Friday, July 24, 2026
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय
No Result
View All Result
Pratibha Ek Diary
No Result
View All Result
Home गेस्ट ब्लॉग

जनता के साथ मोदी से ज्यादा क्रुर मजाक और कोई कर भी नहीं सकता

ROHIT SHARMA by ROHIT SHARMA
April 22, 2023
in गेस्ट ब्लॉग
0
3.3k
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter
जनता के साथ मोदी से ज्यादा क्रुर मजाक और कोई कर भी नहीं सकता
जनता के साथ मोदी से ज्यादा क्रुर मजाक और कोई कर भी नहीं सकता
राम अयोध्या सिंह

संघ और भाजपा ने यह साबित कर दिया है कि राजनीति दुनिया का सबसे गंदा और घृणित धंधा है, और राजनीतिज्ञ सबसे घृणित, सबसे गये-गुजरे और पतित प्राणी हैं, और सरकार महज लूटेरों, भ्रष्टाचारियों, हत्यारों और माफियाओं का गिरोह है, जो अपने हित के लिए जनता की गाढ़ी कमाई येन-केन प्रकार से लूटने की क्षमता रखती है, और इस लूट का औचित्य भी सिद्ध करती है.

पर, अपनी इस हकीकत पर परदा डालने के लिए ही संघ और भाजपा धर्म और राष्ट्र कि नगाड़ा पीटते रहते हैं, जबकि सच्चाई यही है कि न तो इन्हें धर्म से मतलब है और न ही राष्ट्र से. धर्म और राष्ट्र इनके लिए वैसे साधन हैं, जिनके माध्यम से वे लोगों को झांसे में रखकर उन्हें लूटते हैं और वे जयश्रीराम का नारा लगाते हुए इनका जयगान करते हैं.

You might also like

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

कल शुक्रवार को नई दिल्ली में आईएसए अधिकारियों को 16 वें लोक सेवा दिवस के अवसर पर संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश और देशवासियों के साथ अब तक का सबसे बड़ा मजाक किया. उन्होंने बड़े ही गर्व के साथ कहा कि प्रशासनिक अधिकारी इस बात को जरूर देखें कि सत्ता में बैठे राजनीतिक दल सरकारी धन का इस्तेमाल देश के विकास के लिए कर रहे हैं या अपने दल के विस्तार में प्रयोग कर रहे हैं या फिर वोट बैंक बनाने के प्रयास में उसे लूटा रहे हैं.

उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रनिर्माण में अधिकारियों की महती भूमिका है, और यदि उन्होंने अपनी भूमिका का निर्वहन उचित तरीके से नहीं किया तो देश का धन लूट जाएगा, करदाताओं के पैसे बर्बाद हो जायेंगे और युवाओं के सपने चकनाचूर हो जायेंगे. उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि उन्हें यह देखना होगा कि सत्तासीन राजनीतिक दल सरकारी पैसे से अपना प्रचार कर रहा है या ईमानदारी से लोगों को जागरूक कर रहा है, अपने कार्यकर्ताओं को विभिन्न संस्थाओं में नियुक्त कर रहा है या सबको पारदर्शी रूप से नौकरी में आने का अवसर दे रहा है.

मोदी जी ने अमृतकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार के कामकाज की बदौलत भारत आज बहुत ऊंची छलांग लगाने के लिए तैयार है, और विश्व पटल पर विशिष्ट भूमिका में आया है. मेरी समझ में भारत और भारतीयों के साथ इससे बड़ा, इससे घृणित और क्रुर मजाक और कुछ भी नहीं हो सकताऋ

देश की जनता को यह अब बतलाने की जरूरत नहीं है कि अपने अब तक के कार्यकाल में मोदी सरकार ने अपने, अपनी पार्टी और अपने संगठन के हितों की पुर्ति के अलावा भी कुछ किया हो, यह किसी को भी मालूम नहीं है. आंख मूंदकर जनता के टैक्स के पैसे को अपने व्यक्तिगत, पार्टी और संगठन और उनसे जुड़े लोगों के लिए दोनों हाथों से खुलकर लुटाया गया है.

अपने खुद के रहन-सहन, शौक, सुख-सुविधाओं, भोग-विलास, विदेश यात्रा, आठ हजार करोड़ रुपये का व्यक्तिगत हवाई जहाज, पार्टी के लिए चुनावी रैलियां और रोड शो से लेकर राज्यों में पार्टी विधायकों की संख्या कम रहने पर दूसरे दलों के विधायकों की खरीद-फरोख्त करने और पूरे देश के जिला मुख्यालयों में भव्य, शानदार और आधुनिक सुविधाओं से लैस पार्टी कार्यालयों का अंधाधुंध निर्माण इनकी कारगुजारियों के सबूत हैं.

अपने संगठन और पार्टी के लोगों को न्यायपालिका, संवैधानिक संस्थाओं, केन्द्रीय सेवाओं, विश्वविद्यालयों से लेकर खेलकूद और साहित्य तक में गलत और मनमाने तरीके से नियुक्त करना भी लोगों को पता है.

सच में, जनता के साथ मोदी जी से ज्यादा क्रुर मजाक और कोई कर भी नहीं सकता. गरीबी, महंगाई, भूखमरी, बेरोजगारी, मजदूरों और किसानों की लूट, देश की संपत्ति, संपदा और प्राकृतिक संसाधनों को अडानी और अंबानी के हाथों कौड़ियों के मोल बेचना भी सबको मालूम है. संसद में अब भी यह प्रश्न खड़ा है कि अडानी की शेल कंपनियों में 20,000 करोड़ रुपये किसके हैं ? शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों से भी आम आदमी को वंचित करना भी क्या राष्ट्रनिर्माण है ?

यह कौन-सी ऊंची छलांग है कि आज भारत विकास के मामले में अफ्रीका के दक्षिण सूडान, अंगोला, बुरुंडी और सोमालिया जैसे राज्यों की श्रेणी में शामिल है ! भारत आज एशिया का सबसे भ्रष्ट देश घोषित हो चुका है. पत्रकारों पर हमले और पत्रकारिता पर नियंत्रण के मामले में दुनिया के 180 देशों में भारत 126 वें स्थान पर है. महिलाओं के लिए भारत दुनिया का अफगानिस्तान के बाद दुनिया का सबसे खराब देश माना गया है.

लोगों की खुशहाली के मामले में भारत दुनिया में 105 वें नंबर पर है, जो दक्षिण एशिया में भी मालदीव और अफगानिस्तान के बराबर ही है. दुनिया के तीन सौ विश्वविद्यालयों में भारत का एक भी विश्वविद्यालय शामिल नहीं है. विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष का भारत पर ऋण बढ़कर 51 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 126 लाख करोड़ रुपये हो गये हैं.

2009 में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से घटकर आज भारत विकासशील देशों की सूची से भी बाहर कर दिया गया है. अब इनके अलावा भी विनाश का कोई पैमाना होता हो, तो मैं नहीं जानता. मोदी जी का विकास का क्या पैमाना है, यह तो वही जाने. हो सकता है कि विनाश को ही उन्होंने विकास मान लिया हो, ऐसे में मैं कुछ नहीं कह सकता.

Read Also –

मोदी सरकार ने सबसे ज़्यादा महिलाओं का ख़्याल रखा है !
बेशर्म अमित शाह ने कहा – ‘मोदी चाय वाला, गरीब आदमी’, लोगों का फूटा आक्रोश
सुप्रीम कोर्ट को माध्यम बनाकर भारत को फिर से गुलाम बना रही है मोदी सरकार ?
जुमले हैं जुमलों का क्या : 2022 तक लिए गये मोदी के जुमले
हिटलर के ‘समग्र राज्य’ की अवधारणा पर चलती मोदी सरकार 

[ प्रतिभा एक डायरी स्वतंत्र ब्लाॅग है. इसे नियमित पढ़ने के लिए सब्सक्राईब करें. प्रकाशित ब्लाॅग पर आपकी प्रतिक्रिया अपेक्षित है. प्रतिभा एक डायरी से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर हैण्डल पर फॉलो करे… एवं ‘मोबाईल एप ‘डाऊनलोड करें ]

scan bar code to donate
scan bar code to donate
Pratibha Ek Diary G Pay
Pratibha Ek Diary G Pay
Previous Post

मनीष कश्यप प्रकरण : मीडिया, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून और सांप्रदायिक राजनीति

Next Post

मेरी कविता तुम्हें पाने का एक बेसुरा प्रयास भर है

ROHIT SHARMA

ROHIT SHARMA

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Related Posts

गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

by ROHIT SHARMA
July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

by ROHIT SHARMA
July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

लोकतंत्र के अंतिम किले का पतन : भाजपा की ढाल बना चुनाव आयोग

by ROHIT SHARMA
June 16, 2026
Next Post

मेरी कविता तुम्हें पाने का एक बेसुरा प्रयास भर है

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended

मान लिया कि प्रशांत किशोर अभिनेता है लेकिन…

January 7, 2025

चुनाव बाद पेट्रोल, डीजल के दाम बढ़ेंगे यानी मंहगाई बढ़ेगी ?

February 20, 2022

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Don't miss it

Uncategorized

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
गेस्ट ब्लॉग

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 1, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026
Uncategorized

‘ऑपरेशन कगार के खिलाफ और भारत में जनयुद्ध के समर्थन में लामबंदी जारी रखें’ – ICSPWI इटली

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

क्या कम्युनिस्ट पार्टी ने वास्तव में सुभाष चन्द्र बोस को ‘तोजो का कुत्ता’ कहा था ?

July 12, 2026
गेस्ट ब्लॉग

जाति का सवाल वर्ग संघर्ष का ही एजेंडा है !

July 20, 2026

About Pratibha Ek Diary

'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.

Categories

  • Subroto's Corner
  • Uncategorized
  • आभा का पन्ना
  • कविताएं
  • गेस्ट ब्लॉग
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा

Recent News

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 3 : उत्तर समन्वय समिति, सीपीआई माओवादी

July 22, 2026

उत्तर-आधुनिक अवसरवाद, भाग – 2, उत्तर समन्वय समिति (एनसीसी), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)

July 20, 2026

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.

No Result
View All Result
  • ब्लॉग
  • गेस्ट ब्लॉग
  • युद्ध विज्ञान
  • लघुकथा
  • पुस्तक / फिल्म समीक्षा
  • कविताएं
  • ई-पुस्तकालय

© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.