पुलिस
मैंने आदिवासी से पूछा - ‘तुम्हारे घर में दरवाज़ा नहीं है ? क्या इधर चोर नहीं आते ?' उसने कहा...
Read moreDetailsमैंने आदिवासी से पूछा - ‘तुम्हारे घर में दरवाज़ा नहीं है ? क्या इधर चोर नहीं आते ?' उसने कहा...
Read moreDetailsमाओवादियों के बटालियन से मुठभेड़, 12 की मौत और आजादी की कीमत किसी ने पूछा था कि भारत की आजादी,...
Read moreDetailsन्यूटन का नियम और दुनिया की मशहूर बैंक डकैतियां जी हां, लगातार चुनावी बकझक और राजा बाबू के सुरंग एडवेंचर...
Read moreDetailsभारत की तथाकथित आज़ादी के 75 सालों के बाद भी लड़ाई देश की मेहनतकश जनता और देश के लुटेरे कॉरपोरेट...
Read moreDetailsउर्सुला सुनो उर्सुला हमें जीना ऐसे नहीं ऐसे था! बसाना था अपना एक मकांदो बेतरह! छींट देने थे एक मुट्ठी...
Read moreDetails'प्रतिभा एक डायरी' दुनिया के किसी भी हिस्से में उत्पीड़ित, शोषित जनता द्वारा शोषण उत्पीड़न के खिलाफ, साम्राज्यवादी लूट के खिलाफ, जाति, धर्म, नस्ल, क्षेत्र, लिंग के आधार पर हो रहे जुल्म के खिलाफ बुलंद किए गए आवाज का पक्षधर है. इस वेबसाइट पर प्रकाशित किसी भी रचना को जनहित में किसी भी भाषा में, अंशतः या पूर्णत: प्रकाशित किया जा सकता है. अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है.
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