का जंजीर
मोदी कैबिनेट द्वारा पारित कृषि संबंधी अध्यादेश लागू हुए तो कंपनियों के गुलाम हो जाएंगे किसान
खतरनाक है सरकारी संस्थानों को बेचकर लूटेरों के निजीकरण का समर्थन
ये मोदी सरकार नहीं, अडानी और अम्बानी की सरकार है 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे…]

Previous Post

चे : प्रेम कहानियां सबकी होती हैं

Next Post

जम्मू कश्मीर का विभाजन ग़ैर क़ानूनी – चीन

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

by ROHIT SHARMA
July 27, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
Next Post

जम्मू कश्मीर का विभाजन ग़ैर क़ानूनी - चीन

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

घाटी में आतंक रोकने की जिम्मेदारी किसकी है ?

October 21, 2021

उत्पीड़ित जातियों का उत्पीड़ित वर्ग ही क्रान्तिकारी आंदोलन का झंडा थाम सकता है

August 15, 2024

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

गेस्ट ब्लॉग

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

July 27, 2026
Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

विश्व सर्वहारा क्रांति के दो नये गद्दार : विश्व विजय और सीमा

July 27, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.