ऑपरेशन कागार का एक वर्ष : 1910 के भूमकाल विद्रोह के बाद से बस्तर के इतिहास का सबसे खूनी वर्ष
ऑपरेशन कागार का एक वर्ष : 1910 के भूमकाल विद्रोह के बाद से बस्तर के इतिहास का सबसे खूनी वर्ष...
Read moreDetailsऑपरेशन कागार का एक वर्ष : 1910 के भूमकाल विद्रोह के बाद से बस्तर के इतिहास का सबसे खूनी वर्ष...
Read moreDetailsअगर गांवों और शहरों में कहीं बदलाव की मांग कर रहे कुछ सैकड़ों या हजारों गरीब लोगों से हथियार छीन...
Read moreDetailsमैं हैरान हूं कि औरत ने … (महादेवी वर्मा की कविता) मैं हैरान हूं यह सोचकर, किसी औरत ने क्यों...
Read moreDetailsकहानी के बाहर नहीं होता कहानी का शिल्प । चित्र- अनुप्रिया प्रियदर्शन कहानियां इंसानी सभ्यता की सबसे पुरानी दोस्त रही...
Read moreDetailsबस्तर में 12 नहीं 18 माओवादी गुरिल्ले हुए हैं शहीद, मार डाले गये 5 पुलिस, दर्जनों घायल केन्द्र में हिन्दुत्ववादी...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
© 2026 Pratibha Ek Diary. All Rights Reserved.